रोहित पवार दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' प्रदर्शन स्थल पहुंचे, CJI पर महाभियोग और धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 24 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। नीट पेपर लीक के विरोध में शुरू हुए इस सत्याग्रह में प्रदर्शन नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात के बाद पवार ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोले।
मुख्य घटनाक्रम
पवार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्याग्रह नीट पेपर लीक के बाद शुरू हुआ था और जंतर-मंतर पर यह उनकी पहली यात्रा है। उन्होंने कहा कि छात्र, अभिभावक और वरिष्ठ नेता सभी यहाँ एकत्रित हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने आंदोलन को व्यवस्थागत विफलताओं के विरुद्ध एक समावेशी सत्याग्रह बताया और इसकी राष्ट्रव्यापी गूंज को रेखांकित किया।
न्यायपालिका पर निशाना
पवार ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के हालिया बयानों पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका संस्था में उनका पूरा विश्वास है, लेकिन CJI का हालिया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'हम सर्वोच्च न्यायालय के संवैधानिक पद का सम्मान करते हैं, लेकिन अब हमें मुख्य न्यायाधीश के पद पर आसीन व्यक्ति पर भरोसा नहीं रहा।' पवार ने यह भी दावा किया कि CJI के बयान लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमज़ोर करते हैं।
राहुल गांधी से महाभियोग की अपील
पवार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की माँग के साथ-साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से CJI के विरुद्ध संसद में महाभियोग प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, 'चूँकि मुख्य न्यायाधीश लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बोल रहे हैं, इसलिए मैं राहुल गांधी से संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करता हूँ।'
दिल्ली पुलिस पर आरोप
पवार ने दिल्ली पुलिस की जमकर आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों — विशेषकर महिलाओं और छात्रों — पर कथित लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई से पहले क्षतिग्रस्त वाहनों को घटनास्थल पर लाकर युवा प्रदर्शनकारियों पर तोड़फोड़ के झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में भी ऐसी कथित चालें दोहराई जा सकती हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज़ हो रहे हैं और विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। पवार की यह यात्रा महाराष्ट्र की राजनीति में भी अहम संकेत देती है, जहाँ NCP (SP) अपनी पहचान को छात्र और युवा मुद्दों से जोड़ने की कोशिश में है। महाभियोग प्रस्ताव की माँग पर विपक्ष की एकजुटता और संसदीय रणनीति आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।