नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम: नेताओं ने दिलाया भरोसा, पेपर लीक न हो — पंजाब मंत्री की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को देशभर में आयोजित की जा रही है। पिछले वर्ष हुई अनियमितताओं और विवादों के बाद इस बार प्रशासनिक तैयारियाँ पहले से कहीं अधिक कड़ी की गई हैं। राजनीतिक दलों ने परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं — कुछ ने भरोसा जताया, तो कुछ ने चिंता।
सत्ता पक्ष का भरोसा
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा, 'हम लोगों को पूरी उम्मीद है कि पिछली बार जो घटनाएँ हुई हैं, उनकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। सरकार की ओर से सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और अच्छे तरीके से परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने भी आश्वस्त किया कि परीक्षा व्यवस्थित रूप से संपन्न होगी और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
विपक्ष की चिंताएँ और सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि नीट परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित हो और सफलतापूर्वक संपन्न हो। हमें सरकार से बहुत कम उम्मीद है, क्योंकि पिछले 14 वर्षों में आयोजित कई परीक्षाओं में विफलताएँ, रद्दीकरण या विवाद देखने को मिले हैं। ऐसी चिंताएँ हैं कि कुछ लोगों के माध्यम से इन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ और भ्रष्टाचार होता है। छात्र आक्रोशित हैं और देश भर के लोग चिंतित हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब नीट को लेकर छात्रों का आक्रोश अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष हुई परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने पूरे देश में हंगामा मचाया था।
पंजाब मंत्री की पेपर लीक पर चेतावनी
पंजाब सरकार में मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, 'मैं खुद डॉक्टर हूँ, इसलिए मुझे पता है कि परीक्षा पास करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। फिर पेपर लीक हो जाए तो बहुत दुख होता है।' उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह पेपर लीक रोकने पर विशेष ध्यान दे।
ज़मीनी सुरक्षा व्यवस्था
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने बताया, 'नीट परीक्षा के संबंध में आज सभी संबंधित यूनिट्स के ज़रिए फोर्स की तैनाती की गई है। हमारे जवान रेलवे स्टेशनों पर भी तैनात किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे, और हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेंगे कि परीक्षा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से आयोजित हो।'
छत्तीसगढ़ के कोरबा में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की गाइडलाइंस का पूर्णतः पालन किया जाए। कोरबा में 4 परीक्षा केंद्रों पर 1,765 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
आगे क्या
परीक्षा के परिणाम और उसकी निष्पक्षता ही यह तय करेगी कि सरकार और प्रशासन का भरोसा खरा उतरता है या नहीं। लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है — और इस बार हर कदम पर देश की नज़र है।