नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून: भीषण गर्मी के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार, 25 मई को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों तथा प्रशासकों को पत्र लिखकर 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों में पूर्ण सहयोग का आग्रह किया है। देश के कई हिस्सों में जारी भीषण हीटवेव को देखते हुए केंद्र सरकार ने अभ्यर्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित की है। यह पुनर्परीक्षा उस विवाद के बाद आयोजित हो रही है जब पेपर लीक की शिकायतों के चलते 11 मई को मूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
पुनर्परीक्षा की पृष्ठभूमि
नीट-यूजी की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। हालाँकि, पेपर लीक की गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। फिलहाल केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) इस पूरे प्रकरण की गहन जाँच कर रही है। इस पृष्ठभूमि में 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है, जो पहले से ही जन-आक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच घिरी हुई है।
शिक्षा मंत्री के पत्र में क्या है
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में राज्यों से कहा कि देश के अनेक क्षेत्रों में इस समय गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। लाखों छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचना होगा और कई घंटों तक वहाँ रहना होगा, इसलिए समुचित प्रबंध पहले से सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने जिला प्रशासन, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य परीक्षा केंद्रों को तत्काल निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य सुविधाएँ
मंत्री ने विशेष रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया — सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, पंखे और कूलर, साफ-सुथरे शौचालय (जहाँ आवश्यक हो वहाँ पोर्टेबल शौचालय भी), छायादार प्रतीक्षा स्थल और निर्बाध बिजली आपूर्ति। यह सुविधाएँ न केवल अभ्यर्थियों बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
परिवहन और समन्वय पर जोर
प्रधान ने यह भी रेखांकित किया कि अनेक छात्र दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा देने पहुँचते हैं और गर्मी के कारण उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयाँ हो सकती हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकारों से स्थानीय परिवहन सेवाओं और प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय रखने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का हित, उनकी सुरक्षा और मानसिक सहजता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे क्या
नीट-यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं। CBI जाँच जारी रहने और पुनर्परीक्षा की तैयारियाँ चल रहे होने के बीच केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय इस बार पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गया है। शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी राज्य सरकारें पूर्ण सहयोग देंगी और परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी।