AAP सांसदों के इस्तीफे पर तरुण चुघ का हमला — 'अपने ही जाल में फंसी आम आदमी पार्टी'

Click to start listening
AAP सांसदों के इस्तीफे पर तरुण चुघ का हमला — 'अपने ही जाल में फंसी आम आदमी पार्टी'

सारांश

आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने इस्तीफा देकर BJP का दामन थाम लिया। BJP महासचिव तरुण चुघ ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि AAP अपने ही जाल में फंस गई है। प्रवीण खंडेलवाल और शाहनवाज हुसैन ने भी केजरीवाल पर निशाना साधा।

Key Takeaways

  • AAP के 7 सांसदों ने 24 अप्रैल 2025 को पार्टी से इस्तीफा देकर BJP की सदस्यता ग्रहण की।
  • BJP महासचिव तरुण चुघ ने कहा — AAP अपने ही जाल में फंसी, पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और लूट के आरोप।
  • BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राघव चड्ढा को बधाई देते हुए केजरीवाल को पूरी तरह 'एक्सपोज' बताया।
  • BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा — केजरीवाल राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं।
  • अमृतसर में BJP नेता अमरपाल सिंह अजनाला ने AAP छोड़कर आए नेताओं का स्वागत किया।
  • दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में हार के बाद यह AAP के लिए दूसरा बड़ा राजनीतिक झटका है।

AAP सांसदों का इस्तीफा — राजनीतिक भूचाल

नई दिल्ली, 24 अप्रैल: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों द्वारा पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने से देश की राजनीति में बड़ा उथल-पुथल मच गया है। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम पर BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पंजाब और पूरे देश के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने ही बुने हुए जाल में बुरी तरह फंस चुकी है।

तरुण चुघ का सीधा हमला

तरुण चुघ ने अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेतृत्व पर भ्रष्टाचार, लूट और सिंडिकेट की राजनीति के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो पार्टी ईमानदारी और पारदर्शिता के दावों पर खड़ी हुई थी, आज उसी पार्टी के अपने सांसद उसे छोड़कर जा रहे हैं — यह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि AAP अपने मूल उद्देश्यों से पूरी तरह भटक चुकी है।

चुघ ने यह भी कहा कि यह दिन पंजाब की जनता के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि जो नेता सच्चे राष्ट्रहित में काम करना चाहते हैं, वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट हो रहे हैं।

प्रवीण खंडेलवाल और शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया

दिल्ली से BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि राघव चड्ढा समेत सात सांसदों का AAP छोड़ना यह साबित करता है कि अरविंद केजरीवाल जिन नैतिक मूल्यों (मोरल वैल्यूज) का दावा करके राजनीति में आए थे, वे आज पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।

खंडेलवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वे सभी लोग एकजुट होना चाहते हैं जो भारत को अपनी माता मानते हैं और राष्ट्रीयता के साथ देश से जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने राघव चड्ढा और उनके सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि वे केजरीवाल के 'जंजाल' से मुक्त होकर राष्ट्रहित में काम करेंगे।

BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल समय के साथ राजनीतिक रूप से अलग-थलग होते जा रहे हैं। पार्टी के भीतर से ही लोगों को अब यह एहसास हो गया है कि AAP अपने संस्थापक सिद्धांतों से भटक चुकी है।

अमृतसर में नए नेताओं का स्वागत

अमृतसर में BJP नेता अमरपाल सिंह अजनाला ने AAP छोड़कर BJP में शामिल होने वाले नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ये नेता राष्ट्रहित में एक नई और सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं और पंजाब BJP की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी जाती हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल पहले से ही दिल्ली शराब नीति घोटाले में कानूनी दबाव झेल रहे हैं और AAP ने हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारी हार का सामना किया था। ऐसे में सात सांसदों का एक साथ इस्तीफा देना पार्टी के लिए आंतरिक संकट की गहराई को और उजागर करता है।

यह पहली बार नहीं है जब AAP के किसी बड़े नेता ने पार्टी छोड़ी हो — इससे पहले कुमार विश्वास, आशुतोष और संजय सिंह जैसे नाम भी पार्टी की आंतरिक राजनीति को लेकर सवाल उठा चुके हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह सिलसिला यहीं रुकता है या AAP से और नेता किनारा करते हैं।

Point of View

बल्कि यह उस 'राजनीतिक शुचिता' के ब्रांड के ध्वस्त होने की कहानी है जिस पर अरविंद केजरीवाल ने पूरा साम्राज्य खड़ा किया था। दिल्ली शराब नीति घोटाले में कानूनी घेराबंदी, 2025 के दिल्ली चुनाव में करारी हार और अब सांसदों का पलायन — यह संयोग नहीं, एक पैटर्न है। विडंबना यह है कि जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से जन्मी थी, आज उसके अपने सांसद उसी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जा रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज इसे BJP की जीत के रूप में देख रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारतीय मतदाता 'विकल्प की राजनीति' के इस खालीपन को स्वीकार करेगा?
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

AAP के कितने सांसदों ने इस्तीफा देकर BJP जॉइन की?
आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें राघव चड्ढा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है।
तरुण चुघ ने AAP सांसदों के इस्तीफे पर क्या कहा?
BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि AAP अपने ही बनाए जाल में फंस गई है और पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्टाचार व सिंडिकेट की राजनीति के आरोप लगाए। उन्होंने इसे पंजाब और देश के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।
प्रवीण खंडेलवाल ने केजरीवाल पर क्या टिप्पणी की?
दिल्ली से BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जिन नैतिक मूल्यों का दावा करके राजनीति में आए थे, वे आज पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने राघव चड्ढा और उनके साथियों को बधाई भी दी।
AAP से नेताओं के जाने का पंजाब की राजनीति पर क्या असर होगा?
पंजाब में AAP की सत्ता होने के बावजूद सांसदों का BJP में जाना पार्टी की आंतरिक कमजोरी को उजागर करता है। इससे पंजाब में BJP को मजबूती मिल सकती है और AAP को अपने जनाधार की पुनर्समीक्षा करनी पड़ सकती है।
क्या पहले भी AAP के बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं?
हां, इससे पहले कुमार विश्वास, आशुतोष जैसे कई वरिष्ठ नेता AAP छोड़ चुके हैं या पार्टी से दूरी बना चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में हार के बाद पार्टी का आंतरिक संकट और गहरा हुआ है।
Nation Press