गुलाम अली खटाना का कांग्रेस पर हमला: जनता के मुद्दों में देरी का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस पर जनता के मुद्दों में रुकावट का आरोप लगाया।
- महिला आरक्षण बिल महिलाओं के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण कदम है।
- एसआईआर से मतदाता सूची में पारदर्शिता आएगी।
- खटाना ने युद्ध की बजाय बातचीत को प्राथमिकता दी।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा उन मुद्दों में विलंब करने, बाधा डालने और उन्हें पटरी से उतारने का प्रयास करती है जो जनता के हित में होते हैं। चाहे वह किसानों, महिलाओं या मजदूरों से जुड़े मुद्दे हों, कांग्रेस का रुख हमेशा नकारात्मक रहा है।
गुलाम अली खटाना ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के विषय पर बोलते हुए कहा, "महिलाओं, हमारी बहनों का सशक्तिकरण सिर्फ राजनीति नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह 12 वर्षों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। पहले उन्हें गरिमा, सम्मान और पहचान दी गई, फिर आर्थिक सशक्तिकरण किया गया और अब उन्हें विधायी शक्ति मिल रही है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल इसी सोच का हिस्सा है।"
महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने जोर देते हुए कहा, "यह कोई जल्दबाजी नहीं है। प्रधानमंत्री सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे काम करते हैं और समाज के हर तबके से जुड़े रहते हैं। पहले गरिमा आई, फिर आर्थिक सशक्तिकरण और अब विधायी शक्ति। पीएम मोदी की सोच, मिशन और पक्के इरादे की वजह से सब कुछ मुमकिन हो रहा है।"
उन्होंने मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कहा, "यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है तथा लोकतंत्र में जनता का भरोसा बनाए रखता है। जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनके नाम हटा दिए जाएंगे। जो लोग दूसरी जगह चले गए हैं, वे अब सिर्फ एक जगह वोट डाल पाएंगे। अवैध प्रवासी और फर्जी वोट भी खत्म हो जाएंगे। इसमें गलत क्या है?"
पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के संदर्भ में खटाना ने कहा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का हल नहीं होता। भारत ने हमेशा विवादों को कूटनीति और बातचीत के जरिए सुलझाने की वकालत की है। उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध और अमेरिका-ईरान-इजरायल टकराव का जिक्र करते हुए कहा, "सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर आना चाहिए। यही भारत की प्राथमिकता और प्रधानमंत्री मोदी की सोच है।"
भाजपा सांसद ने जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश महिलाओं के सशक्तिकरण, चुनावी सुधार और अंतरराष्ट्रीय शांति जैसे मुद्दों पर लगातार आगे बढ़ रहा है।