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₹200 करोड़ ठगी मामले में लीना पॉलोज की मकोका जमानत खारिज, मनी लॉन्ड्रिंग में राहत

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₹200 करोड़ ठगी मामले में लीना पॉलोज की मकोका जमानत खारिज, मनी लॉन्ड्रिंग में राहत

सारांश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ₹200 करोड़ की ठगी के मकोका मामले में लीना पॉलोज की जमानत खारिज कर दी, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग में सशर्त राहत दी। अदालत में लीना ने अपने पति सुकेश चंद्रशेखर के साथ संबंधों में दरार का खुलासा किया और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ उनके संबंध का दावा किया — यह खुलासा इस जटिल धोखाधड़ी नेटवर्क को और गहरा करता है।

मुख्य बातें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ₹200 करोड़ ठगी के मकोका मामले में लीना मारिया पॉलोज की जमानत याचिका खारिज कर दी।
लीना को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सशर्त जमानत दी गई; वह पहले से लगभग 4.5 वर्ष जेल में हैं।
अदालत में लीना ने सुकेश चंद्रशेखर के साथ अपने विवाहित संबंधों में गहरी खटास का दावा किया।
लीना के वकील ने सुकेश के दूसरे संबंध का नाम अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस बताया।
सुकेश चंद्रशेखर को नकली कंपनियों, हवाला नेटवर्क और विलासी जीवनशैली के लिए ₹200 करोड़ के दुरुपयोग का मुख्य आयोजक माना जाता है।

नई दिल्ली, 5 मई 2026₹200 करोड़ की ठगी से जुड़े मकोका (MACCO Act) मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉलोज को दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत देने से इनकार कर दिया है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग के अलग मामले में उन्हें सशर्त जमानत दे दी गई है। यह द्वैध निर्णय इस लंबे चलने वाले धोखाधड़ी नेटवर्क को फिर से सुर्खियों में ले आया है, जिसमें नकली कंपनियों, हवाला नेटवर्क और विलासी जीवनशैली के लिए बड़ी रकम का दुरुपयोग शामिल है।

मकोका मामले में जमानत खारिज

दिल्ली उच्च न्यायालय की बेंच ने मकोका मामले को अत्यंत गंभीर माना और लीना पॉलोज की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत की राय में, संगठित अपराध की गंभीरता और पूर्व-निर्धारित साक्ष्य के मद्देनज़र, आरोपी को जमानत दिए जाने से पूर्वाभास का जोखिम रहता है। मकोका अधिनियम के तहत आरोपों में संगठित अपराध गिरोह की सदस्यता शामिल है, जिसमें सज़ा का प्रावधान कठोर है।

मनी लॉन्ड्रिंग में सशर्त जमानत

इसके विपरीत, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत ने लीना पॉलोज को सशर्त जमानत दे दी। लीना के कानूनी दल ने तर्क दिया कि इस अपराध में अधिकतम सज़ा 7 वर्ष है और वह पहले से ही लगभग 4.5 वर्ष जेल में बिता चुकी हैं। अदालत ने माना कि मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत आरोप अपेक्षाकृत कम गंभीर हैं और दीर्घ हिरासत पहले से ही पर्याप्त दंड का काम कर चुकी है।

पारिवारिक संबंधों में दरार

अदालत की सुनवाई के दौरान लीना पॉलोज ने सुकेश चंद्रशेखर के साथ अपने विवाहित संबंधों में गहरी खटास का खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि सुकेश का किसी दूसरी महिला के साथ रिश्ता है। जब अदालत ने विस्तार से पूछा, तो लीना के वकील ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम सामने रखा। यह खुलासा इस केस की जटिलता को और बढ़ाता है, क्योंकि जैकलीन फर्नांडिस स्वयं इसी धोखाधड़ी नेटवर्क से संबंधित एक अलग मामले में अदालत में हैं।

धोखाधड़ी नेटवर्क की संरचना

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह एक बहु-स्तरीय अपराध नेटवर्क था। नकली कंपनियों के माध्यम से धन का संचलन, हवाला नेटवर्क के ज़रिए विदेशी हस्तांतरण, और वित्तीय लेन-देन के छद्म उपयोग से विशाल रकम का दुरुपयोग किया गया। इन पैसों का उपयोग विलासी जीवनशैली, विदेश यात्राओं, और प्रभावशाली व्यक्तियों को प्रभावित करने के लिए किया गया, जिससे अपराध नेटवर्क को वैधता और सुरक्षा मिल सके।

लीना की भूमिका और आरोप

अभियोजन का आरोप है कि लीना पॉलोज इस पूरे नेटवर्क की सक्रिय सदस्य थीं। उन्होंने विभिन्न खातों और शेल कंपनियों के माध्यम से धन को घुमाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय दोनों के अनुसार, लीना केवल एक निष्क्रिय पत्नी नहीं थीं, बल्कि धन-शोधन और लेन-देन की रणनीति में सक्रिय भागीदार थीं।

सुकेश चंद्रशेखर — नेटवर्क का केंद्र

सुकेश चंद्रशेखर को इस संपूर्ण कथित रैकेट का मुख्य आयोजक बताया जाता है। वह पहले से ही कई अपराधों में अलग-अलग जेलों में बंद हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, सुकेश ने बॉलीवुड व्यक्तित्वों, राजनेताओं और व्यावसायिक हस्तियों को लक्षित करके इस धोखाधड़ी को संचालित किया। उनके विरुद्ध कई अन्य मामले भी लंबित हैं।

कानूनी प्रक्रिया आगे

लीना की मनी लॉन्ड्रिंग जमानत सशर्त है — उन्हें नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा और अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी। मकोका मामले में जमानत खारिज होने के कारण वह उस आरोप में जेल में रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय संगठित अपराध मामलों में भारतीय अदालतों के कड़े रुख का संकेत है। आने वाले महीनों में मुख्य परीक्षण शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि नकली कंपनियों और हवाला नेटवर्क के माध्यम से ₹200 करोड़ का दुरुपयोग केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं है — यह संगठित अपराध है जो समाज के वित्तीय ढाँचे को कमज़ोर करता है। लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग में सशर्त जमानत भी सवाल उठाती है: क्या 4.5 वर्ष की हिरासत वाकई पर्याप्त है, या यह लीना जैसे 'सुविधाजनक' आरोपियों के लिए अदालत की सहानुभूति दर्शाती है? सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सुकेश अभी भी जेल में है और मुख्य परीक्षण लंबित है — जब तक सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित न हो, यह मामला न्याय के लिए अधूरा रहेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लीना पॉलोज को मकोका मामले में जमानत क्यों खारिज की गई?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मकोका अधिनियम के तहत आरोपों को अत्यंत गंभीर माना, क्योंकि इसमें संगठित अपराध गिरोह की सदस्यता शामिल है। अदालत ने माना कि लीना पॉलोज इस नकली कंपनियों और हवाला नेटवर्क के आधारित ₹200 करोड़ के धोखाधड़ी नेटवर्क की सक्रिय सदस्य थीं, और जमानत से पूर्वाभास का जोखिम रहता है।
लीना पॉलोज को मनी लॉन्ड्रिंग में सशर्त जमानत क्यों दी गई?
लीना के वकील ने तर्क दिया कि मनी लॉन्ड्रिंग अपराध में अधिकतम सज़ा 7 वर्ष है और वह पहले से ही 4.5 वर्ष जेल में बिता चुकी हैं। अदालत ने इस अपराध को अपेक्षाकृत कम गंभीर माना और दीर्घ हिरासत को पर्याप्त दंड मानते हुए सशर्त जमानत दे दी।
सुकेश चंद्रशेखर कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
सुकेश चंद्रशेखर को इस ₹200 करोड़ ठगी नेटवर्क का मुख्य आयोजक माना जाता है। वह नकली कंपनियों, हवाला नेटवर्क और विलासी जीवनशैली के लिए धन के दुरुपयोग का केंद्रीय व्यक्ति हैं। वह पहले से ही कई अपराधों में अलग-अलग जेलों में बंद हैं।
अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस इस मामले में कैसे जुड़ी हैं?
अदालत की सुनवाई में लीना पॉलोज ने दावा किया कि सुकेश चंद्रशेखर का अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ संबंध है। जैकलीन फर्नांडिस स्वयं इसी धोखाधड़ी नेटवर्क से संबंधित एक अलग मामले में अदालत में हैं।
यह ₹200 करोड़ की ठगी कैसे की गई?
जांच एजेंसियों के अनुसार, नकली कंपनियों के माध्यम से धन का संचलन, हवाला नेटवर्क के ज़रिए विदेशी हस्तांतरण, और वित्तीय लेन-देन के छद्म उपयोग से विशाल रकम का दुरुपयोग किया गया। इन पैसों का उपयोग विलासी जीवनशैली, विदेश यात्राओं, और प्रभावशाली व्यक्तियों को प्रभावित करने के लिए किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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