राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत दी, लेकिन जेल में रहेंगे
सारांश
Key Takeaways
- सुकेश चंद्रशेखर को 5 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली।
- कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को महत्वपूर्ण बताया।
- मनी लॉन्ड्रिंग एक गंभीर अपराध है, लेकिन स्वतंत्रता को अनावश्यक रूप से नहीं रोका जा सकता।
- सुकेश चंद्रशेखर अभी अन्य मामलों में जेल में रहेंगे।
- कोर्ट ने जमानत देने के लिए पहले से जेल में बिताई गई अवधि को ध्यान में रखा।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को "2 पत्ती" चुनाव चिह्न रिश्वत कांड से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को 5 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी।
कोर्ट ने अपने निर्णय में उल्लेख किया कि संविधान में व्यक्तिगत स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है। ऐसे में न्यायालयों का एक ओर स्वतंत्रता की बात करना और दूसरी ओर विशेष कानूनों या आर्थिक अपराधों का हवाला देकर किसी आरोपी की स्वतंत्रता को अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित करना उचित नहीं है।
अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि मनी लॉन्ड्रिंग एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए पीएमएलए जैसे विशेष कानून बनाए गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह कानून राज्य के लिए ऐसा उपकरण नहीं हो सकता, जिसके आधार पर किसी आरोपी की स्वतंत्रता को लंबे समय तक रोका जाए।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ कुल 31 मामले दर्ज हैं, फिर भी इस विशेष मामले में उनकी जमानत के अधिकार को समाप्त नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि वह इस मामले में पहले ही इतनी अवधि जेल में बिता चुके हैं, जो पीएमएलए की धारा 4 के तहत संभावित सजा की आधी अवधि से अधिक है। इसी कारण अदालत ने कहा कि उन्हें जमानत मिलना उचित है।
कोर्ट ने दोहराया कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर हो, लेकिन कानून का उपयोग किसी की स्वतंत्रता को बिना वजह लंबे समय तक रोकने के लिए नहीं किया जा सकता। इसलिए इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर को जमानत दी गई है।
हालांकि, सुकेश चंद्रशेखर अभी जेल में रहेंगे, क्योंकि वे एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ कुल 31 मामले हैं, जिनमें से 26 मामलों में उन्हें पहले ही जमानत प्राप्त हो चुकी है।