जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल 21 वर्षीय छात्रा वेंटिलेटर से हटाई गई, MRI नॉर्मल: RML अस्पताल
सारांश
मुख्य बातें
डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने बुधवार, 22 जुलाई को बताया कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा को वेंटिलेटर सपोर्ट से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। अस्पताल के अनुसार, मरीज़ अब खुद से सांस ले रही हैं, होश में हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं।
मरीज़ की स्वास्थ्य स्थिति
अस्पताल के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद से सांस ले रही हैं। वह होश में हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं।' बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का MRI सामान्य पाया गया है — जो परिजनों और चिकित्सकों दोनों के लिए राहत की बात है।
अस्पताल ने बताया कि इलाज शुरू होने के बाद से उनकी क्लिनिकल स्थिति में लगातार सुधार दर्ज हो रहा है। इलाज करने वाली टीम उन्हें कड़ी निगरानी में पूरी मेडिकल देखभाल प्रदान कर रही है।
घटनाक्रम: 'संसद चलो' मार्च और हिंसा
यह छात्रा सोमवार, 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई थी। खबरों के अनुसार, जंतर-मंतर से संसद तक निकाले जा रहे 'संसद चलो' मार्च के दौरान अफरातफरी मच गई, और पुलिस की कार्रवाई के दौरान बैरिकेड से टकराने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं।
गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक विवाद सहित परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे। यह प्रदर्शन उस व्यापक आंदोलन का हिस्सा था जो देशभर में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग को लेकर उभरा है।
झड़प में हताहत और नुकसान
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने यह भी बताया कि हिंसा के दौरान 20 से अधिक पुलिस वाहनों को नुकसान पहुँचा। यह टकराव राजधानी में हाल के वर्षों में हुई सबसे बड़ी छात्र-पुलिस झड़पों में से एक माना जा रहा है।
व्यापक संदर्भ: NEET विवाद और छात्र आक्रोश
यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG पेपर लीक मामला पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक भ्रष्टाचार है और सरकार जवाबदेही से बच रही है। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई ठोस सुधार कदम नहीं उठाया गया है।
आगे की स्थिति
घायल छात्रा की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल ने कहा कि उन्हें अभी भी निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है। इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आनी शुरू हो गई हैं और विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।