27 सितंबर 2026
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री की न्यूयॉर्क में अमेरिकी नेताओं से अहम बैठकें, SRAIA और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा

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विदेश सचिव विक्रम मिस्री की न्यूयॉर्क में अमेरिकी नेताओं से अहम बैठकें, SRAIA और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा

सारांश

विदेश सचिव मिस्री की न्यूयॉर्क में तीन अलग अलग अमेरिकी अधिकारियों से बैठकें और जयशंकर का एक्स पर SRAIA पर भारत की चिंता का सार्वजनिक उल्लेख — यह भारत अमेरिका कूटनीति का असाधारण रूप से सघन दौर है, जहाँ ऊर्जा, तकनीक और प्रतिबंध एक साथ मेज पर हैं।

मुख्य बातें

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 27 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में अमेरिकी सांसदों से मुलाकात की; प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रायन मास्ट ने किया।
बातचीत में SRAIA कानून , ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद रोधी और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर चर्चा हुई।
मिस्री ने एलिसन हूकर से नागरिक परमाणु सहयोग और हिंद महासागर सहयोग पर, तथा जैकब हेलबर्ग से पैक्स सिलिका और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला पर बात की।
जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ बैठक में SRAIA पर भारत की चिंताएँ दोहराईं और खाड़ी व यूक्रेन पर भी चर्चा हुई।
अमेरिकी विदेश विभाग ने माना कि रूस ईरान व्यापार पर प्रतिबंधों की संभावना पर भी बातचीत हुई, हालाँकि किसी निर्णय की घोषणा नहीं की गई।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 27 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में अमेरिकी सांसदों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकों की एक महत्वपूर्ण श्रृंखला पूरी की, जिसमें रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम (SRAIA), ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में द्विपक्षीय साझेदारी को केंद्र में रखा गया। यह दौरा संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय सप्ताह (UN High Level Week) के दौरान हुआ, जिसमें भारत अमेरिका कूटनीतिक सक्रियता उल्लेखनीय रही।

कांग्रेसनल प्रतिनिधिमंडल से बैठक

मिस्री ने अमेरिकी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से भेंट की, जिसका नेतृत्व अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट कर रहे थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि बातचीत में भारत अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं को शामिल किया गया — जिसमें हाल ही में लागू SRAIA कानून और भविष्य की द्विपक्षीय दिशा प्रमुख रहे। MEA के अनुसार, "उन्होंने आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद रोधी और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर भी विचारों का आदान प्रदान किया।" बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

एलिसन हूकर और जैकब हेलबर्ग से मुलाकात

मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर से अलग से बैठक की। दोनों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग, 'ट्रस्ट पहल' और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। इसके बाद मिस्री ने अमेरिका के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग से भी मुलाकात की। MEA ने एक्स पर पोस्ट किया कि दोनों पक्ष 'पैक्स सिलिका' पहल सहित महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने तथा सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों के ज़रिए आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने पर सहमत हुए।

SRAIA पर जयशंकर रुबियो की पूर्व बैठक की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में मुलाकात के दौरान रूस और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा की थी। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्वीकार किया कि वार्ता में SRAIA के तहत संभावित कार्रवाइयों पर भी बात हुई, हालाँकि विभाग ने किसी विशेष देश या गतिविधि का नाम नहीं लिया और न ही किसी निर्णय की घोषणा की। रुबियो ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय साझेदारों की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में सहयोग देने की स्थिति में है।

जयशंकर ने एक्स पर रखा भारत का पक्ष

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने रुबियो के साथ बैठक में SRAIA पर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। उन्होंने लिखा, "यूएन हाई लेवल वीक के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलना अच्छा रहा। एसआरआईए को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। साथ ही खाड़ी और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की।" गौरतलब है कि भारत रूस से तेल आयात करता रहा है और SRAIA के तहत किसी भी कार्रवाई से भारत की ऊर्जा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है — यही कारण है कि यह मुद्दा इन वार्ताओं के केंद्र में बना हुआ है।

आगे की दिशा

मिस्री और रुबियो की बैठकों में हिंद प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व को दोहराया गया और मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर विचार साझा किए गए। भारत और अमेरिका के बीच SRAIA, सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा साझेदारी पर जारी यह कूटनीतिक सक्रियता संकेत देती है कि आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर और ठोस समझौते बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक और तकनीकी — तीनों स्तरों पर एक साथ साधना चाहता है। सवाल यह है कि क्या यह सक्रिय कूटनीति SRAIA की धार कुंद कर पाएगी, या अमेरिकी घरेलू राजनीति किसी भी द्विपक्षीय समझौते पर भारी पड़ेगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SRAIA कानून क्या है और भारत इसे लेकर चिंतित क्यों है?
SRAIA (रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम) एक अमेरिकी कानून है जो रूस और ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है। भारत रूसी तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए इस कानून के तहत किसी भी कार्रवाई से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार प्रभावित हो सकते हैं।
विदेश सचिव मिस्री ने न्यूयॉर्क में किन किन अधिकारियों से मुलाकात की?
मिस्री ने अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में एक कांग्रेसनल प्रतिनिधिमंडल से, राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर से, तथा आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग से अलग अलग बैठकें कीं।
'पैक्स सिलिका' पहल क्या है और इसका भारत से क्या संबंध है?
पैक्स सिलिका सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों में आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने से जुड़ी एक भारत अमेरिका सहयोग पहल है। मिस्री और हेलबर्ग की बैठक में दोनों पक्ष इस पहल सहित उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमत हुए।
जयशंकर रुबियो की बैठक में क्या तय हुआ?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को न्यूयॉर्क में मुलाकात की, जिसमें SRAIA, ऊर्जा सुरक्षा, हिंद प्रशांत सहयोग, खाड़ी और यूक्रेन पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्वीकार किया कि रूस ईरान व्यापार पर संभावित प्रतिबंधों की बात भी हुई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
भारत अमेरिका के इन वार्ताओं का आगे क्या असर पड़ सकता है?
इन बैठकों से संकेत मिलता है कि दोनों देश SRAIA के दायरे, सेमीकंडक्टर सहयोग और ऊर्जा साझेदारी पर आने वाले महीनों में ठोस समझौतों की दिशा में बढ़ सकते हैं। हालाँकि, SRAIA के तहत भारत पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं, यह अभी अनिश्चित है और अमेरिकी घरेलू नीति पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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