नीट री-एग्जाम पेपर भी गुजरात में 3 दिन पहले लीक हुआ था: रोहित पवार का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) के विधायक रोहित पवार ने 29 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से तीन दिन पहले गुजरात में लीक हो गया था। यह दावा ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं और केंद्र की एनडीए सरकार विपक्ष के निशाने पर है।
रोहित पवार ने क्या दावा किया
पवार ने अपने एक्स पोस्ट के साथ कुछ दस्तावेज़ भी साझा किए, जिनमें एक ईमेल थ्रेड शामिल है। उन्होंने जाँच एजेंसियों से अपील की कि वे घटनाक्रम की समय-सीमा की जाँच करें और कथित पेपर लीक के स्रोत का पता लगाएँ। पवार ने कहा, 'यह परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को दर्शाता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर यह सच है, तो यह बेहद चिंता की बात है। जाँच एजेंसियों को तुरंत इस मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए। अगर वास्तव में पेपर लीक हुआ है, तो बिना किसी दबाव के पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।'
नीट विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में पेपर लीक की खबरें सामने आई थीं। इसके अलावा बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के टॉप रैंक हासिल करने और कुछ खास उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स दिए जाने को लेकर भी न्यायालय में याचिकाएँ दायर हुईं। इन विवादों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की थी — और अब उसी री-एग्जाम पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने नीट पेपर लीक मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी, जिसके बाद बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया और कानूनी कदम
देशभर में हुए विरोध और हंगामे के बाद केंद्र सरकार ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' लागू किया। इस कानून का उद्देश्य सख्त सजा, पेपर लीक रोकने के उपायों और भारी जुर्माने के ज़रिए परीक्षाओं में होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि केवल कानून बना देने से ढाँचागत खामियाँ दूर नहीं होंगी।
विपक्ष की माँगें
कानूनी कदम उठाए जाने के बावजूद विपक्षी दलों ने एनडीए सरकार पर दबाव बनाए रखा है। वे एनटीए में ढाँचागत सुधार और राष्ट्रीय स्तर की भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार और कई छात्र संगठन जवाबदेही तय करने तथा राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर सख्त नियम लागू करने की माँग पर अडिग हैं।
आगे क्या होगा
पवार ने जाँच एजेंसियों से अपील की है कि वे राजनीतिक दबाव में आए बिना पेपर लीक नेटवर्क के मुख्य आरोपियों का खुलासा करें। सीबीआई की जाँच जारी है और कथित तौर पर साझा किए गए दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता की पड़ताल अभी बाकी है। यह मामला आने वाले दिनों में संसद और अदालतों दोनों में गूँजने की संभावना है।