10 अगस्त 2026
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लीना पॉलोस की जमानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया, 27 जुलाई को अगली सुनवाई

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लीना पॉलोस की जमानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया, 27 जुलाई को अगली सुनवाई

सारांश

₹200 करोड़ की कथित ठगी और मकोका मामले में साढ़े चार साल से जेल में बंद लीना पॉलोस की जमानत याचिका अब सर्वोच्च न्यायालय में है। दिल्ली उच्च न्यायालय के इनकार के बाद यह अहम पड़ाव है — 27 जुलाई को दिल्ली पुलिस का जवाब तय करेगा अगला रुख।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 17 जून 2026 को लीना मारिया पॉलोस की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।
अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को निर्धारित; पुलिस को उसी तारीख तक जवाब दाखिल करना होगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही मकोका मामले में जमानत देने से इनकार कर चुका है, हालाँकि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत दी गई थी।
लीना पॉलोस 2021 से न्यायिक हिरासत में हैं — लगभग साढ़े चार वर्ष ; अधिकतम सजा सात वर्ष है।
ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने 17 जून 2026 को ₹200 करोड़ की कथित ठगी और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉलोस की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने पुलिस को 27 जुलाई 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई की तारीख भी उसी दिन निर्धारित की है।

मामले की पृष्ठभूमि

इस मामले की जड़ें 2021 में जाती हैं, जब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने लीना पॉलोस को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि वह एक बड़े ठगी नेटवर्क का अभिन्न हिस्सा थीं, जिसमें कथित तौर पर ₹200 करोड़ से अधिक की हेराफेरी की गई। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में अलग से गिरफ्तार किया।

जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित ठगी से जुटाई गई राशि का उपयोग लग्जरी सामान, ब्रांडेड वस्तुओं और प्रभावशाली व्यक्तियों को प्रभावित करने में किया गया। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया गया है। ED का दावा है कि सुकेश चंद्रशेखर ने वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया, जिसमें लग्जरी गाड़ियाँ, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, आभूषण और पालतू जानवर शामिल थे।

दिल्ली हाईकोर्ट का पूर्व निर्णय

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने मकोका से जुड़े मामले में लीना पॉलोस को जमानत देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था। उच्च न्यायालय ने माना था कि मामला गंभीर प्रकृति का है और इसमें संगठित अपराध की संलिप्तता की आशंका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। हालाँकि, उसी दौर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें राहत मिली थी और जमानत का आदेश जारी किया गया था।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लीना पॉलोस की ओर से उच्च न्यायालय में यह तर्क दिया गया था कि इस अपराध में अधिकतम सजा सात वर्ष है और वह अब तक लगभग साढ़े चार वर्ष कारावास में बिता चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब न्यायालयों में लंबे विचाराधीन कारावास पर व्यापक बहस जारी है।

आरोपों का स्वरूप

लीना पॉलोस पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरे नेटवर्क में फर्जी लेनदेन और धन के गबन में अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि यह मामला महज वित्तीय अपराध तक सीमित नहीं है — मकोका के तहत आरोप इसे संगठित अपराध की श्रेणी में रखते हैं, जो जमानत की राह को कहीं अधिक कठिन बनाता है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें 27 जुलाई 2026 की सुनवाई पर टिकी हैं, जब दिल्ली पुलिस अपना जवाब दाखिल करेगी और सर्वोच्च न्यायालय आगे की कार्यवाही तय करेगा। मकोका मामले में जमानत मिलती है या नहीं, यह फैसला इस पूरे प्रकरण की दिशा निर्धारित करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लीना पॉलोस कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
लीना मारिया पॉलोस, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी हैं। उन पर ₹200 करोड़ से अधिक की कथित ठगी में भूमिका, फर्जी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। उन्हें 2021 में EOW और बाद में ED ने गिरफ्तार किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस क्यों जारी किया?
सर्वोच्च न्यायालय लीना पॉलोस की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा है और उसने दिल्ली पुलिस से 27 जुलाई 2026 तक अपना पक्ष रखने को कहा है। यह कदम तब उठाया गया जब दिल्ली उच्च न्यायालय मकोका मामले में जमानत देने से पहले ही इनकार कर चुका था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत क्यों नहीं दी थी?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मकोका मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार किया था। अदालत का मत था कि संगठित अपराध की आशंका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, हालाँकि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अलग से जमानत दी गई थी।
जैकलीन फर्नांडिस का इस मामले से क्या संबंध है?
ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को आरोपी बनाया गया है। ED का दावा है कि सुकेश चंद्रशेखर ने ठगी की रकम से उन्हें और उनके परिवार को लग्जरी गाड़ियाँ, ब्रांडेड बैग, आभूषण और अन्य महंगे उपहार दिए।
अगली सुनवाई कब होगी और क्या होने की उम्मीद है?
27 जुलाई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में अगली सुनवाई होगी, जब दिल्ली पुलिस अपना जवाब दाखिल करेगी। अदालत उसके बाद तय करेगी कि मकोका मामले में जमानत पर विचार किया जाए या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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