दिल्ली में वायु प्रदूषण पर अजय माकन की गंभीर चेतावनी: एक नीतिगत विफलता

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दिल्ली में वायु प्रदूषण पर अजय माकन की गंभीर चेतावनी: एक नीतिगत विफलता

सारांश

अजय माकन ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नीतिगत विफलता बताया है। उन्होंने खतरनाक पीएम2.5 स्तरों की जानकारी दी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

Key Takeaways

  • वायु प्रदूषण: दिल्ली में पीएम2.5 स्तर खतरनाक है।
  • नीतिगत विफलता: अजय माकन ने इसे नीतिगत विफलता बताया।
  • सरकारी उपाय: सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव: जीवन प्रत्याशा में कमी।
  • ईवी पॉलिसी: नई ईवी पॉलिसी का मसौदा जारी।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के कोषाध्यक्ष और पूर्व दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष अजय माकन ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे एक नीतिगत विफलता करार दिया है।

उन्होंने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है।

सीपीसीबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली में पीएम2.5 का स्तर 54 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित मानक से लगभग चार गुना अधिक है।

कांग्रेस नेता ने शहर की “बिगड़ती” वायु गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक अध्ययन के अनुसार उत्तर भारत में पीएम2.5 के उच्च स्तर के कारण लोगों की जीवन प्रत्याशा 5 वर्षों तक कम हो जाती है।

एक एनिमेटेड वीडियो संदेश में माकन ने बताया कि 10 अप्रैल को दिल्ली के सभी 35 मौसम निगरानी केंद्रों पर पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के 24 घंटे के सुरक्षित मानक से अधिक दर्ज किया गया।

उन्होंने कहा, “35 में से 10 स्टेशनों पर पीएम2.5 का स्तर भारत के अपने राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक से भी अधिक रहा।”

दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए अजय माकन ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क और रोड टैक्स बढ़ाने का सुझाव दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो वर्षों में सभी नए सार्वजनिक परिवहन वाहन—जैसे डीटीसी बसें, क्लस्टर बसें, ऑटो और टैक्सी—इलेक्ट्रिक होने चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने 10 साल से अधिक पुराने सभी सीएनजी बसों को बिना किसी छूट के सड़कों से हटाने की मांग की।

दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता पर माकन का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को ईवी पॉलिसी 2.0 का मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है।

इससे पहले, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 के ‘ग्रीन बजट’ में वायु गुणवत्ता सुधार और हरित पहलों के लिए 22,236 करोड़ रुपये (लगभग 21.44 प्रतिशत) का प्रावधान किया था।

अधिकारियों के अनुसार, कुल 1,03,700 करोड़ रुपये के राज्य बजट में से यह राशि 17 विभागों को चरणबद्ध तरीके से आवंटित की गई है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रदूषण मुक्त भविष्य तैयार किया जा सके।

Point of View

सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?
दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों की संख्या में वृद्धि, औद्योगिक उत्सर्जन, और निर्माण गतिविधियाँ शामिल हैं।
क्या वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है?
हाँ, वायु प्रदूषण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है, जिससे सांस की बीमारियाँ, हृदय रोग और जीवन प्रत्याशा में कमी आ सकती है।
अजय माकन ने किस उपाय का सुझाव दिया है?
अजय माकन ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क और रोड टैक्स बढ़ाने का सुझाव दिया है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति क्या है?
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति बहुत खराब है, पीएम2.5 का स्तर अक्सर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से अधिक रहता है।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली सरकार ने ईवी पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार किया है और ग्रीन बजट में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बड़ी राशि आवंटित की है.
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