जमुई घटना पर मौलाना रशीदी: 'बिहार में महिला सुरक्षा की हालत गंभीर, सरकार सख्त कदम उठाए'
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 22 सितंबर 2026 को बिहार के जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति 'बहुत गंभीर' हो चुकी है और इस तरह की घटनाओं ने 'सारी हदें पार कर दी हैं'। उन्होंने सरकार से महिला सुरक्षा को लेकर ठोस और सख्त कदम उठाने की माँग की।
जमुई घटना और बिहार में महिला सुरक्षा
मौलाना रशीदी ने बिहार में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कई हालिया मामलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले ही एक लड़के ने अपनी माँ के हाथ-पैर बांधकर पूरी रात यौन शोषण किया था। एक और मामले में, 11 साल की बच्ची के साथ कई लोगों ने पाँच दिनों तक रेप किया। ऐसी घटनाएँ, खासकर जमुई की घटना, ने सारी हदें पार कर दी हैं।'
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रहा है।
हिंदू त्योहारों में मुसलमानों की भागीदारी पर रुख
होली, दीपावली और गरबा जैसे त्योहारों में मुसलमानों के शामिल होने के प्रश्न पर मौलाना रशीदी ने धार्मिक आधार पर स्पष्ट राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'इस्लाम में कुरान साफ तौर पर कहता है कि अल्लाह सबसे बड़े गुनाहों को भी माफ कर सकता है, लेकिन वह 'शिर्क' को माफ नहीं करेगा। शिर्क का मतलब है अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना।'
उन्होंने आगे कहा कि चूँकि इन त्योहारों में मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा होती है, इसलिए इस्लामी दृष्टिकोण से किसी मुसलमान का ऐसे आयोजनों में शामिल होना 'सख्ती से मना' है। उनका तर्क था कि 'अगर कोई मुसलमान वहाँ जाता है, तो उसका ईमान चला जाएगा।'
भाजपा विधायक के कथित बयान पर पलटवार
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा, 'इससे ज्यादा बुरी या घटिया सोच क्या हो सकती है? अब उनकी नजर मुसलमानों की बहनों और बेटियों पर है।' उन्होंने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे अपनी बहनों और बेटियों को मस्जिद भेज सकते हैं, तो उन्हें 'अच्छी शिक्षा और संस्कार' दिए जाएँगे।
ओवैसी और उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 पर टिप्पणी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पूर्व ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों पर टिप्पणी करते हुए रशीदी ने कहा, 'जो भी पार्टी यह दावा करती है कि 'हम भारतीय जनता पार्टी को हराना चाहते हैं', वह असल में भाजपा के साथ ही मिली हुई होती है, चाहे वह कोई भी पार्टी हो।'
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दल को संवैधानिक अधिकार है कि वह चुनाव लड़े, लेकिन मुसलमानों को केवल 'भाजपा को हराने के हथियार' के रूप में देखने की मानसिकता पर उन्होंने सवाल उठाया। उनके शब्दों में, 'मुसलमान भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।' यह टिप्पणी UP 2027 चुनावी परिदृश्य में मुस्लिम राजनीति की दिशा को लेकर एक सार्थक बहस की ओर संकेत करती है।
आगे क्या
मौलाना रशीदी के ये बयान बिहार में महिला सुरक्षा, अंतर-धार्मिक सहभागिता और मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी — तीनों मुद्दों पर एक साथ बहस को तेज करते हैं। बिहार सरकार की ओर से जमुई मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और यह देखना होगा कि इन बयानों का UP चुनावी चर्चा पर क्या असर पड़ता है।