स्वाति मालीवाल का केजरीवाल पर तीखा हमला, 'सत्याग्रह' शब्द के इस्तेमाल पर उठाए गंभीर सवाल

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स्वाति मालीवाल का केजरीवाल पर तीखा हमला, 'सत्याग्रह' शब्द के इस्तेमाल पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

केजरीवाल द्वारा दिल्ली HC की जज को लिखे पत्र में 'सत्याग्रह' शब्द के इस्तेमाल ने नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने इसे अराजकता और महिला न्यायाधीशों के सम्मान पर आघात बताया। AAP के भीतर से ही उठती यह आवाज़ पार्टी के लिए नई मुश्किल बन गई है।

Key Takeaways

  • स्वाति मालीवाल ने 29 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल के दिल्ली उच्च न्यायालय की जज को लिखे पत्र में 'सत्याग्रह' शब्द के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की।
  • मालीवाल ने कहा कि सत्याग्रह एक पवित्र अवधारणा है और इसका इस तरह उपयोग अराजकता है।
  • उन्होंने न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा का समर्थन करते हुए महिला जजों के सम्मान की वकालत की।
  • AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा पर की गई निजी टिप्पणियों की भी मालीवाल ने निंदा की।
  • MCD मेयर चुनाव के बहिष्कार को मालीवाल ने गलत रणनीति बताया और केजरीवाल पर हार के डर से मैदान छोड़ने का आरोप लगाया।

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने 29 अप्रैल को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर कड़ा हमला बोला, जब उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश को लिखे पत्र में 'सत्याग्रह' शब्द का इस्तेमाल किया। मालीवाल ने इसे न केवल शब्द का दुरुपयोग बताया, बल्कि इसे न्यायपालिका और महिला जजों के सम्मान पर आघात भी करार दिया।

सत्याग्रह शब्द पर विवाद

मालीवाल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि 'सत्याग्रह' एक पवित्र अवधारणा है, जिसका उपयोग केवल गंभीर और नैतिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा सत्याग्रह है, जिसमें कोई व्यक्ति खुद को निर्दोष बताते हुए किसी जज पर आपत्ति जताता है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर अराजकता करार दिया और कहा कि राजनीति में इस तरह का व्यवहार किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।

महिला न्यायाधीश के सम्मान का सवाल

मालीवाल ने न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा का समर्थन करते हुए कहा कि देश में महिला जजों की संख्या पहले से ही बेहद कम है। उनके अनुसार, इस तरह की टिप्पणियाँ महिला न्यायाधीशों के सम्मान को ठेस पहुँचाती हैं और न्यायपालिका में उनकी भूमिका को कमज़ोर करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब न्यायपालिका में लैंगिक प्रतिनिधित्व पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।

पश्चिम बंगाल और TMC पर निशाना

पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए मालीवाल ने आरोप लगाया कि राज्य से अक्सर हिंसा और डरावनी घटनाओं की तस्वीरें सामने आती हैं, खासकर चुनावों के दौरान। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं की कथित गुंडागर्दी के कारण वहाँ का माहौल प्रभावित होता है और इसी वजह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को समर्थन मिल रहा है।

राघव चड्ढा की शादी पर टिप्पणी का विरोध

AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज द्वारा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की शादी को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी मालीवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी की निजी जिंदगी पर इस तरह की बातें करना गलत है। उन्होंने अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बारे में इस तरह की टिप्पणियाँ शर्मनाक हैं और AAP में यह एक प्रवृत्ति बनती जा रही है।

MCD मेयर चुनाव बहिष्कार पर आलोचना

एमसीडी मेयर चुनाव के बहिष्कार के मुद्दे पर मालीवाल ने कहा कि AAP ने पूरे चुनाव का बहिष्कार कर दिया है, जो उनके अनुसार गलत रणनीति है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल कभी-कभी बच्चों जैसा व्यवहार करते हैं और जब उन्हें हार का अंदेशा होता है, तो वे मैदान छोड़ देते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का माहौल गर्म कर दिया है।

Point of View

उसकी राज्यसभा सांसद ही उसके संयोजक पर अराजकता का आरोप लगा रही हैं। गौरतलब है कि महिला न्यायाधीशों के सम्मान का मुद्दा उठाकर मालीवाल ने एक ऐसे बिंदु को छुआ है जो न्यायपालिका और जनमानस दोनों के लिए संवेदनशील है। MCD बहिष्कार की आलोचना यह भी संकेत देती है कि AAP की आंतरिक असहमति अब सार्वजनिक मंच पर आ चुकी है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

केजरीवाल के पत्र में 'सत्याग्रह' शब्द पर विवाद क्यों है?
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश को लिखे पत्र में 'सत्याग्रह' शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे स्वाति मालीवाल ने अराजकता और पवित्र अवधारणा का दुरुपयोग बताया। उनके अनुसार, खुद को निर्दोष बताते हुए किसी जज पर आपत्ति जताना सत्याग्रह नहीं है।
स्वाति मालीवाल ने न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा का समर्थन क्यों किया?
मालीवाल ने कहा कि देश में महिला जजों की संख्या पहले से ही कम है और इस तरह की टिप्पणियाँ उनके सम्मान को ठेस पहुँचाती हैं। उन्होंने महिला न्यायाधीशों की भूमिका को मज़बूत करने की ज़रूरत पर बल दिया।
AAP के MCD मेयर चुनाव बहिष्कार पर मालीवाल का क्या कहना है?
मालीवाल ने AAP के MCD मेयर चुनाव बहिष्कार को गलत रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि जब हार का अंदेशा होता है तो केजरीवाल मैदान छोड़ देते हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
सौरभ भारद्वाज की राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा पर टिप्पणी क्या थी?
AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की शादी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसमें परिणीति चोपड़ा का ज़िक्र था। मालीवाल ने इसे किसी की निजी जिंदगी पर अनुचित हमला और शर्मनाक करार दिया।
पश्चिम बंगाल पर मालीवाल ने क्या आरोप लगाए?
मालीवाल ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं की कथित गुंडागर्दी से माहौल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण राज्य में BJP को समर्थन मिल रहा है।
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