नीट परीक्षा 2024: धर्मेंद्र प्रधान का वादा — पारदर्शिता रहेगी, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 9 जून 2024 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कार्यालय का दौरा करने के बाद स्पष्ट किया कि आगामी नीट परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देशभर के छात्रों और अभिभावकों की बढ़ती चिंताओं के बीच यह आश्वासन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्री का आश्वासन और तैयारियाँ
प्रधान ने छात्रों और उनके परिजनों से अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंताओं को पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा बिना किसी त्रुटि के आयोजित होगी और परिणाम भी समय पर घोषित किए जाएंगे, ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। परीक्षा की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और कैबिनेट सचिव तथा गृह सचिव स्तर पर महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी हैं।
शीर्ष मंत्रालयों के साथ समन्वय
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वे स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात कर चुके हैं, और उसी दिन शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी इस विषय पर चर्चा निर्धारित थी। इसके अलावा वित्त मंत्रालय भी पूरे घटनाक्रम पर करीबी नज़र बनाए हुए है। राज्यों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है और मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।
ज़िला प्रशासन की भूमिका
प्रधान ने कहा कि जब भी NTA की बड़ी परीक्षाएँ आयोजित होती हैं, राज्य सरकारें, ज़िला मजिस्ट्रेट, ज़िला पुलिस अधीक्षक और ज़िला प्रशासन का नेतृत्व हमेशा सहयोग करता है। इस बार भी उसी स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। गौरतलब है कि पिछले वर्ष नीट पेपर लीक विवाद के बाद यह परीक्षा पहली बार इस पैमाने पर निगरानी के साथ आयोजित हो रही है।
सीबीआई जाँच और दोषियों पर कार्रवाई
नीट पेपर लीक मामले पर बोलते हुए प्रधान ने कहा कि इस पूरे मामले की जाँच फिलहाल केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) कर रही है। CBI विस्तार से यह पता लगा रही है कि अनियमितताएँ कहाँ और कैसे हुईं। उन्होंने कहा कि CBI से अनुरोध किया गया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रधान ने माँग की कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई हो और उन्हें उदाहरण पेश करने वाली सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
प्रधानमंत्री की सीधी निगरानी
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में सरकार का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस विषय को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से देश के छात्रों और उनके परिवारों का विश्वास मजबूत किया जाए। आने वाले दिनों में CBI की जाँच रिपोर्ट और फास्ट ट्रैक कोर्ट की कार्यवाही पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।