6 अगस्त 2026
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नीट-यूजी 2026 दोबारा परीक्षा: देशभर में कड़ी सुरक्षा, छात्राओं ने कहा — 'पेपर लीक ने तोड़ा आत्मविश्वास'

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नीट-यूजी 2026 दोबारा परीक्षा: देशभर में कड़ी सुरक्षा, छात्राओं ने कहा — 'पेपर लीक ने तोड़ा आत्मविश्वास'

सारांश

पेपर लीक के बाद विवादों में घिरी नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को देशभर में हुई। जम्मू-कश्मीर में 50,000 से अधिक उम्मीदवार 127 केंद्रों पर बैठे, लेकिन छात्राओं ने माना कि पेपर लीक ने उनका आत्मविश्वास कमज़ोर किया है।

मुख्य बातें

नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 22 जून 2026 को रविवार को देशभर में आयोजित की गई।
जम्मू-कश्मीर के 127 केंद्रों पर 50,000 से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।
शिमला में 9 केंद्रों पर प्रश्न पत्र पुलिस व आईटीबीपी की सुरक्षा में पहुँचाए गए।
छात्रा निहारिका तिवारी ने कहा कि पेपर लीक से आत्मविश्वास कमज़ोर हुआ और डर का माहौल है।
BJP विधायक सीपी सिंह ने पेपर लीक की घटनाओं को ऐतिहासिक बताते हुए विपक्ष को भी कटघरे में खड़ा किया।

नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 22 जून 2026 को रविवार के दिन पूरे देश में आयोजित की गई, जिसमें जम्मू-कश्मीर के 127 केंद्रों पर 50,000 से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए। पेपर लीक के बाद उत्पन्न विवाद की पृष्ठभूमि में यह परीक्षा सख्त सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हुई, और छात्रों में तनाव तथा आत्मविश्वास की कमी साफ देखी गई।

छात्रों की प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश के जबलपुर से परीक्षा में शामिल होने वाली छात्रा अपेक्षा ठाकुर ने कहा, 'पेपर लीक होने के बाद तनाव हो गया है। हमने अच्छी तैयारी की है। उम्मीद है कि आज का पेपर अच्छा जाएगा।' वहीं एक अन्य छात्रा निहारिका तिवारी ने कहा, 'पहले पेपर लीक होने से काफी तनाव का माहौल है। अब भी डर का माहौल है। पेपर लीक होने से आत्मविश्वास कमज़ोर हो गया है।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट को लेकर देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा तैनात की गई। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 9 केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और प्रश्न पत्रों को पुलिसआईटीबीपी की सुरक्षा में केंद्रों तक पहुँचाया गया। गौरतलब है कि पिछली परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद इस बार प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को कई गुना सख्त किया।

नेताओं की प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री दिलीप अहिरवार ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, 'ईश्वर से प्रार्थना है कि जो बच्चे परीक्षा में शामिल हो रहे हैं उनको सफलता मिले।' हरियाणा सरकार में मंत्री आरती राव ने भी छात्रों को शुभकामनाएँ दीं और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने कहा कि चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है और छात्रों को अपना बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए।

राजनीतिक विवाद

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सीपी सिंह ने कहा, 'हम लोगों की कोशिश है कि परीक्षा अच्छी तरह से संपन्न हो जाए। पिछली बार पेपर लीक होने की बात सामने आई थी। पहली बार ऐसा नहीं हुआ है — आरोप लगाने वालों को बताना चाहिए कि उनके शासन में ऐसा नहीं हुआ क्या? ऐसी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। सब चीजों के लिए कानून बनाए गए हैं।' यह टिप्पणी विपक्ष द्वारा परीक्षा तंत्र पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में आई।

आगे क्या

पुनर्परीक्षा के परिणाम और उसकी पारदर्शिता इस बात का पैमाना बनेगी कि परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल हो पाता है या नहीं। आलोचकों का कहना है कि जब तक पेपर लीक की जड़ों तक जाँच नहीं होती और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक केवल सुरक्षा कड़ी करना पर्याप्त नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पर्याप्त नहीं; जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, छात्रों का भरोसा बहाल करना मुश्किल है। BJP विधायक का यह तर्क कि 'पहले भी ऐसा हुआ है' — जवाबदेही से बचने की राजनीतिक रणनीति लगती है, न कि समाधान। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा प्रणाली को राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि संरचनात्मक सुधार से ठीक किया जा सकता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा क्यों आयोजित की गई?
पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। पहली परीक्षा में कथित अनियमितताओं के चलते छात्रों और अभिभावकों में व्यापक असंतोष था, जिसके बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
जम्मू-कश्मीर में नीट पुनर्परीक्षा के लिए कितने केंद्र और उम्मीदवार थे?
जम्मू-कश्मीर में 127 परीक्षा केंद्रों पर 50,000 से अधिक उम्मीदवारों ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा दी। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
हिमाचल प्रदेश में नीट परीक्षा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की गई?
शिमला में 9 केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और प्रश्न पत्रों को पुलिस व आईटीबीपी की सुरक्षा में परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाया गया। यह व्यवस्था पिछली परीक्षा में हुई कथित चूक को देखते हुए की गई।
छात्रों ने नीट पुनर्परीक्षा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जबलपुर की छात्रा अपेक्षा ठाकुर ने उम्मीद जताई कि पेपर अच्छा जाएगा, जबकि निहारिका तिवारी ने कहा कि पेपर लीक से आत्मविश्वास कमज़ोर हुआ और अभी भी डर का माहौल है। दोनों ने तनाव का ज़िक्र किया।
नीट पुनर्परीक्षा पर राजनीतिक दलों का क्या रुख रहा?
BJP विधायक सीपी सिंह ने परीक्षा के सुचारू संचालन की उम्मीद जताते हुए विपक्ष पर पलटवार किया और कहा कि पेपर लीक पहले भी होते रहे हैं। जदयू नेता राजीव रंजन ने व्यवस्था को चाक-चौबंद बताया, जबकि मध्य प्रदेश और हरियाणा के मंत्रियों ने छात्रों को शुभकामनाएँ दीं।
राष्ट्र प्रेस
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