री-नीट यूजी 2026: पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा में उतरे छात्र, बोले — 'अब सब कुछ परिणाम पर निर्भर'
सारांश
मुख्य बातें
री-नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई, जहाँ लाखों अभ्यर्थी उत्साह और मानसिक दबाव के मिले-जुले भाव के साथ पहुँचे। 3 मई 2026 को हुई मूल परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि के बाद यह पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। कोई छात्र इसे दूसरे मौके के रूप में देख रहा है, तो कोई बार-बार परीक्षा देने के कारण गहरे मानसिक तनाव में है।
ओडिशा से राजस्थान तक: छात्रों की ज़ुबानी
ओडिशा के केंद्रपाड़ा में परीक्षा केंद्र पर मौजूद एक अभ्यर्थी ने बताया कि 3 मई को भी उसका केंद्र यही था और उस दिन परीक्षा उसकी अपेक्षाओं के अनुरूप रही थी। उसने कहा, 'प्रश्नपत्र अच्छा था और मुझे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक की खबर ने सब पलट दिया।' उस छात्र को 2015 की पुनर्परीक्षा भी याद है, जब प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत कठिन आया था — इसलिए इस बार भी कठिन पेपर की आशंका बनी हुई है।
उसी छात्र ने बताया कि उसने इस परीक्षा की तैयारी के लिए पूरे एक वर्ष का ड्रॉप लिया है। उसके शब्दों में, 'कई छात्र दो-तीन साल का ड्रॉप लेते हैं, यह मेरा पहला ड्रॉप वर्ष है। अब सब कुछ परीक्षा के परिणाम पर निर्भर करेगा।'
मानसिक दबाव सबसे बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि इस पुनर्परीक्षा में असली चुनौती विषय की तैयारी नहीं, बल्कि खुद को मानसिक रूप से दोबारा तैयार करना है। उसने बताया, '3 मई की परीक्षा के बाद मुझे भरोसा था कि चयन हो सकता है, लेकिन एक सप्ताह बाद पेपर लीक की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं और फिर से हफ्तों तैयारी करनी पड़ी।'
गुजरात के वडोदरा में एक अभ्यर्थी ने इस मनोदशा को और स्पष्ट किया — उसके अनुसार मानसिक दबाव पहले से कहीं अधिक है। उसने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के लिए मन स्वाभाविक रूप से तैयार नहीं होता, फिर भी परीक्षा देना अनिवार्य है।
निष्पक्षता पर अलग-अलग राय
राजस्थान के कोटा से एक अभ्यर्थी ने माना कि पुनर्परीक्षा एक तरह से न्यायसंगत निर्णय है, क्योंकि इससे सभी छात्रों को अपनी वास्तविक तैयारी के आधार पर समान अवसर मिलेगा। हालाँकि उसने यह भी कहा कि नए प्रश्नपत्र का स्तर क्या होगा, यह अनुमान लगाना मुश्किल है।
राजस्थान के जैसलमेर से आए एक छात्र ने बताया कि पहली परीक्षा के बाद उसे पूरा विश्वास था कि वह अच्छे अंकों से सफल होगा, लेकिन पुनर्परीक्षा की घोषणा ने उसके अध्ययन की लय तोड़ दी और मानसिक तनाव बढ़ा दिया।
जम्मू-कश्मीर के अभ्यर्थियों का हौसला
जम्मू में एक छात्र ने कहा कि वह नर्वस ज़रूर है, लेकिन उसकी तैयारी मज़बूत है। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी, जो पहली बार नीट दे रहा है, उसने इस पुनर्परीक्षा को खुद को साबित करने के नए अवसर के रूप में देखा। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा से आए एक छात्र ने बताया कि पेपर लीक और पुनर्परीक्षा की घोषणा के कारण उसके नियमित टेस्ट और तैयारी का क्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ।
आगे क्या होगा
यह पुनर्परीक्षा नीट यूजी के इतिहास में पेपर लीक के बाद दोबारा आयोजित की जाने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। गौरतलब है कि 2015 में भी इसी तरह की पुनर्परीक्षा हुई थी, जिसमें प्रश्नपत्र कठिन रहा था। परिणाम के बाद ही तय होगा कि लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और मानसिक संघर्ष रंग लाया या नहीं।