विक्रम मिस्री की न्यूयॉर्क में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात, SRIA और ऊर्जा सुरक्षा पर भारत की चिंताएँ रखीं
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (पॉलिटिकल अफेयर्स) एलिसन हुकर से मुलाकात की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, हाल में लागू 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRIA) और असैन्य परमाणु सहयोग सहित कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सप्ताह के दौरान हुई, जब भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संवाद का दौर तेज़ था।
बैठक में कौन से मुद्दे उठे
मिस्री और हुकर के बीच हुई बातचीत में 'ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी' (TRUST) पहल और 'इंडियन ओशन स्ट्रेटेजिक वेंचर' जैसे द्विपक्षीय ढाँचों पर भी विचार विमर्श हुआ। इस बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 'एक्स' पर दी गई जानकारी में कहा, "दोनों पक्षों ने भारत अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग के कई क्षेत्रों में हुए घटनाक्रमों पर चर्चा की — इनमें ऊर्जा सुरक्षा और हाल में लागू SRIA, असैन्य परमाणु सहयोग, TRUST और 'इंडियन ओशन स्ट्रेटेजिक वेंचर' पहल शामिल हैं।"
तकनीकी सहयोग पर नई सहमति
मिस्री ने न्यूयॉर्क में ही अमेरिकी आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग से भी अलग से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष 'पैक्स सिलिका' पहल सहित महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।
इसके साथ ही सेमीकंडक्टर और अहम खनिजों के क्षेत्र में साझेदारी के ज़रिए आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मज़बूत बनाने पर भी सहमति बनी — जो वैश्विक टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में भारत अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की नई दिशा को रेखांकित करती है।
जयशंकर रुबियो बैठक: SRIA पर भारत की स्थिति स्पष्ट
इससे एक दिन पहले बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, मध्य पूर्व की स्थिति और अमेरिका भारत रणनीतिक साझेदारी पर विस्तृत बातचीत की।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय साझेदार देशों की ऊर्जा ज़रूरतों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने की अच्छी स्थिति में है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी पुष्टि की कि दोनों नेताओं ने रूस और ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों पर लगाए जा सकने वाले संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा की — हालाँकि इसमें न किसी देश का नाम लिया गया और न ही किसी नए प्रतिबंध की घोषणा की गई।
जयशंकर ने बाद में 'एक्स' पर लिखा, "यूएन हाई लेवल वीक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से अच्छी मुलाकात हुई। SRIA को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन के हालात पर भी चर्चा हुई।"
इंडो पैसिफिक और व्यापक संदर्भ
रुबियो और जयशंकर ने इंडो पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग की अहमियत को भी दोहराया। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने "सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इंडो पैसिफिक को बढ़ावा देने में अमेरिका भारत रणनीतिक साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।" गौरतलब है कि यह बैठकों का दौर ऐसे समय में हुआ जब SRIA को लेकर भारत की व्यावसायिक और ऊर्जा चिंताएँ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रूप से उठाई जा रही हैं।
आने वाले हफ्तों में भारत अमेरिका के बीच तकनीक, ऊर्जा और व्यापार के मोर्चे पर और अधिक विस्तृत वार्ताओं की उम्मीद है, जो इन उच्च स्तरीय बैठकों में बनी सहमतियों को ठोस रूप देंगी।