आबकारी नीति मामला: केजरीवाल समेत 6 AAP नेताओं पर आपराधिक अवमानना कार्यवाही, BJP ने किया हमला
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने 14 मई को उत्पाद शुल्क नीति मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की। इस कदम के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने AAP पर तीखे हमले बोले और कहा कि केजरीवाल को अब इसके परिणाम भुगतने होंगे।
मुख्य घटनाक्रम
न्यायमूर्ति शर्मा ने आबकारी नीति से जुड़े मामले में उक्त छह AAP नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही का आदेश दिया। यह कार्यवाही न्यायपालिका के प्रति कथित अभद्र टिप्पणियों और सार्वजनिक बयानबाजी के आधार पर शुरू की गई बताई जा रही है। गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़ी कानूनी लड़ाई का नया अध्याय है।
BJP की प्रतिक्रिया
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब एक अराजकतावादी पार्टी बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगातार बयानबाजी करती है और उनका अपमान करती है। पूनावाला ने कहा, 'ये लोग कभी चुनाव आयोग, कभी प्रधानमंत्री के खिलाफ तो कभी नितिन गडकरी और अरुण जेटली के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। पहले उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी, लेकिन इस बार महिला जज पर आरोप लगाया और अभद्र टिप्पणी की।'
पूनावाला ने यह भी कहा कि यदि AAP नेताओं को न्यायिक फैसले से आपत्ति थी तो वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते थे, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करना चुना। उन्होंने सवाल उठाया कि 'संविधान बचाने' की दुहाई देने वाले दल इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं।
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का बयान
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी किसी भी संवैधानिक संस्था पर भरोसा नहीं करती, और जब उन पर कार्रवाई होती है तो वही संस्थाएँ उनके निशाने पर आ जाती हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति शर्मा के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि केजरीवाल इस कार्यवाही में सहयोग करेंगे।
आम जनता और राजनीतिक असर
यह ऐसे समय में आया है जब AAP दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहले से ही राजनीतिक दबाव में है। आबकारी नीति मामले में पहले से ही सिसोदिया और संजय सिंह जेल जा चुके हैं और केजरीवाल भी इस मामले में जमानत पर बाहर हैं। अवमानना कार्यवाही से पार्टी की कानूनी मुश्किलें और गहरी होने की आशंका है।
आगे क्या होगा
आपराधिक अवमानना कार्यवाही में अदालत सभी छह नेताओं को नोटिस जारी कर सकती है और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अवमानना सिद्ध होने पर जुर्माना या कारावास दोनों संभव हैं। AAP की ओर से अभी तक इस कार्यवाही पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।