जैकलीन फर्नांडिस को राहत: मकोका केस में आरोपी बनाने की अर्जी राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज की
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को 22 सितंबर 2026 को उस समय बड़ी राहत मिली जब नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत दर्ज मामले में आरोपी बनाने और समन जारी करने की माँग वाली अर्जी खारिज कर दी। यह अर्जी सुकेश चंद्रशेखर के सहयोगी नवाज कक्कट ने दायर की थी, जिन्हें दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। अदालत के इस फैसले से फिलहाल जैकलीन के विरुद्ध मकोका मामले में आरोपी के तौर पर शामिल किए जाने की प्रक्रिया पर विराम लग गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
₹200 करोड़ के कथित जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जड़ें सुकेश चंद्रशेखर पर लगे उन आरोपों में हैं, जिनके अनुसार उसने जेल में रहते हुए कथित तौर पर खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में पेश किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से सुकेश ने कथित तौर पर उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने और कानूनी सहायता दिलाने का भरोसा देकर भारी रकम वसूली। इसी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
जैकलीन की वर्तमान कानूनी स्थिति
गौरतलब है कि जैकलीन फर्नांडिस ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले से आरोपी हैं। मई 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने उनके विरुद्ध आरोप तय करने का आदेश दे दिया था। हालाँकि, इसी से जुड़े जबरन वसूली और मकोका मामले में उस समय उपलब्ध अदालती रिपोर्टों में जैकलीन को आरोपी नहीं बताया गया था — वे केवल मनी लॉन्ड्रिंग केस में ही आरोपी हैं।
नवाज कक्कट की अर्जी और अदालत की प्रतिक्रिया
दुबई से प्रत्यर्पित नवाज कक्कट ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दायर कर माँग की थी कि जैकलीन को भी मकोका मामले की कार्यवाही में आरोपी के रूप में शामिल किया जाए और उनके खिलाफ समन जारी किए जाएँ। इससे पहले, 7 सितंबर 2026 को अदालत ने इस माँग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब माँगा था। अदालत ने अब इस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिससे जैकलीन को तत्काल राहत मिली है।
सुकेश मामले की व्यापक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब सुकेश चंद्रशेखर और अन्य मुख्य आरोपियों के विरुद्ध जबरन वसूली व मकोका मामले में आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं। सुकेश पर कथित तौर पर जेल से बड़े पैमाने पर ठगी का नेटवर्क चलाने का आरोप है — एक ऐसी कथित प्रणाली जो उच्च-प्रोफाइल नामों और पेचीदा वित्तीय लेन-देन के कारण वर्षों से सुर्खियों में बनी हुई है।
आगे की राह
अदालत के इस ताज़े फैसले से जैकलीन फर्नांडिस को मकोका मामले में फिलहाल राहत मिली है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी सुनवाई जारी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, नवाज कक्कट या अन्य पक्षकार इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प अपना सकते हैं। मुख्य मामले की आगामी सुनवाई तिथि इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करने में अहम होगी।