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तेलंगाना सरकार का बड़ा फैसला: पिछड़े वर्ग की महिलाओं को मिलेंगी मुफ्त ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें

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तेलंगाना सरकार का बड़ा फैसला: पिछड़े वर्ग की महिलाओं को मिलेंगी मुफ्त ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें

सारांश

तेलंगाना सरकार ने पिछड़े वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में १,००० महिलाओं को १००% सब्सिडी पर ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें देने का ऐलान किया है। इससे राज्यभर में लगभग १.१९ लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने पिछड़े वर्ग (बीसी) की महिलाओं को १००% सब्सिडी पर ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें देने की घोषणा की।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में १,००० महिलाओं को लाभ मिलेगा — राज्यभर में कुल लगभग १.१९ लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी।
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोनम प्रभाकर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
चयन प्रक्रिया जिला कलेक्टरों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
इंदिरा महिला शक्ति योजना के तहत सरकार एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग बेरोजगारों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू करने की तैयारी में है।

हैदराबाद, २६ अप्रैल: तेलंगाना सरकार ने पिछड़े वर्ग (बीसी) की कुशल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें वितरित करने की योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर लिया गया यह फैसला राज्य की इंदिरा महिला शक्ति योजना के व्यापक ढांचे का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं

पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोनम प्रभाकर ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की सचिव बलमायादेवी, पिछड़ा वर्ग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मल्लैया बट्टू और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर इस योजना के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की।

इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में १,००० पिछड़े वर्ग की महिलाओं को १०० प्रतिशत सब्सिडी पर ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें प्रदान की जाएंगी। तेलंगाना में कुल ११९ विधानसभा क्षेत्र हैं, जिसका अर्थ है कि इस योजना से लगभग १,१९,००० महिलाएं सीधे लाभान्वित होंगी।

आवेदन प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी और लाभार्थियों का चयन जिला कलेक्टरों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

स्वरोजगार और कौशल विकास पर जोर

मंत्री प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य केवल मशीनें देना नहीं, बल्कि महिलाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना, सिलाई व्यवसाय के अवसरों का विस्तार करना और उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग इसके साथ-साथ बेरोजगार युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू करने की तैयारी में है, ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।

इंदिरा महिला शक्ति योजना का व्यापक दायरा

पंचायती राज, ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री दंसारी अनसूया (सीतक्का) के अनुसार, सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

इंदिरा महिला शक्ति योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को कैंटीन, डेयरी यूनिट, पोल्ट्री फार्म, आरटीएसी बसें और पेट्रोल पंप संचालित करने के अवसर दिए जा रहे हैं। भविष्य में सरकार उन्हें राइस मिल और सोलर प्लांट चलाने का मौका देने की भी योजना बना रही है।

मंत्री सीतक्का ने कहा कि महिला सशक्तिकरण वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाया जाएगा।

गहन विश्लेषण: राजनीतिक संदर्भ और असली प्रभाव

यह योजना ऐसे समय में आई है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने के दबाव में है। २०२३ के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण को अपना प्रमुख एजेंडा बनाया था। आलोचकों का कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि मशीनें वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचें, न कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित रहे।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की सिलाई मशीन वितरण योजनाएं चलाई जा चुकी हैं, लेकिन उनकी सफलता दर मिश्रित रही है। नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, ऐसी योजनाओं में प्रशिक्षण और बाजार संपर्क के अभाव में लाभार्थी महिलाएं अक्सर मशीनों का पूरा उपयोग नहीं कर पातीं।

इस योजना की असली कसौटी यह होगी कि क्या सरकार मशीनें देने के साथ-साथ महिलाओं को बाजार तक पहुंच, कच्चा माल और विपणन सहायता भी उपलब्ध कराती है।

आगे की राह

सरकार जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी। इच्छुक महिलाएं अपने जिला कलेक्टर कार्यालय या पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। आने वाले हफ्तों में इस योजना के दिशानिर्देश और पात्रता मानदंड सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अन्यथा यह योजना चुनावी वादे से आगे नहीं जा पाएगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना सरकार पिछड़े वर्ग की महिलाओं को सिलाई मशीनें क्यों दे रही है?
तेलंगाना सरकार पिछड़े वर्ग की कुशल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें दे रही है। यह मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर इंदिरा महिला शक्ति योजना के तहत उठाया गया कदम है।
तेलंगाना सिलाई मशीन योजना में कितनी महिलाओं को लाभ मिलेगा?
इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में १,००० महिलाओं को सिलाई मशीनें दी जाएंगी। तेलंगाना के ११९ विधानसभा क्षेत्रों को देखते हुए कुल लगभग १,१९,००० महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी।
तेलंगाना में सिलाई मशीन के लिए आवेदन कैसे करें?
सरकार जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी और जिला कलेक्टरों की निगरानी में पारदर्शी चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इच्छुक महिलाएं अपने जिला कलेक्टर कार्यालय या पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से संपर्क कर सकती हैं।
इंदिरा महिला शक्ति योजना क्या है?
इंदिरा महिला शक्ति योजना तेलंगाना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना है। इसके तहत महिला समूहों को कैंटीन, डेयरी यूनिट, पोल्ट्री फार्म, बसें, पेट्रोल पंप, राइस मिल और सोलर प्लांट चलाने के अवसर दिए जा रहे हैं।
तेलंगाना में पिछड़े वर्ग की महिलाओं को सिलाई मशीन पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
तेलंगाना सरकार पिछड़े वर्ग की पात्र महिलाओं को १०० प्रतिशत सब्सिडी पर यानी पूरी तरह मुफ्त ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें प्रदान करेगी। लाभार्थियों को कोई भी राशि खर्च नहीं करनी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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