जैकलीन फर्नांडीज ने ₹200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज ने ₹200 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल अपनी याचिका 25 जून 2025 को वापस ले ली। अदालत ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका वापसी की अनुमति प्रदान कर दी। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है और इसकी जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है।
याचिका वापसी की पृष्ठभूमि
जैकलीन फर्नांडीज ने पहले दिल्ली की ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके विरुद्ध आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे। इसी आदेश के खिलाफ उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था। अब उनकी कानूनी टीम ने यह याचिका वापस लेने का निर्णय किया है।
अदालत में उनके वकील ने तर्क दिया कि अभिनेत्री इस मामले में 'आगे उचित कानूनी उपाय' अपनाना चाहती हैं, इसलिए याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने यह अनुरोध मंज़ूर कर लिया।
मुख्य घटनाक्रम: पटियाला हाउस कोर्ट का आदेश
30 मई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने ईडी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर जैकलीन फर्नांडीज, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य आरोपियों के विरुद्ध प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के अंतर्गत आरोप तय करने का आदेश दिया था। यह आदेश ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने का आधार बना था।
ईडी के आरोप और कथित ठगी का स्वरूप
जाँच एजेंसी का आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को सरकारी मंत्रालयों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से कथित तौर पर लगभग ₹200 करोड़ की ठगी की। ईडी का दावा है कि इस अवैध धन का एक हिस्सा महँगे उपहारों और लग्जरी सामान पर खर्च किया गया।
एजेंसी के अनुसार, जैकलीन फर्नांडीज को इस नेटवर्क से जुड़े कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से खरीदे गए महँगे उपहार मिले थे। इन उपहारों में लग्जरी कारें, ब्रांडेड वस्तुएँ, ज्वेलरी और अन्य कीमती सामान शामिल बताए जाते हैं।
बचाव पक्ष का रुख
जैकलीन फर्नांडीज की कानूनी टीम लगातार यह स्थिति बनाए हुए है कि अभिनेत्री इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की कथित आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी और वह स्वयं इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं।
आगे क्या होगा
याचिका वापस लेने के बाद अब यह मामला निचली अदालत में ही आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि पटियाला हाउस कोर्ट में आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होना अपेक्षित है। जैकलीन फर्नांडीज की कानूनी टीम के अगले कदम पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।