नीट पेपर लीक: केंद्रीय मंत्री राज भूषण चौधरी बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, 21 जून को री-एग्जाम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने 29 मई को स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मसले को पूरी गंभीरता से ले रही है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के समानांतर शिक्षा मंत्रालय री-एग्जाम की तैयारियों में भी जुटा है।
मंत्री का बयान और सरकारी रुख
मीडिया से बातचीत में राज भूषण चौधरी ने कहा, 'हमारी सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है, और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' अधिकारियों का दावा है कि 21 जून को आयोजित होने वाली री-एग्जाम में इस बार किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। इस बीच विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाने का सिलसिला जारी रखा है।
जदयू नेताओं की प्रतिक्रिया
बिहार से जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीरज कुमार ने कहा कि देश में लाखों छात्रों और युवतियों का भविष्य नीट के प्रश्न पत्र से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र लीक होने और हेरफेर के लिए नई तकनीक के दुरुपयोग की घटनाएं निश्चित रूप से देश के लिए चिंता का विषय हैं। नीरज कुमार ने माँग की कि दोषियों की संपत्ति जब्त कर उसे परीक्षा भवन में तब्दील किया जाए।
जदयू सांसद संजय झा ने इसे 'बच्चों और उनके माता-पिता के लिए एक दुखद स्थिति' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने जैसे तत्काल कदम उठाए हैं और अब उच्चतम स्तर पर स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
CBI जांच और गिरफ्तारियाँ
पेपर लीक मामले में CBI की जांच जारी है और अब तक इस प्रकरण में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि नीट परीक्षा में हर साल 20 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं, जिससे यह देश की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है।
आगे क्या होगा
नीट री-एग्जाम 21 जून को निर्धारित है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए उपाय लागू किए जाएंगे। CBI की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।