22 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल 21 वर्षीय छात्रा वेंटिलेटर से हटाई गई, MRI नॉर्मल: RML अस्पताल

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जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल 21 वर्षीय छात्रा वेंटिलेटर से हटाई गई, MRI नॉर्मल: RML अस्पताल

सारांश

जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में निकले 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल 21 वर्षीय छात्रा को RML अस्पताल ने वेंटिलेटर से हटा दिया है। मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का MRI सामान्य है। झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।

मुख्य बातें

RML अस्पताल ने 22 जुलाई को पुष्टि की कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल 21 वर्षीय छात्रा को वेंटिलेटर सपोर्ट से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है।
मरीज़ होश में हैं, खुद से सांस ले रही हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं; मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी का MRI सामान्य पाया गया।
छात्रा 21 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान बैरिकेड से टकराने के कारण गंभीर रूप से घायल हुई थीं।
प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए; 20 से अधिक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए।

डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने बुधवार, 22 जुलाई को बताया कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा को वेंटिलेटर सपोर्ट से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। अस्पताल के अनुसार, मरीज़ अब खुद से सांस ले रही हैं, होश में हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं।

मरीज़ की स्वास्थ्य स्थिति

अस्पताल के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद से सांस ले रही हैं। वह होश में हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं।' बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का MRI सामान्य पाया गया है — जो परिजनों और चिकित्सकों दोनों के लिए राहत की बात है।

अस्पताल ने बताया कि इलाज शुरू होने के बाद से उनकी क्लिनिकल स्थिति में लगातार सुधार दर्ज हो रहा है। इलाज करने वाली टीम उन्हें कड़ी निगरानी में पूरी मेडिकल देखभाल प्रदान कर रही है।

घटनाक्रम: 'संसद चलो' मार्च और हिंसा

यह छात्रा सोमवार, 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई थी। खबरों के अनुसार, जंतर-मंतर से संसद तक निकाले जा रहे 'संसद चलो' मार्च के दौरान अफरातफरी मच गई, और पुलिस की कार्रवाई के दौरान बैरिकेड से टकराने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं।

गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक विवाद सहित परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे। यह प्रदर्शन उस व्यापक आंदोलन का हिस्सा था जो देशभर में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग को लेकर उभरा है।

झड़प में हताहत और नुकसान

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने यह भी बताया कि हिंसा के दौरान 20 से अधिक पुलिस वाहनों को नुकसान पहुँचा। यह टकराव राजधानी में हाल के वर्षों में हुई सबसे बड़ी छात्र-पुलिस झड़पों में से एक माना जा रहा है।

व्यापक संदर्भ: NEET विवाद और छात्र आक्रोश

यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG पेपर लीक मामला पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक भ्रष्टाचार है और सरकार जवाबदेही से बच रही है। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई ठोस सुधार कदम नहीं उठाया गया है।

आगे की स्थिति

घायल छात्रा की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल ने कहा कि उन्हें अभी भी निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है। इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आनी शुरू हो गई हैं और विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को नहीं ढकती जो इस घटना ने खड़ा किया है — क्या शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन पर बल प्रयोग अनुपातिक था? 118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल होना और 20 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त होना बताता है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर गई — और दोनों पक्षों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। NEET विवाद पहले से ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है; सड़क पर उतरे छात्रों की माँगें वैध हैं, लेकिन हिंसा किसी भी आंदोलन की विश्वसनीयता को कमज़ोर करती है। सरकार को इस घटना को केवल कानून-व्यवस्था के नज़रिए से नहीं, बल्कि परीक्षा सुधार की तात्कालिकता के संकेत के रूप में पढ़ना चाहिए।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर घायल छात्रा की अभी क्या स्थिति है?
RML अस्पताल के अनुसार, 21 वर्षीय छात्रा को 22 जुलाई को वेंटिलेटर सपोर्ट से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। वह होश में हैं, खुद से सांस ले रही हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं। उनके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का MRI सामान्य पाया गया है।
जंतर-मंतर पर 'संसद चलो' मार्च क्यों निकाला गया था?
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में यह मार्च NEET-UG पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में निकाला गया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।
जंतर-मंतर झड़प में कितने लोग घायल हुए?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए। इसके अलावा 20 से अधिक पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुँचा।
NEET-UG पेपर लीक विवाद क्या है?
NEET-UG 2024 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों में आक्रोश है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सरकार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार का दबाव बढ़ रहा है।
घायल छात्रा को किस अस्पताल में भर्ती किया गया है और आगे क्या उपचार होगा?
घायल छात्रा का उपचार नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल ने बताया कि उन्हें अभी भी निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है और इलाज करने वाली टीम उनकी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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