नीट यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून: धर्मेंद्र प्रधान ने की समीक्षा, सख्त सुरक्षा और बहुस्तरीय निगरानी के निर्देश

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नीट यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून: धर्मेंद्र प्रधान ने की समीक्षा, सख्त सुरक्षा और बहुस्तरीय निगरानी के निर्देश

सारांश

पेपर लीक के बाद रद्द हुई नीट यूजी परीक्षा अब 21 जून को होगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उच्चस्तरीय बैठक में सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल, बहुस्तरीय निगरानी और जिला प्रशासन से सीधे समन्वय के निर्देश दिए — लाखों अभ्यर्थियों के भरोसे की असली परीक्षा अब 21 जून को होगी।

मुख्य बातें

नीट यूजी पुनर्परीक्षा अब 21 जून को आयोजित होगी; मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जो 11 मई को रद्द की गई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 19 मई को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें एनटीए और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती , अभ्यर्थियों की जाँच और संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।
जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने का आदेश; बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू होगी।
सीबीआई पेपर लीक प्रकरण की गहन जाँच कर रही है; 8 मई को मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार, 19 मई को नीट यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। यह पुनर्परीक्षा अब 21 जून को आयोजित होनी है। पेपर लीक कांड के बाद 3 मई की मूल परीक्षा रद्द होने से लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर लगा है।

मुख्य घटनाक्रम

3 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों की जानकारी 7 मई को एनटीए को मिली। 8 मई को मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 11 मई को परीक्षा औपचारिक रूप से रद्द कर दी गई। अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस पूरे पेपर लीक प्रकरण की गहन जाँच कर रही है।

बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई सभी कमियों को पूरी तरह दूर किया जाए और इस बार परीक्षा का आयोजन सुरक्षित, निर्बाध और त्रुटिरहित तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नीट परीक्षा का संचालन कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया जाए। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, अभ्यर्थियों की जाँच व्यवस्था तथा संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने राज्यों के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकों के आयोजन का भी निर्देश दिया, ताकि जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से परीक्षा केंद्रों पर निगरानी को मज़बूत बनाया जा सके।

बहुस्तरीय निगरानी और तकनीकी उपाय

मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा संचालन में बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना न्यूनतम हो सके। बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

आम जनता और छात्रों पर असर

पेपर लीक कांड ने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को गहरी मानसिक पीड़ा दी है। यह ऐसे समय में आया है जब एनटीए की विश्वसनीयता पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। शिक्षा मंत्री ने छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए परीक्षार्थियों के लिए परिवहन, पेयजल और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

क्या होगा आगे

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नीट पुनर्परीक्षा का सफल और निष्पक्ष आयोजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी एजेंसियों को पूरी जिम्मेदारी व समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सीबीआई की जाँच जारी है और उसके निष्कर्ष आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे। 21 जून की परीक्षा न केवल एनटीए की पुनर्स्थापित साख की परीक्षा होगी, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में जनता के भरोसे की भी कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जो संस्थागत विफलता पेपर लीक की जड़ में थी, क्या उसे महज़ सुरक्षा बल और समन्वय बैठकों से ठीक किया जा सकता है। एनटीए की संरचनात्मक कमज़ोरियाँ — जिनमें परीक्षा सामग्री की आपूर्ति श्रृंखला की अपारदर्शिता प्रमुख है — पर अभी तक कोई ठोस सार्वजनिक जवाबदेही नहीं आई है। सीबीआई जाँच जारी है, लेकिन उसके निष्कर्ष आने से पहले ही पुनर्परीक्षा कराना एक राजनीतिक दबाव में लिया गया निर्णय भी लग सकता है। बिना प्रणालीगत सुधार के, यह पुनर्परीक्षा समस्या का समाधान नहीं, केवल स्थगन होगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी पुनर्परीक्षा कब होगी?
नीट यूजी पुनर्परीक्षा अब 21 जून को आयोजित होनी है। मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे पेपर लीक के बाद 11 मई को रद्द कर दिया गया था।
नीट यूजी परीक्षा क्यों रद्द की गई थी?
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों की जानकारी 7 मई को एनटीए को मिली और 8 मई को मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। पेपर लीक की पुष्टि के बाद 11 मई को परीक्षा औपचारिक रूप से रद्द कर दी गई।
नीट पेपर लीक की जाँच कौन कर रहा है?
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) नीट यूजी पेपर लीक प्रकरण की गहन जाँच कर रही है। मामला 8 मई को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था।
पुनर्परीक्षा में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम होंगे?
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, अभ्यर्थियों की जाँच व्यवस्था और संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित होंगी और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
नीट यूजी पुनर्परीक्षा से छात्रों को क्या सुविधाएँ मिलेंगी?
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षार्थियों के लिए परिवहन, पेयजल और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। छात्रों की सुविधा को सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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