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जमुई घटना पर मौलाना रशीदी: 'बिहार में महिला सुरक्षा की हालत गंभीर, सरकार सख्त कदम उठाए'

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जमुई घटना पर मौलाना रशीदी: 'बिहार में महिला सुरक्षा की हालत गंभीर, सरकार सख्त कदम उठाए'

सारांश

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने जमुई की घटना को 'सारी हदें पार' बताया और बिहार में महिला सुरक्षा को गंभीर चुनौती करार दिया। साथ ही उन्होंने हिंदू त्योहारों में मुस्लिम भागीदारी, भाजपा विधायक के कथित बयान और ओवैसी की UP रणनीति पर भी बेबाक राय दी।

मुख्य बातें

मौलाना साजिद रशीदी ने जमुई की घटना को 'सारी हदें पार' बताते हुए बिहार में महिला सुरक्षा की स्थिति को 'बहुत गंभीर' कहा।
उन्होंने हालिया मामलों का हवाला दिया — जिनमें एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ 5 दिनों तक बलात्कार की घटना शामिल है।
होली, दीपावली और गरबा में मुसलमानों की भागीदारी को उन्होंने इस्लामी दृष्टिकोण से 'सख्ती से मना' करार दिया।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कथित बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर टिप्पणी करते हुए कहा — 'मुसलमान भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए'।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 22 सितंबर 2026 को बिहार के जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति 'बहुत गंभीर' हो चुकी है और इस तरह की घटनाओं ने 'सारी हदें पार कर दी हैं'। उन्होंने सरकार से महिला सुरक्षा को लेकर ठोस और सख्त कदम उठाने की माँग की।

जमुई घटना और बिहार में महिला सुरक्षा

मौलाना रशीदी ने बिहार में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कई हालिया मामलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले ही एक लड़के ने अपनी माँ के हाथ-पैर बांधकर पूरी रात यौन शोषण किया था। एक और मामले में, 11 साल की बच्ची के साथ कई लोगों ने पाँच दिनों तक रेप किया। ऐसी घटनाएँ, खासकर जमुई की घटना, ने सारी हदें पार कर दी हैं।'

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रहा है।

हिंदू त्योहारों में मुसलमानों की भागीदारी पर रुख

होली, दीपावली और गरबा जैसे त्योहारों में मुसलमानों के शामिल होने के प्रश्न पर मौलाना रशीदी ने धार्मिक आधार पर स्पष्ट राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'इस्लाम में कुरान साफ तौर पर कहता है कि अल्लाह सबसे बड़े गुनाहों को भी माफ कर सकता है, लेकिन वह 'शिर्क' को माफ नहीं करेगा। शिर्क का मतलब है अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना।'

उन्होंने आगे कहा कि चूँकि इन त्योहारों में मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा होती है, इसलिए इस्लामी दृष्टिकोण से किसी मुसलमान का ऐसे आयोजनों में शामिल होना 'सख्ती से मना' है। उनका तर्क था कि 'अगर कोई मुसलमान वहाँ जाता है, तो उसका ईमान चला जाएगा।'

भाजपा विधायक के कथित बयान पर पलटवार

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा, 'इससे ज्यादा बुरी या घटिया सोच क्या हो सकती है? अब उनकी नजर मुसलमानों की बहनों और बेटियों पर है।' उन्होंने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे अपनी बहनों और बेटियों को मस्जिद भेज सकते हैं, तो उन्हें 'अच्छी शिक्षा और संस्कार' दिए जाएँगे।

ओवैसी और उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 पर टिप्पणी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पूर्व ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों पर टिप्पणी करते हुए रशीदी ने कहा, 'जो भी पार्टी यह दावा करती है कि 'हम भारतीय जनता पार्टी को हराना चाहते हैं', वह असल में भाजपा के साथ ही मिली हुई होती है, चाहे वह कोई भी पार्टी हो।'

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दल को संवैधानिक अधिकार है कि वह चुनाव लड़े, लेकिन मुसलमानों को केवल 'भाजपा को हराने के हथियार' के रूप में देखने की मानसिकता पर उन्होंने सवाल उठाया। उनके शब्दों में, 'मुसलमान भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।' यह टिप्पणी UP 2027 चुनावी परिदृश्य में मुस्लिम राजनीति की दिशा को लेकर एक सार्थक बहस की ओर संकेत करती है।

आगे क्या

मौलाना रशीदी के ये बयान बिहार में महिला सुरक्षा, अंतर-धार्मिक सहभागिता और मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी — तीनों मुद्दों पर एक साथ बहस को तेज करते हैं। बिहार सरकार की ओर से जमुई मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और यह देखना होगा कि इन बयानों का UP चुनावी चर्चा पर क्या असर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

धार्मिक सीमाएँ और मुस्लिम राजनीति — लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन्हें अलग-अलग देखती है। जमुई जैसी घटनाओं पर उनकी निंदा सर्वदलीय सहमति की माँग करती है, फिर भी त्योहारों पर उनका रुख सामाजिक सौहार्द की बहस को नई जटिलता देता है। ओवैसी पर टिप्पणी दरअसल एक बड़े सवाल की ओर इशारा है — क्या मुस्लिम मतदाता को केवल 'वोट बैंक' के रूप में परिभाषित करने की राजनीति उसकी वास्तविक नागरिक माँगों को नेपथ्य में धकेल देती है? UP 2027 से पहले यह सवाल और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना साजिद रशीदी ने जमुई घटना पर क्या कहा?
मौलाना रशीदी ने कहा कि जमुई की घटना ने 'सारी हदें पार कर दी हैं' और बिहार में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति 'बहुत गंभीर' है। उन्होंने सरकार से महिला सुरक्षा पर सख्त और ठोस कदम उठाने की माँग की।
मौलाना रशीदी ने हिंदू त्योहारों में मुसलमानों की भागीदारी पर क्या राय दी?
उन्होंने कहा कि होली, दीपावली और गरबा जैसे त्योहारों में मूर्ति पूजा होती है, जो इस्लाम में 'शिर्क' की श्रेणी में आती है और इसीलिए मुसलमानों का ऐसे आयोजनों में शामिल होना 'सख्ती से मना' है। उनके अनुसार ऐसा करने पर एक मुसलमान का ईमान प्रभावित होता है।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर रशीदी की प्रतिक्रिया क्या थी?
मौलाना रशीदी ने विधायक के कथित बयान को 'घटिया सोच' बताया और पलटवार करते हुए कहा कि अगर वे अपनी बहनों और बेटियों को मस्जिद भेजें तो उन्हें 'अच्छी शिक्षा और संस्कार' दिए जाएँगे।
UP 2027 चुनाव से पहले ओवैसी पर रशीदी ने क्या टिप्पणी की?
रशीदी ने कहा कि जो पार्टी 'भाजपा को हराने' का नारा देती है, वह असल में भाजपा के साथ मिली हुई होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'मुसलमान भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए' और उन्हें केवल इसी उद्देश्य के लिए लामबंद करना उचित नहीं है।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन क्या है?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) भारत में मस्जिदों के इमामों का एक प्रमुख राष्ट्रीय संगठन है। इसके अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी मुस्लिम समुदाय से जुड़े सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर समय-समय पर सार्वजनिक बयान देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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