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पीयूष गोयल का ऐलान: भारत को वैश्विक फार्मा इनोवेशन हब बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

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पीयूष गोयल का ऐलान: भारत को वैश्विक फार्मा इनोवेशन हब बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने IPA प्रमुख डॉ. शारविल पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और भारत को वैश्विक फार्मा इनोवेशन हब बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक तब हुई जब Q2 2026 में भारतीय फार्मा सेक्टर में 13.9 अरब डॉलर के 65 सौदे दर्ज हुए — M&A गतिविधि अब तक के उच्चतम स्तर पर।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA) के प्रतिनिधिमंडल से 28 जुलाई 2026 को बैठक की।
IPA प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष डॉ.
शारविल पटेल ने किया।
सरकार ने R&D, क्लीनिकल रिसर्च और उन्नत उपचार में निवेश बढ़ाकर फार्मा इनोवेशन इकोसिस्टम मज़बूत करने का संकल्प दोहराया।
2026 की दूसरी तिमाही में भारतीय फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में 13.9 अरब डॉलर मूल्य के 65 सौदे दर्ज हुए।
35 M&A सौदों का मूल्य 13.2 अरब डॉलर रहा; लेनदेन की संख्या तिमाही-दर-तिमाही 17% बढ़ी।
विदेशी अधिग्रहण का कुल M&A मूल्य में 96% योगदान रहा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 28 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार भारत के फार्मास्युटिकल क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और इनोवेशन-केंद्रित बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। साथ ही, सरकार का उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक तक किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना भी है।

आईपीए प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए जानकारी दी कि उन्होंने इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA) के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व IPA के अध्यक्ष डॉ. शारविल पटेल ने किया। बैठक में सरकार और उद्योग के बीच सहयोग की नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

R&D और क्लीनिकल रिसर्च पर फोकस

बैठक के दौरान अनुसंधान एवं विकास (R&D), क्लीनिकल रिसर्च और उन्नत उपचार पद्धतियों में निवेश आकर्षित कर भारत के फार्मा इनोवेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। गोयल ने दोहराया कि मोदी सरकार फार्मा उद्योग के लिए एक ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ नवाचार और किफायती दवाएँ — दोनों साथ-साथ फल-फूल सकें।

भारतीय फार्मा की वैश्विक भूमिका

गौरतलब है कि भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग विश्व के सबसे बड़े उद्योगों में से एक है और वैश्विक बाज़ारों में सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति में इसकी निर्णायक भूमिका है। सरकार घरेलू विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए इस क्षेत्र में कई पहल पहले से लागू कर चुकी है।

फार्मा सेक्टर में रिकॉर्ड M&A गतिविधि

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र में 13.9 अरब डॉलर मूल्य के 65 सौदे दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, एक भारतीय फार्मा कंपनी द्वारा किए गए 11.8 अरब डॉलर के सबसे बड़े विदेशी अधिग्रहण को अलग रखने पर भी कुल सौदों का मूल्य पिछली तिमाही की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़ा।

विलय एवं अधिग्रहण (M&A) गतिविधियों में भी उल्लेखनीय तेज़ी देखी गई — इस अवधि में 13.2 अरब डॉलर मूल्य के 35 M&A सौदे संपन्न हुए। लेनदेन की संख्या तिमाही-दर-तिमाही 17 प्रतिशत बढ़ी और कुल सौदों का मूल्य अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। विदेशों में किए गए अधिग्रहण का कुल M&A मूल्य में 96 प्रतिशत योगदान रहा।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक फार्मा आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार और उद्योग के बीच इस तरह की सक्रिय भागीदारी भारत को वैश्विक फार्मा इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर भारत का फार्मा क्षेत्र अभी भी मुख्यतः जेनेरिक निर्यात पर निर्भर है, मौलिक नवाचार पर नहीं। IPA जैसे उद्योग संगठनों के साथ बैठकें तब तक प्रतीकात्मक रहती हैं जब तक ठोस नीतिगत ढाँचा — जैसे R&D टैक्स इंसेंटिव या क्लीनिकल ट्रायल प्रक्रिया में सुधार — सामने न आए। 96% M&A मूल्य का विदेशी अधिग्रहण से आना यह भी दर्शाता है कि भारतीय कंपनियाँ बाहर तो जा रही हैं, पर घरेलू इनोवेशन इकोसिस्टम अभी परिपक्व नहीं हुआ है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने फार्मा सेक्टर पर क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार भारत के फार्मा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और इनोवेशन-आधारित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA) क्या है और इसकी बैठक में क्या हुआ?
IPA भारत की प्रमुख फार्मा कंपनियों का प्रतिनिधि संगठन है। 28 जुलाई 2026 को IPA के अध्यक्ष डॉ. शारविल पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गोयल से मुलाकात की, जिसमें R&D निवेश, क्लीनिकल रिसर्च और सरकार-उद्योग सहयोग पर चर्चा हुई।
2026 की दूसरी तिमाही में भारतीय फार्मा सेक्टर में कितने सौदे हुए?
एक रिपोर्ट के अनुसार, Q2 2026 में भारत के फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र में 13.9 अरब डॉलर मूल्य के 65 सौदे दर्ज किए गए। इनमें 35 M&A सौदे शामिल थे जिनका कुल मूल्य 13.2 अरब डॉलर रहा — जो अब तक का उच्चतम स्तर है।
भारतीय फार्मा सेक्टर में M&A गतिविधि में कितनी वृद्धि हुई?
रिपोर्ट के अनुसार, M&A लेनदेन की संख्या तिमाही-दर-तिमाही 17 प्रतिशत बढ़ी और कुल सौदों का मूल्य अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँचा। विदेशी अधिग्रहण का कुल M&A मूल्य में 96 प्रतिशत योगदान रहा।
भारत सरकार फार्मा इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है?
सरकार घरेलू विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए कई पहल लागू कर रही है। इसके अलावा, उद्योग संगठनों के साथ नियमित संवाद के ज़रिए R&D, क्लीनिकल रिसर्च और उन्नत उपचार में अधिक निवेश आकर्षित करने की रणनीति पर काम हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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