जयशंकर-रुबियो की नई दिल्ली में अहम बैठक: व्यापार, रक्षा, एआई और क्वाड पर बनी रणनीतिक सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने रविवार, 24 मई 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, एआई, परमाणु सहयोग और आतंकवाद-रोधी अभियानों सहित भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के समग्र दायरे की समीक्षा की गई। यह रुबियो की पदभार संभालने के बाद भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
उच्चस्तरीय वार्ता में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल थे। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित किया।
जयशंकर ने एक्स पर साझा किया विस्तृत ब्यौरा
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, "नई दिल्ली में अमेरिका के विदेश सचिव रुबियो के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा की, जिसमें व्यापार और ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, जरूरी मिनरल और एआई, न्यूक्लियर और लोगों के बीच काउंटर-टेरर और काउंटर-नारकोटिक्स सहयोग शामिल हैं।" उन्होंने आगे कहा कि आपसी फायदे के क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
भारत का पाँच-सूत्रीय वैश्विक दृष्टिकोण
संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में जयशंकर ने भारत के वैश्विक रुख को पाँच बिंदुओं में स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "एक, हम झगड़ों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं। दूसरा, हम सुरक्षित और बिना रुकावट वाले समुद्री व्यापार का समर्थन करते हैं। तीसरा, हम अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरा सम्मान करने की माँग करते हैं। चौथा, हम मार्केट शेयर और संसाधनों के हथियार बनाने के खिलाफ हैं और पाँचवाँ, हम वैश्विक अर्थव्यवस्था को डी-रिस्क करने के लिए भरोसेमंद साझेदारी और मजबूत सप्लाई चेन के मूल्यों में विश्वास करते हैं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।
क्वाड बैठक की तैयारी
गौरतलब है कि यह द्विपक्षीय वार्ता 26 मई को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले हुई, जिसमें भारत, अमेरिका के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भी शामिल होंगे। जयशंकर ने कहा कि वह मंगलवार को अपने क्वाड साथियों के साथ बैठक का इंतजार कर रहे हैं। यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते चीनी प्रभाव के संदर्भ में विशेष महत्व रखती है।
लगातार संपर्क का दौर
जयशंकर ने बताया कि रुबियो के पदभार संभालने के बाद से दोनों नेताओं के बीच वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और हाल ही में फ्रांस में भी संपर्क बना रहा है। उन्होंने कहा, "हमारा लगातार एंगेजमेंट रहा है जिससे हमें अपने दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर और बढ़ते सहयोग की देखरेख करने में मदद मिली है।" आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मिनरल, एआई और परमाणु सहयोग के क्षेत्र में ठोस समझौतों की संभावना बताई जा रही है।