नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा: धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय पहुँचकर 21 जून की तैयारियों का जायज़ा लिया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार, 9 जून 2026 को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के मुख्यालय, नई दिल्ली का स्वयं दौरा किया और 21 जून को प्रस्तावित नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार परीक्षा त्रुटिरहित तरीके से आयोजित की जाएगी और परिणाम समय पर घोषित किए जाएंगे।
मंत्री का NTA दौरा और समीक्षा बैठक
प्रधान ने कहा, 'मैं छात्रों और उनके अभिभावकों से अनुरोध करना चाहता हूँ — इस बार नीट परीक्षा त्रुटिरहित तरीके से आयोजित की जाएगी। परिणाम समय पर घोषित किए जाएंगे ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और समय की बर्बादी न हो।' उन्होंने बताया कि NTA की प्रक्रियाओं की 'कई बार समीक्षा' की जा चुकी है और वे स्वयं इसी उद्देश्य से मुख्यालय पहुँचे थे।
प्रश्नपत्र सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
पुनर्परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए प्रधान ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उनकी सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित करने तक, 'हर चरण में कड़ी गोपनीयता बनाए रखनी होगी।' उन्होंने यह भी बताया कि इस बार संबंधित विभागों को नियुक्त करने में अतिरिक्त सावधानी बरती गई है।
प्रधानमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में कैबिनेट सचिव और गृह सचिव सहित सरकार का वरिष्ठ नेतृत्व शामिल है। उन्होंने कहा, 'स्वयं प्रधानमंत्री जिम्मेदारी ले रहे हैं और चिंतित हैं — वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस पूरी प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से देश के बच्चों को आश्वस्त किया जाए। हम पिछली गलतियों को नहीं दोहराएंगे।'
CBI जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग
पेपर लीक मामले की जारी जाँच पर प्रधान ने कहा कि केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) विस्तृत जाँच कर रही है — 'पिछले कुछ दिनों में क्या अनियमितताएँ हुईं और कहाँ हुईं।' उन्होंने CBI पर 'पूरा भरोसा' जताया और कहा कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का अनुरोध किया गया है। प्रधान ने यह भी माँग की कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच हो, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाएँ और उन्हें त्वरित अदालत में पेश किया जाए।
आगे क्या होगा
यह पुनर्परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है जो पेपर लीक विवाद के कारण प्रभावित हुए थे। 21 जून 2026 की परीक्षा तिथि अब लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य की कसौटी बन गई है। सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों की परख इस बात से होगी कि परीक्षा निर्विघ्न संपन्न होती है या नहीं।