नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: संसदीय समिति में एनटीए के डीजी तलब, विपक्षी सांसदों ने घेरा

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: संसदीय समिति में एनटीए के डीजी तलब, विपक्षी सांसदों ने घेरा

सारांश

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामला संसद की दहलीज़ तक पहुँचा — एनटीए के डीजी को समिति के समक्ष जवाब देना पड़ा। 3 मई की परीक्षा रद्द, सीबीआई जाँच जारी, और लाखों छात्रों की नज़रें अब 21 जून की पुनर्परीक्षा पर टिकी हैं।

मुख्य बातें

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह 21 मई को शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष उपस्थित हुए।
नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को हुई थी, पेपर लीक के बाद 11 मई को रद्द की गई।
सीबीआई संदिग्ध नेटवर्क और प्रश्नपत्र तक पहुँच के तरीकों की जाँच कर रही है।
समिति की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह कर रहे हैं; विपक्षी सदस्यों ने कड़ी नाराज़गी जताई।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू होने का दावा शिक्षा मंत्रालय ने किया।
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून को; एनटीए ने रिफंड सुविधा वेबसाइट पर सक्रिय की।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी गुरुवार, 21 मई को शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष उपस्थित हुए, जहाँ नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर विपक्षी सांसदों ने कड़े सवाल दागे। 3 मई को आयोजित परीक्षा 11 मई को रद्द की जा चुकी है और अब सीबीआई इस मामले की गहन जाँच कर रही है।

बैठक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति की बैठक नीट-यूजी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, सुरक्षा व्यवस्था और चल रही जाँच की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। गौरतलब है कि एनटीए ही वह संस्था है जो देशभर में नीट-यूजी जैसी प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित करती है, इसीलिए डीजी को समिति के समक्ष तलब किया गया था।

एनटीए का पक्ष और सुधार के दावे

बैठक में एनटीए के महानिदेशक ने समिति को बताया कि एजेंसी ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार लागू किए हैं। इनमें प्रश्नपत्र सुरक्षा प्रोटोकॉल को मज़बूत करना, निगरानी तंत्र का विस्तार, परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल सत्यापन प्रणाली को उन्नत करना और संवेदनशील सूचनाओं तक पहुँच को सीमित करना शामिल है। साथ ही समिति को यह भी बताया गया कि सीबीआई जाँच में एनटीए पूरा सहयोग कर रही है।

सीबीआई कथित तौर पर संदिग्ध नेटवर्क, तकनीकी माध्यमों और परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र तक पहुँच बनाने के तरीकों की पड़ताल कर रही है।

राधाकृष्णन समिति रिपोर्ट पर चर्चा

बैठक में के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस रिपोर्ट में नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्नपत्र की गोपनीयता, डिजिटल निगरानी और परीक्षा केंद्रों की जाँच से जुड़े उपाय सुझाए गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसने राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को पूरी तरह लागू कर दिया है।

विपक्षी सांसदों की नाराज़गी

रिपोर्टों के अनुसार, कई विपक्षी सांसदों ने परीक्षा प्रक्रिया, सुरक्षा प्रणाली और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग होने पर कड़ी नाराज़गी जताई। सांसदों ने यह भी रेखांकित किया कि पेपर लीक जैसी घटनाएँ लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुँचाती हैं। समिति सदस्यों ने दोषियों के खिलाफ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई की माँग करते हुए भविष्य में तकनीक-आधारित सुरक्षा उपाय अपनाने पर ज़ोर दिया।

पुनर्परीक्षा और रिफंड की स्थिति

नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा अब 21 जून को आयोजित होनी है। इसके साथ ही एनटीए ने गुरुवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नीट-यूजी रिफंड सुविधा 2026 को सक्रिय कर दिया है, ताकि परीक्षार्थी शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकें। यह ऐसे समय में आया है जब लाखों मेडिकल अभ्यर्थी और उनके परिवार पुनर्परीक्षा की तैयारी के बीच अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। समिति को उम्मीद है कि आगामी परीक्षा में अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और तब भी एनटीए ने सुधारों का भरोसा दिलाया था। असली सवाल यह है कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें 'लागू' होने के बावजूद प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ — यह विरोधाभास सरकार के जवाब में सबसे बड़ा छेद है। संसदीय समिति की सुनवाई जवाबदेही का एक ज़रूरी मंच है, लेकिन बिना बाध्यकारी सिफारिशों और स्वतंत्र ऑडिट के यह महज़ औपचारिकता बन सकती है। जब तक परीक्षा सुरक्षा में संरचनात्मक बदलाव नहीं होते, लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करना मुश्किल रहेगा।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामला क्या है?
नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। अब सीबीआई इस मामले में संदिग्ध नेटवर्क और प्रश्नपत्र तक अवैध पहुँच के तरीकों की जाँच कर रही है।
संसदीय समिति ने एनटीए को क्यों तलब किया?
शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने परीक्षा की पारदर्शिता, गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एनटीए के डीजी को बुलाया। समिति जाँच की प्रगति और भविष्य के सुधारों पर जानकारी लेना चाहती थी।
नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा कब होगी?
नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है। एनटीए ने परीक्षार्थियों के लिए शुल्क वापसी (रिफंड) सुविधा भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सक्रिय कर दी है।
राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट में क्या सुझाव हैं?
के. राधाकृष्णन समिति ने नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रश्नपत्र की गोपनीयता, डिजिटल निगरानी और परीक्षा केंद्रों की पारदर्शिता से जुड़े उपाय सुझाए हैं। शिक्षा मंत्रालय का दावा है कि ये सिफारिशें पूरी तरह लागू की जा चुकी हैं।
विपक्षी सांसदों की मुख्य माँगें क्या हैं?
विपक्षी सांसदों ने दोषियों के खिलाफ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई, स्वतंत्र जाँच तंत्र और भविष्य की परीक्षाओं में तकनीक-आधारित सुरक्षा उपायों की माँग की है। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएँ लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर जनता के विश्वास को नुकसान पहुँचाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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