क्या पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री का स्वागत किया और निवेश पर चर्चा की?

सारांश
Key Takeaways
- भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान।
- वैश्विक निर्माण और नवोन्मेषण में आगे बढ़ने की आवश्यकता।
- निवेश के नए अवसरों का उद्घाटन।
- बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में सहयोग।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी अल जायोदी का स्वागत किया और उन्हें नई भूमिका ग्रहण करने पर बधाई दी। पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बारे में जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी अल जायोदी का स्वागत करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है और उन्हें उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएँ दी।
चर्चाओं का ध्यान बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के विकास पर केंद्रित रहा। हमने भारत-यूएई साझेदारी को और मजबूत करने तथा मिलकर विकास के नए रास्ते खोजने के लिए अपनी संयुक्त प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 17वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक शिखर सम्मेलन में उद्योग जगत को साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया और भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार की अनुसंधान, विकास एवं नवोन्मेषण योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय मेडटेक उद्योग की उल्लेखनीय वृद्धि और लचीलापन की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा में आत्मनिर्भरता हासिल करने में इस क्षेत्र के योगदान की प्रशंसा की और इसे किफायती, उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने मेडटेक उद्योग से आयातित वस्तुओं के बाजार से बाहर निकलकर वैश्विक निर्माण और नवोन्मेषण केंद्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने और निर्यात बाजारों के लिए निर्माण करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ, मॉरीशस, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, पेरू और चिली के साथ एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत उन्नत चरणों में है। हम अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार संधि पर भी बातचीत कर रहे हैं। गोयल ने जोर देकर कहा कि ये सभी समझौते नए अवसरों, नए बाजारों और नए निवेश के द्वार खोलेंगे और गुणवत्ता और नवोन्मेषण को बढ़ावा देंगे।