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दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹200 करोड़ ठगी मामले में दीपक व प्रदीप रमनानी को जमानत दी

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दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹200 करोड़ ठगी मामले में दीपक व प्रदीप रमनानी को जमानत दी

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर के करीबी दीपक और प्रदीप रमनानी को ₹200 करोड़ की ठगी व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी। लंबी कैद का हवाला देकर मांगी गई राहत मंजूर हुई, लेकिन मुकदमा जारी है।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 जून 2026 को दीपक रमनानी को मकोका और मनी लॉन्ड्रिंग दोनों मामलों में नियमित जमानत दी।
प्रदीप रमनानी को मकोका मामले में जमानत मिली; दोनों सुकेश चंद्रशेखर के करीबी आरोपी हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों ने सुकेश के निर्देश पर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस सहित अन्य लोगों तक पैसे और महंगे उपहार पहुंचाए।
मामला ₹200 करोड़ की ठगी और जबरन वसूली से जुड़ा है, जो 2020-2021 के दौरान हुई।
पीड़िता अदिति सिंह ने शिकायत में बताया कि सुकेश ने खुद को पीएमओ और गृह मंत्रालय का अधिकारी बताकर ठगी की।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 जून 2026 को ₹200 करोड़ की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी दीपक रमनानी को मकोका और मनी लॉन्ड्रिंग दोनों मामलों में नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने उनके सहयोगी प्रदीप रमनानी को भी मकोका मामले में राहत देते हुए जमानत मंजूर की। दोनों आरोपी महाठग सुकेश चंद्रशेखर के करीबी माने जाते हैं।

जमानत का आधार

सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल काफी लंबी अवधि की कैद काट चुके हैं। इस दलील को अदालत ने जमानत देने के लिए पर्याप्त माना। मामले में अभी मुकदमे की कार्यवाही जारी है।

जांच एजेंसियों के आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि दीपक रमनानी और प्रदीप रमनानी ने सुकेश चंद्रशेखर के निर्देश पर कई लोगों तक पैसे और महंगे उपहार पहुंचाने का काम किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में दावा किया गया है कि इन्हीं के ज़रिए बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और कुछ अन्य व्यक्तियों तक रकम और कीमती तोहफे पहुंचाए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला तब सामने आया जब रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके पति अक्टूबर 2019 से जेल में बंद हैं। 2020 और 2021 के दौरान सुकेश चंद्रशेखर ने अपने नेटवर्क के ज़रिए करोड़ों रुपए की ठगी और जबरन वसूली की।

शिकायत के अनुसार, सुकेश ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय का अधिकारी बताकर भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ितों की मदद कर रही है। एक कॉल में दावा किया गया कि कानून मंत्रालय के सचिव अनूप कुमार बात करेंगे, जबकि एक अन्य कॉल में कहा गया कि गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल पर मौजूद हैं। कॉलर आईडी पर पीएमओ के सलाहकार पीके मिश्रा का नाम दिखाकर विश्वास और गहरा किया गया। इस तरह अदिति सिंह सहित अन्य लोगों को भारी रकम देने के लिए राज़ी किया गया।

पुलिस और ईडी की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने ₹200 करोड़ की ठगी और जबरन वसूली के मामले में सुकेश चंद्रशेखर और उनके सहयोगियों के खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज किया। समानांतर रूप से, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की। ईडी का दावा है कि अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस सुकेश के संपर्क में थीं और उन्होंने महंगे उपहार व आर्थिक लाभ प्राप्त किए।

आगे की राह

जमानत मिलने के बावजूद दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा और अदालत की शर्तों का पालन करना होगा। यह मामला भारत के उन चर्चित वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में शुमार है, जिनमें न्यायिक प्रक्रिया अभी भी अपने अंतिम चरण से दूर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को रेखांकित करती है कि ₹200 करोड़ जैसे हाई-प्रोफाइल वित्तीय अपराधों में मुकदमे इतने लंबे क्यों खिंचते हैं। ईडी की जांच में जैकलीन फर्नांडिस जैसे सार्वजनिक चेहरों का नाम आने के बावजूद इस मामले में अंतिम फैसला अभी दूर है। यह प्रकरण मकोका जैसे कड़े कानूनों की व्यावहारिक सीमाओं को भी उजागर करता है — जब लंबे विचाराधीन कारावास ही जमानत का आधार बन जाए, तो कानून की निवारक शक्ति कमज़ोर पड़ती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक और प्रदीप रमनानी को जमानत क्यों मिली?
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को इसलिए जमानत दी क्योंकि उनके वकीलों ने तर्क दिया कि वे काफी लंबी अवधि की कैद काट चुके हैं। अदालत ने इस आधार को पर्याप्त मानते हुए नियमित जमानत मंजूर की।
सुकेश चंद्रशेखर का ₹200 करोड़ ठगी मामला क्या है?
यह मामला 2020-2021 के दौरान हुई ठगी और जबरन वसूली से जुड़ा है, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को पीएमओ, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय का अधिकारी बताकर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह सहित अन्य लोगों से करोड़ों रुपए ठगे। दिल्ली पुलिस ने मकोका के तहत और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
इस मामले में जैकलीन फर्नांडिस की क्या भूमिका बताई गई है?
ईडी के दावे के अनुसार, बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस सुकेश चंद्रशेखर के संपर्क में थीं और उन्होंने उससे महंगे उपहार व आर्थिक लाभ प्राप्त किए। आरोप है कि दीपक और प्रदीप रमनानी ने ये उपहार और रकम उन तक पहुंचाई। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
मकोका क्या है और इस मामले में इसे क्यों लगाया गया?
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) एक कड़ा कानून है जो संगठित अपराध गिरोहों पर लागू होता है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने इसे इसलिए लगाया क्योंकि जांच में सुकेश के एक सुव्यवस्थित नेटवर्क के ज़रिए ठगी करने के साक्ष्य मिले, जिसमें कई सहयोगी शामिल थे।
क्या जमानत मिलने के बाद मुकदमा बंद हो जाएगा?
नहीं, जमानत केवल अस्थायी रिहाई है — मुकदमा पूर्ववत जारी रहेगा। दोनों आरोपियों को अदालत की शर्तों का पालन करना होगा और सुनवाई में उपस्थित रहना होगा। ईडी और दिल्ली पुलिस के मामले स्वतंत्र रूप से चलते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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