23 सितंबर 2026
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जैकलीन फर्नांडिस को राहत: मकोका केस में आरोपी बनाने की अर्जी राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज की

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जैकलीन फर्नांडिस को राहत: मकोका केस में आरोपी बनाने की अर्जी राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज की

सारांश

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ₹200 करोड़ के मकोका मामले में आरोपी बनाने की अर्जी खारिज कर दी — लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन पर आरोप मई 2026 में ही तय हो चुके हैं। राहत आंशिक है, लड़ाई अभी जारी है।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 22 सितंबर 2026 को जैकलीन फर्नांडिस को मकोका मामले में आरोपी बनाने की अर्जी खारिज की।
अर्जी सुकेश चंद्रशेखर के सहयोगी नवाज कक्कट ने दायर की थी, जो दुबई से प्रत्यर्पित किए गए थे।
जैकलीन पहले से ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं; मई 2026 में आरोप तय हुए थे।
7 सितंबर 2026 को अदालत ने इस माँग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब माँगा था।
मकोका और जबरन वसूली मामले में सुकेश चंद्रशेखर व अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप पहले ही तय हो चुके हैं।

फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को 22 सितंबर 2026 को उस समय बड़ी राहत मिली जब नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत दर्ज मामले में आरोपी बनाने और समन जारी करने की माँग वाली अर्जी खारिज कर दी। यह अर्जी सुकेश चंद्रशेखर के सहयोगी नवाज कक्कट ने दायर की थी, जिन्हें दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। अदालत के इस फैसले से फिलहाल जैकलीन के विरुद्ध मकोका मामले में आरोपी के तौर पर शामिल किए जाने की प्रक्रिया पर विराम लग गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

₹200 करोड़ के कथित जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जड़ें सुकेश चंद्रशेखर पर लगे उन आरोपों में हैं, जिनके अनुसार उसने जेल में रहते हुए कथित तौर पर खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में पेश किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से सुकेश ने कथित तौर पर उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने और कानूनी सहायता दिलाने का भरोसा देकर भारी रकम वसूली। इसी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

जैकलीन की वर्तमान कानूनी स्थिति

गौरतलब है कि जैकलीन फर्नांडिस ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले से आरोपी हैं। मई 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने उनके विरुद्ध आरोप तय करने का आदेश दे दिया था। हालाँकि, इसी से जुड़े जबरन वसूली और मकोका मामले में उस समय उपलब्ध अदालती रिपोर्टों में जैकलीन को आरोपी नहीं बताया गया था — वे केवल मनी लॉन्ड्रिंग केस में ही आरोपी हैं।

नवाज कक्कट की अर्जी और अदालत की प्रतिक्रिया

दुबई से प्रत्यर्पित नवाज कक्कट ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दायर कर माँग की थी कि जैकलीन को भी मकोका मामले की कार्यवाही में आरोपी के रूप में शामिल किया जाए और उनके खिलाफ समन जारी किए जाएँ। इससे पहले, 7 सितंबर 2026 को अदालत ने इस माँग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब माँगा था। अदालत ने अब इस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिससे जैकलीन को तत्काल राहत मिली है।

सुकेश मामले की व्यापक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब सुकेश चंद्रशेखर और अन्य मुख्य आरोपियों के विरुद्ध जबरन वसूली व मकोका मामले में आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं। सुकेश पर कथित तौर पर जेल से बड़े पैमाने पर ठगी का नेटवर्क चलाने का आरोप है — एक ऐसी कथित प्रणाली जो उच्च-प्रोफाइल नामों और पेचीदा वित्तीय लेन-देन के कारण वर्षों से सुर्खियों में बनी हुई है।

आगे की राह

अदालत के इस ताज़े फैसले से जैकलीन फर्नांडिस को मकोका मामले में फिलहाल राहत मिली है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी सुनवाई जारी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, नवाज कक्कट या अन्य पक्षकार इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प अपना सकते हैं। मुख्य मामले की आगामी सुनवाई तिथि इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करने में अहम होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उनकी कानूनी मुश्किलों का अंत नहीं है — मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप पहले ही तय हो चुके हैं। उल्लेखनीय यह है कि यह अर्जी एक सह-आरोपी की ओर से आई थी, जो खुद मुकदमे में घिरा है — यह प्रक्रियागत रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है। सुकेश चंद्रशेखर प्रकरण उस व्यापक सवाल को उजागर करता है कि जेल से कथित अपराध नेटवर्क कैसे संचालित होते हैं और उच्च-प्रोफाइल नामों की संलिप्तता की जाँच में न्यायिक प्रक्रिया कितनी सुसंगत रहती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैकलीन फर्नांडिस को मकोका मामले में क्या राहत मिली?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 22 सितंबर 2026 को जैकलीन फर्नांडिस को मकोका मामले में आरोपी बनाने और समन जारी करने की माँग वाली अर्जी खारिज कर दी। इससे फिलहाल उन्हें इस विशेष मामले में आरोपी बनाए जाने से राहत मिली है।
सुकेश चंद्रशेखर का ₹200 करोड़ वसूली मामला क्या है?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने कथित तौर पर खुद को बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में पेश कर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने का भरोसा देकर ₹200 करोड़ की वसूली की। इसी शिकायत पर मामला दर्ज हुआ और जाँच आगे बढ़ी।
जैकलीन फर्नांडिस पहले से किस मामले में आरोपी हैं?
जैकलीन फर्नांडिस ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले से आरोपी हैं। मई 2026 में दिल्ली की अदालत ने उनके विरुद्ध इस केस में आरोप तय करने का आदेश दिया था।
मकोका में आरोपी बनाने की अर्जी किसने और क्यों दाखिल की थी?
यह अर्जी सुकेश चंद्रशेखर के सहयोगी नवाज कक्कट ने दायर की थी, जिन्हें दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। अर्जी में माँग की गई थी कि जैकलीन को भी मकोका मामले की कार्यवाही में आरोपी के तौर पर शामिल किया जाए।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
मकोका मामले में अर्जी खारिज होने के बावजूद जैकलीन के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई जारी रहेगी। नवाज कक्कट या अन्य पक्षकार इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प अपना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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