राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के AAP छोड़ने पर केजरीवाल की हताशा बेनकाब: वीरेंद्र सचदेवा का बड़ा आरोप
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की।
- दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 25 अप्रैल को केजरीवाल पर 'राइट टू रिकॉल' के जरिए सांसदों को डराने का आरोप लगाया।
- भारतीय संविधान में सांसदों को वापस बुलाने का कोई प्रावधान नहीं — BJP ने इसे भगवंत मान और केजरीवाल की राजनीतिक नाटकबाजी बताया।
- सचदेवा ने दावा किया कि केजरीवाल को डर है कि चड्ढा दिल्ली शराब घोटाले, विदेशी फंडिंग और 'शीश महल 2' से जुड़े राज उजागर कर सकते हैं।
- 'शीश महल 2' विवाद में ₹60 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप है।
- यह AAP के लिए 2025 दिल्ली विधानसभा हार के बाद एक और बड़ा संगठनात्मक और विश्वसनीयता संकट है।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल — दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के आप छोड़ने के बाद केजरीवाल और उनके सहयोगी पूरी तरह हताश हो चुके हैं और संविधान में अस्तित्वहीन 'राइट टू रिकॉल' जैसे खोखले हथकंडों से सांसदों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
सचदेवा का केजरीवाल पर सीधा वार
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली और देश की जनता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल जैसे आप नेताओं की बेचैनी और घबराहट को भलीभांति समझ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुक्रवार से केजरीवाल खुद मीडिया के सामने आने से बच रहे हैं और अपने सहयोगियों को आगे कर रहे हैं।
सचदेवा ने कहा कि आप नेता इन सातों सांसदों को 'राइट टू रिकॉल' जैसी काल्पनिक धमकियों से वापस लाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि भारतीय संविधान में ऐसा कोई प्रावधान ही मौजूद नहीं है।
चड्ढा के पास हैं केजरीवाल के राज — सचदेवा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि राघव चड्ढा को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा कथित तौर पर की गई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की पूरी जानकारी है। इसीलिए केजरीवाल को डर है कि कहीं चड्ढा आप की विदेशी फंडिंग, कथित आतंकवादी संबंधों, पंजाब से फंड जुटाने और दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े राज सार्वजनिक न कर दें।
सचदेवा ने कहा कि ये सातों सांसद प्रतिष्ठित और उच्च शिक्षित व्यक्ति हैं, जो लंबे समय से पार्टी में घुटन महसूस कर रहे थे — खासकर 2023 के दिल्ली शराब घोटाले और पंजाब में मंत्रियों पर भ्रष्टाचार व धमकी के आरोपों के सामने आने के बाद।
'शीश महल 2' विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप
वीरेंद्र सचदेवा ने 'शीश महल 2' का भी जिक्र किया — यह शब्द दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित उस बंगले के लिए इस्तेमाल होता है, जिसे केजरीवाल ने कथित तौर पर कुछ समय के लिए उपयोग किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में ₹60 करोड़ से अधिक की जनता की गाढ़ी कमाई का कथित दुरुपयोग हुआ।
सचदेवा के अनुसार, केंद्र से सरकारी आवास और मरम्मत का आवंटन मिलने के बावजूद, केजरीवाल ने एक निजी कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर सौंदर्यीकरण और साज-सज्जा करवाई, जिससे भ्रष्टाचार का एक नया अध्याय जुड़ गया।
भगवंत मान का राष्ट्रपति से मिलने का प्रयास — महज दिखावा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस कदम को भी खारिज किया, जिसमें वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सांसदों को वापस बुलाने की मांग को लेकर मिलने का समय मांग रहे हैं। सचदेवा ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान में निर्वाचित सांसदों को वापस बुलाने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए यह पूरी कवायद महज एक राजनीतिक नाटक है।
गहरा राजनीतिक संकट — AAP के लिए क्या मायने रखता है यह विद्रोह?
गौरतलब है कि 2022 में पंजाब में ऐतिहासिक जीत के बाद आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला था। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में आप का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और 2025 की दिल्ली विधानसभा में भी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 7 राज्यसभा सांसदों का एक साथ पार्टी छोड़ना आप के लिए संगठनात्मक और नैतिक — दोनों स्तरों पर बड़ा झटका है।
यह विद्रोह इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व शैली और पारदर्शिता को लेकर गहरा असंतोष पनप रहा था। राघव चड्ढा जैसे वरिष्ठ और मुखर नेता का जाना केजरीवाल के लिए केवल संख्यात्मक नुकसान नहीं, बल्कि विश्वसनीयता का संकट भी है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राघव चड्ढा और अन्य सांसद भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होते हैं या नहीं, और क्या वे आप के खिलाफ कोई नया खुलासा करते हैं।