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जैकलीन फर्नांडिस मकोका केस: ₹200 करोड़ मामले में आरोपी बनाने पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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जैकलीन फर्नांडिस मकोका केस: ₹200 करोड़ मामले में आरोपी बनाने पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सारांश

जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश चंद्रशेखर के ₹200 करोड़ मकोका केस में आरोपी बनाने की माँग पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। मनी लॉन्ड्रिंग में पहले से आरोपी जैकलीन के लिए यह फैसला मामले की दिशा तय करने वाला होगा।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 15 सितंबर 2026 को जैकलीन फर्नांडिस को मकोका केस में आरोपी बनाने की माँग पर फैसला सुरक्षित रखा।
7 सितंबर 2026 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से इस माँग पर जवाब माँगा था।
जैकलीन फर्नांडिस पहले से ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं; मई 2026 में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोप तय करने का आदेश दिया था।
जुलाई 2025 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने जैकलीन की ED कार्रवाई रद्द करने की याचिका खारिज की थी।
जून 2026 में जैकलीन ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ली; मुकदमा ट्रायल कोर्ट स्तर पर जारी।

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मकोका (MCOCA) मामले में आरोपी बनाए जाने की माँग वाली अर्जी पर राउज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली ने 15 सितंबर 2026 को सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला कथित ₹200 करोड़ की जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जो वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुज़र रहा है।

मामले की ताज़ा स्थिति

राउज एवेन्यू कोर्ट ने इससे पहले इस माँग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब माँगा था। 7 सितंबर 2026 को अदालत ने यह निर्देश दिया था और अब दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित किया गया है। गौरतलब है कि फिलहाल जैकलीन मकोका केस की आरोपी नहीं हैं — नई अर्जी में माँग की गई है कि उन्हें भी इस मामले में शामिल किया जाए।

मूल विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला सुकेश चंद्रशेखर पर लगे कथित ₹200 करोड़ की जबरन वसूली के आरोपों से शुरू हुआ। दिल्ली पुलिस के अनुसार, रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से जेल में बंद सुकेश ने कथित तौर पर खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया। आरोप है कि उसने अदिति सिंह को उनके पति की रिहाई और कानूनी सहायता का आश्वासन देकर बड़ी रकम वसूली।

जाँच के दौरान सामने आया कि सुकेश जेल के भीतर से एक संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस का दावा है कि सुकेश और उसके सहयोगियों ने एक संगठित अपराध सिंडिकेट की तरह काम किया, जिसके बाद मामले में मकोका (MCOCA) की धाराएँ जोड़ी गईं।

जैकलीन का नाम कैसे आया

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित अपराध से अर्जित धन की जाँच के दौरान जैकलीन फर्नांडिस का नाम सामने लाया। ED के आरोपों के अनुसार, सुकेश ने जैकलीन को महँगे उपहार और अन्य सुविधाएँ दी थीं तथा अभिनेत्री को कथित अपराध से प्राप्त राशि से जुड़े लाभ मिले। दूसरी ओर, जैकलीन का पक्ष लगातार यह रहा है कि उन्हें सुकेश की आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी और वह स्वयं भी उसके छल का शिकार हुईं।

अदालती कार्यवाही का क्रम

जुलाई 2025 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने जैकलीन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ED की कार्रवाई और अपने विरुद्ध दर्ज मामले को समाप्त करने की माँग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोष-निर्धारण का प्रश्न ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत तय करेगी।

इसके पश्चात मई 2026 में पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन, सुकेश और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय करने का आदेश दिया। जून 2026 में जैकलीन ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका वापस ले ली और कानूनी रूप से उचित अन्य रास्ते अपनाने की छूट माँगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

आगे क्या होगा

राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले की घोषणा के बाद यह तय होगा कि जैकलीन फर्नांडिस को मकोका केस में भी आरोपी बनाया जाएगा या नहीं। यह फैसला इस मामले की दिशा के लिए महत्त्वपूर्ण होगा, क्योंकि मकोका एक कड़े संगठित अपराध कानून के तहत आता है और इसके तहत आरोपी बनाया जाना कानूनी रूप से अधिक गंभीर स्थिति होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापसी, और अब मकोका में आरोपी बनाने की नई माँग। मुख्यधारा की कवरेज सेलिब्रिटी-केंद्रित रहती है, जबकि असली सवाल यह है कि मकोका जैसे कठोर कानून की प्रयोज्यता किसी व्यक्ति पर तब कैसे तय होती है जब वह प्राथमिक अपराध का हिस्सा न होकर कथित लाभभोगी हो। यह कानूनी बारीकी आगे के फैसले को महत्त्वपूर्ण बनाती है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैकलीन फर्नांडिस का मकोका केस क्या है?
यह सुकेश चंद्रशेखर द्वारा कथित ₹200 करोड़ की जबरन वसूली से जुड़ा मामला है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने मकोका (MCOCA) की धाराएँ लगाई हैं। जैकलीन फर्नांडिस अभी इस मकोका केस में आरोपी नहीं हैं, लेकिन एक नई अर्जी में उन्हें भी आरोपी बनाने की माँग की गई है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अभी क्या फैसला लिया है?
15 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जैकलीन को मकोका केस में आरोपी बनाने की माँग पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह फैसला घोषित होने पर तय होगा कि जैकलीन मकोका की आरोपी बनेंगी या नहीं।
जैकलीन फर्नांडिस का नाम इस मामले में कैसे आया?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच में यह आरोप लगाया गया कि सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को कथित अपराध से अर्जित धन से महँगे उपहार और सुविधाएँ दीं। जैकलीन का कहना है कि उन्हें सुकेश की आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन की क्या स्थिति है?
मई 2026 में पटियाला हाउस कोर्ट ने ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन, सुकेश और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दे दिया है। यह ट्रायल अभी निचली अदालत में चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट में जैकलीन की याचिका का क्या हुआ?
जून 2026 में जैकलीन फर्नांडिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका स्वयं वापस ले ली और कानूनी रूप से उचित अन्य रास्ते अपनाने की अनुमति माँगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
राष्ट्र प्रेस
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