जी. किशन रेड्डी ने केरल के लोगों को भेजा पत्र, रेवंत रेड्डी के वादों पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- जी. किशन रेड्डी ने केरल के लोगों को फर्जी वादों के बारे में चेतावनी दी।
- कांग्रेस ने कई वादों का किया था प्रचार, लेकिन परिणाम शून्य रहे।
- केरल के नागरिकों को सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने की सलाह दी गई।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने केरल के निवासियों के नाम एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए 'फर्जी वादों' का उल्लेख किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि केरल अपने शिक्षित और जागरूक नागरिकों के लिए प्रसिद्ध है, जो मतदान से पहले सोच-समझकर निर्णय लेते हैं। आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान कई नेता केरल आएंगे और विभिन्न वादे करेंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 1 अप्रैल को केरल का दौरा किया था, लेकिन उनकी बातें स्थानीय लोगों पर प्रभाव नहीं डाल पाईं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है और जनता उनका समर्थन कर रही है।
जी. किशन रेड्डी ने लिखा, "मैं एक केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना का सांसद होने के नाते वहां की स्थिति को निकटता से देख चुका हूं। कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में आने के लिए 6 गारंटी और 420 से अधिक वादों का प्रचार किया था, जो किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए थे। ये वादे पूरी तरह से फर्जी साबित हुए हैं।"
उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये और खेत मजदूरों को 12,000 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन कई फसल सीजन बीत जाने के बावजूद किसी भी किसान को यह सहायता नहीं मिली। कर्ज माफी का वादा भी किया गया था, लेकिन लगभग 40 लाख किसान अभी भी इसके इंतजार में हैं। सरकार अब कह रही है कि उसके पास पैसे नहीं हैं।
इसके साथ ही, महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये, शादी के लिए सोना और आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक किसी भी महिला को इसका लाभ नहीं मिला। छात्रों को 25 लाख रुपये तक की सहायता देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह भी लागू नहीं हुई। युवाओं को पहले वर्ष में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन नई भर्तियां नहीं हुईं।
जी. किशन रेड्डी ने कई योजनाओं को केवल वादों तक सीमित रखने का आरोप लगाते हुए केरल के निवासियों से कहा है कि तेलंगाना का अनुभव हमें सिखाता है कि चुनाव के समय किए गए वादे सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन बिना सही योजना और पैसे के वे पूरे नहीं होते। इसलिए ऐसे वादों पर भरोसा करने से पहले यह देखना आवश्यक है कि जहां पहले ऐसे वादे किए गए, वहां क्या हुआ। केवल अखबारों के विज्ञापनों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने लिखा, "मैं केरल के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे सही जानकारी के आधार पर समझदारी से निर्णय लें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही एक ऐसा विकल्प है, जिसने केरल के लोगों के लिए काम किया है। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि भाजपा और उसके सहयोगियों को सेवा का अवसर दें।"