जयशंकर-रुबियो की न्यूयॉर्क में मुलाकात, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और SRIA पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 23 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात की और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय सप्ताह के दौरान हुई, जब विश्वभर के शीर्ष नेता और राजनयिक न्यूयॉर्क में एकत्र हैं।
बैठक में क्या हुआ
रुबियो ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: 'आज न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम मिलकर अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं और प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और आगामी बहुपक्षीय प्रयासों पर समन्वय कर रहे हैं।' डॉ. जयशंकर ने भी एक्स पर पुष्टि की कि उन्होंने बैठक में SRIA (2026 का लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध अधिनियम) के संबंध में भारत के हितों और चिंताओं को स्पष्ट रूप से दोहराया।
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि बैठक में खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की मौजूदा स्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सार्वजनिक रूप से यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की अपील की थी।
SRIA और रूसी तेल का पेच
भारत-अमेरिका संबंधों में फिलहाल एक प्रमुख अड़चन रूसी तेल खरीदने वालों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला अमेरिकी कानून है, जो अभी लागू नहीं हुआ है। भारत रूस से बड़े पैमाने पर रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदता है, और यह कानून लागू होने की स्थिति में भारतीय ऊर्जा आयात पर गंभीर असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी अब तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है, हालाँकि रक्षा, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे अन्य क्षेत्रों में सहयोग जारी है।
क्वाड और हिंद-प्रशांत संदर्भ
अमेरिका और भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर क्वाड के सदस्य हैं। यह चतुर्भुज समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री मार्गों और बुनियादी ढाँचे पर साझा काम करता है। मई 2026 में नई दिल्ली में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में चारों देशों ने समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा सहयोग को दोहराया था। विश्लेषकों के अनुसार, इस सहयोग को क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव से निपटने की रणनीति के रूप में देखा जाता है।
महासभा में जयशंकर का संबोधन
डॉ. जयशंकर शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दोपहर सत्र में भारत का पक्ष रखने वाले हैं। यह सत्र स्थानीय समयानुसार दोपहर 3 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार को दोपहर 12:30 बजे) शुरू होगा। रुबियो के साथ यह मुलाकात उस बहुपक्षीय कूटनीतिक श्रृंखला का हिस्सा है जो जयशंकर इस उच्च-स्तरीय सप्ताह में कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
SRIA कानून और व्यापार समझौते पर भविष्य की वार्ताओं की दिशा काफी हद तक इस सप्ताह की बैठकों पर निर्भर करेगी। भारत की कोशिश है कि रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढाँचे को क्षति पहुँचाए बिना ऊर्जा आयात पर अपना रुख बनाए रखा जाए। आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच और बातचीत की उम्मीद है।