जंतर-मंतर हिंसा: इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह बोले — '150-200 लोगों ने घेरा, सोने की चेन और वॉलेट भी लूटा'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह पर कथित तौर पर भीड़ ने हमला किया, जिसमें उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आईं और उनकी सोने की चेन व वॉलेट भी छीन लिया गया। घायल अधिकारी का कहना है कि हमले से पहले उन्हें करीब 150-200 लोगों के समूह ने घेर लिया था और यह हमला पूर्व नियोजित प्रतीत होता है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने बताया कि वे जंतर-मंतर पर आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात थे। उनके अनुसार, हमलावरों के हाथों में लाठियाँ और पत्थर थे। उन्होंने कहा, "जब उन्होंने मुझे देखा, तो वे चिल्लाए 'मारो पुलिस वालों को' और मुझे पीटना शुरू कर दिया।" अधिकारी का आरोप है कि भीड़ ने उनकी सोने की चेन और वॉलेट भी छीन लिया, जिसमें उनके आईडी कार्ड भी थे।
अधिकारी का बयान: 'नियोजित षड्यंत्र था'
सिंह ने कहा, "मैं अपनी वर्दी में था, क्योंकि मैं ड्यूटी पर था। यह निश्चित रूप से नियोजित था, क्योंकि उनके हाथों में लाठियाँ और पत्थर थे — उन्होंने पहले से योजना बनाई थी कि जब भी कोई अधिकारी दिखे, उस पर हमला करना है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि हमलावर छात्र नहीं थे। उनके शब्दों में, "छात्र इस तरह का व्यवहार नहीं करते — ये अन्य लोग थे जिन्होंने पुलिस को निशाना बनाने की साजिश रची थी।"
दिल्ली पुलिस की कड़ी निंदा
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर हंगामे का एक वीडियो साझा किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने अपनी पोस्ट में कहा, "हर बैज के पीछे एक धड़कता दिल, एक परिवार और सेवा करने का वादा होता है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला होते देखना बहुत परेशान करने वाला है। असहमति को आवाज दी जा सकती है — हिंसा के लिए कभी कोई जगह नहीं होनी चाहिए।" बल ने इस बात पर जोर दिया कि वर्दी पहनने वाले भी दर्द महसूस करते हैं और उनके परिवार होते हैं।
विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
यह हिंसा नीट पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि नीट विवाद पिछले कई हफ्तों से देशभर में छात्र आंदोलन का केंद्र बना हुआ है।
आगे क्या होगा
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से हमले में शामिल लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संभावना है। इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह के बयान के आधार पर जाँच आगे बढ़ने की उम्मीद है। यह घटना इस बात पर बहस को नई धार दे सकती है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था की सीमाएँ कहाँ तय होनी चाहिए।