30 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर प्रदर्शन: PM के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर रुचिका सिंह के विरुद्ध नोएडा में जीरो FIR

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जंतर-मंतर प्रदर्शन: PM के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर रुचिका सिंह के विरुद्ध नोएडा में जीरो FIR

सारांश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई के प्रदर्शन में प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में नोएडा पुलिस ने रुचिका सिंह पर जीरो FIR दर्ज की है। BNS की तीन धाराओं में दर्ज यह मामला अब संबंधित अधिकार क्षेत्र की पुलिस को स्थानांतरित होगा।

मुख्य बातें

30 जुलाई को नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे में रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
आरोप है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
शिकायत स्मृति सिंह (पत्नी तेजेंद्र सिंह) ने दर्ज कराई।
मुकदमा भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 , 353(1) और 356(1) के तहत दर्ज।
जीरो FIR होने के कारण आगे की जाँच दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित होगी।
पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जाँच कर रही है।

नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे (गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट) में 30 जुलाई को एक युवती रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उसने 23 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

मामले का घटनाक्रम

शिकायतकर्ता स्मृति सिंह, पत्नी तेजेंद्र सिंह, ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान आरोपी रुचिका सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली टिप्पणियाँ कीं। शिकायत में यह भी कहा गया कि कथित बयान जानबूझकर विद्वेष फैलाने और लोक शांति भंग करने की मंशा से दिया गया प्रतीत होता है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को इस घटना की जानकारी 23 जुलाई को ही मिली, जिसके बाद उन्होंने विधिक कार्रवाई की माँग करते हुए शिकायत दर्ज कराई।

जीरो FIR क्यों और क्या होगा आगे

चूँकि घटना नई दिल्ली में हुई जबकि शिकायत नोएडा में दर्ज हुई, इसलिए पुलिस ने जीरो एफआईआर का रास्ता अपनाया। जीरो एफआईआर की प्रक्रिया के तहत आगे की विवेचना संबंधित अधिकार क्षेत्र की पुलिस — अर्थात दिल्ली पुलिस — को स्थानांतरित की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जाँच की जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई तय होगी।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने प्रथम दृष्टया शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर उकसावा), 353(1) (सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से बयान) और 356(1) (राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया है। यह ध्यान देने योग्य है कि ये आरोप शिकायत पर आधारित हैं और जाँच अभी जारी है।

व्यापक संदर्भ

जंतर-मंतर लंबे समय से विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों को लेकर कानूनी कार्रवाई के मामले पूरे देश में बढ़े हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के दायरे के बीच की सीमा-रेखा अदालतों द्वारा तय की जानी चाहिए। फिलहाल मामले की जाँच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुँचना समय से पहले होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

शिकायत नोएडा में आई। लेकिन यह मामला एक बड़े सवाल को उठाता है: सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान की गई टिप्पणियों पर BNS की धारा 356(1) जैसी गंभीर धाराएँ लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को किस हद तक प्रभावित करता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जंतर-मंतर और अन्य प्रदर्शन स्थलों पर बोले गए शब्दों को लेकर FIR की संख्या बढ़ी है। अदालतें ही तय करेंगी कि शिकायत में लगाए आरोप कानूनी कसौटी पर खरे उतरते हैं या नहीं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर प्रदर्शन में PM के खिलाफ टिप्पणी का मामला क्या है?
23 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह पर प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का आरोप है। इस आरोप के आधार पर 30 जुलाई को नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे में जीरो FIR दर्ज की गई।
जीरो FIR क्या होती है और इसे यहाँ क्यों लगाया गया?
जीरो FIR वह प्रक्रिया है जिसमें घटना के अधिकार क्षेत्र से बाहर की पुलिस भी मुकदमा दर्ज कर सकती है, जिसे बाद में संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाता है। चूँकि घटना दिल्ली में हुई और शिकायत नोएडा में आई, इसलिए जीरो FIR दर्ज की गई और आगे की जाँच दिल्ली पुलिस करेगी।
रुचिका सिंह पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (जानबूझकर उकसावा), 353(1) (लोक शांति भंग के इरादे से बयान) और 356(1) (राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध कृत्य) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायत किसने दर्ज कराई और आरोप क्या हैं?
शिकायत स्मृति सिंह (पत्नी तेजेंद्र सिंह) ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि आरोपी ने प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाई और जानबूझकर विद्वेष फैलाने तथा लोक शांति भंग करने की मंशा से यह कृत्य किया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
जीरो FIR दर्ज होने के बाद मामला संबंधित अधिकार क्षेत्र — दिल्ली पुलिस — को स्थानांतरित होगा। पुलिस उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जाँच पूरी कर आगे की विधिक कार्रवाई तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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