जैकलीन फर्नांडिस मकोका केस: ₹200 करोड़ मामले में आरोपी बनाने पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मकोका (MCOCA) मामले में आरोपी बनाए जाने की माँग वाली अर्जी पर राउज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली ने 15 सितंबर 2026 को सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला कथित ₹200 करोड़ की जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जो वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुज़र रहा है।
मामले की ताज़ा स्थिति
राउज एवेन्यू कोर्ट ने इससे पहले इस माँग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब माँगा था। 7 सितंबर 2026 को अदालत ने यह निर्देश दिया था और अब दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित किया गया है। गौरतलब है कि फिलहाल जैकलीन मकोका केस की आरोपी नहीं हैं — नई अर्जी में माँग की गई है कि उन्हें भी इस मामले में शामिल किया जाए।
मूल विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला सुकेश चंद्रशेखर पर लगे कथित ₹200 करोड़ की जबरन वसूली के आरोपों से शुरू हुआ। दिल्ली पुलिस के अनुसार, रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से जेल में बंद सुकेश ने कथित तौर पर खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया। आरोप है कि उसने अदिति सिंह को उनके पति की रिहाई और कानूनी सहायता का आश्वासन देकर बड़ी रकम वसूली।
जाँच के दौरान सामने आया कि सुकेश जेल के भीतर से एक संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस का दावा है कि सुकेश और उसके सहयोगियों ने एक संगठित अपराध सिंडिकेट की तरह काम किया, जिसके बाद मामले में मकोका (MCOCA) की धाराएँ जोड़ी गईं।
जैकलीन का नाम कैसे आया
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित अपराध से अर्जित धन की जाँच के दौरान जैकलीन फर्नांडिस का नाम सामने लाया। ED के आरोपों के अनुसार, सुकेश ने जैकलीन को महँगे उपहार और अन्य सुविधाएँ दी थीं तथा अभिनेत्री को कथित अपराध से प्राप्त राशि से जुड़े लाभ मिले। दूसरी ओर, जैकलीन का पक्ष लगातार यह रहा है कि उन्हें सुकेश की आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी और वह स्वयं भी उसके छल का शिकार हुईं।
अदालती कार्यवाही का क्रम
जुलाई 2025 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने जैकलीन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ED की कार्रवाई और अपने विरुद्ध दर्ज मामले को समाप्त करने की माँग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोष-निर्धारण का प्रश्न ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत तय करेगी।
इसके पश्चात मई 2026 में पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन, सुकेश और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय करने का आदेश दिया। जून 2026 में जैकलीन ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका वापस ले ली और कानूनी रूप से उचित अन्य रास्ते अपनाने की छूट माँगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
आगे क्या होगा
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले की घोषणा के बाद यह तय होगा कि जैकलीन फर्नांडिस को मकोका केस में भी आरोपी बनाया जाएगा या नहीं। यह फैसला इस मामले की दिशा के लिए महत्त्वपूर्ण होगा, क्योंकि मकोका एक कड़े संगठित अपराध कानून के तहत आता है और इसके तहत आरोपी बनाया जाना कानूनी रूप से अधिक गंभीर स्थिति होती है।