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जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल 21 वर्षीय युवती 10 दिन बाद आरएमएल अस्पताल से हुई डिस्चार्ज

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जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल 21 वर्षीय युवती 10 दिन बाद आरएमएल अस्पताल से हुई डिस्चार्ज

सारांश

नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दम घुटने से बेहोश हुई 21 वर्षीय युवती को 10 दिन आईसीयू और वेंटिलेटर सपोर्ट के बाद 30 जुलाई को आरएमएल अस्पताल से छुट्टी मिली। अस्पताल ने उसकी स्थिति को 'संतोषजनक' बताया।

मुख्य बातें

21 वर्षीय युवती को 30 जुलाई को आरएमएल अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया — भर्ती होने के ठीक 10 दिन बाद।
युवती को 20 जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन में दम घुटने से बेहोशी की हालत में भर्ती किया गया था।
इलाज में आईसीयू में लगभग एक सप्ताह और वेंटिलेटर सपोर्ट शामिल रहा।
अस्पताल के अनुसार, युवती अब पूरी तरह होश में , बिना सहायता के चलने में सक्षम और दैनिक कार्य खुद करने में समर्थ है।
प्रदर्शन नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'संसद चलो' अभियान के तहत आयोजित था।

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए नीट-विरोधी प्रदर्शन के दौरान बेहोश होकर गिरी 21 वर्षीय युवती को 30 जुलाई को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल में भर्ती होने के ठीक दसवें दिन जारी मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया कि व्यापक क्रिटिकल केयर और रिहैबिलिटेशन के बाद उसकी सेहत में 'संतोषजनक सुधार' हुआ है।

अस्पताल में क्या हुआ उपचार

युवती को संसद मार्च के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में दम घुटने के कारण बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। आरएमएल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में उसे होश में लाने की कोशिश की गई, जिसके बाद उसे तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में शिफ्ट किया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।

सेहत में लगातार सुधार होने पर वेंटिलेटर सपोर्ट सफलतापूर्वक हटाया गया। आईसीयू में लगभग एक सप्ताह बिताने के बाद उसे आगे की रिकवरी के लिए नर्सिंग होम वार्ड में स्थानांतरित किया गया।

डिस्चार्ज के समय स्थिति

आरएमएल अस्पताल ने 30 जुलाई को जारी अपनी ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट में बताया कि युवती अब पूरी तरह होश में है, स्पष्ट रूप से बात करने में सक्षम है और बिना किसी बाहरी सहायता के चल-फिर सकती है। अस्पताल के अनुसार, वह अपने रोज़मर्रा के काम स्वयं करने की क्षमता हासिल कर चुकी है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

यह युवती उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थी जिन्होंने 20 जुलाई को 'संसद चलो' के बैनर तले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया था। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर किया गया था।

गौरतलब है कि बाद में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया जब कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इन झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

आगे की स्थिति

युवती की डिस्चार्ज के साथ ही 20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा यह चिकित्सा अध्याय बंद होता दिख रहा है। हालाँकि, नीट पेपर लीक मामले पर छात्रों की माँगें और सरकार की जवाबदेही का सवाल अभी भी बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नीट विवाद की गंभीरता का प्रतीक है। सवाल यह है कि जब छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हों और हालात इतने बिगड़ें, तो क्या सरकार की जवाबदेही तंत्र पर्याप्त है? प्रदर्शन के हिंसक होने और पत्थरबाजी की घटनाओं की जाँच अभी भी अधूरी दिखती है। युवती की रिकवरी राहत की बात है, लेकिन जिस मुद्दे ने उसे सड़क पर लाया — नीट की पारदर्शिता — वह अभी भी अनसुलझा है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल युवती को अस्पताल से कब छुट्टी मिली?
युवती को 30 जुलाई को आरएमएल अस्पताल से छुट्टी दी गई — भर्ती होने के 10 दिन बाद। अस्पताल ने उसकी स्थिति को 'संतोषजनक' बताया और कहा कि वह बिना सहायता के चलने में सक्षम है।
युवती को अस्पताल में किस तरह का इलाज मिला?
पहले इमरजेंसी डिपार्टमेंट में होश लाने की कोशिश की गई, फिर आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। लगभग एक सप्ताह आईसीयू में रहने के बाद उसे नर्सिंग होम वार्ड में शिफ्ट किया गया।
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को किस बात का प्रदर्शन हुआ था?
यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सरकार से जवाबदेही की मांग के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'संसद चलो' बैनर तले आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन हिंसक कैसे हुआ?
प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इन झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए।
युवती की वर्तमान स्थिति क्या है?
आरएमएल अस्पताल के अनुसार, युवती अब पूरी तरह होश में है, स्पष्ट रूप से बात कर सकती है, बिना किसी सहायता के चल-फिर सकती है और अपने दैनिक काम खुद कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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