9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डोभाल-रुबियो बैठक: भारत-अमेरिका रक्षा व TRUST पहल पर मंथन, हिंद-प्रशांत रणनीति पर जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डोभाल-रुबियो बैठक: भारत-अमेरिका रक्षा व TRUST पहल पर मंथन, हिंद-प्रशांत रणनीति पर जोर

सारांश

नई दिल्ली में एनएसए डोभाल और रुबियो की बैठक महज़ शिष्टाचार नहीं थी — TRUST पहल, हिंद-प्रशांत समन्वय और काउंटर टेररिज्म पर ठोस चर्चा हुई। मोदी को व्हाइट हाउस का निमंत्रण और 'मिशन 500' पर ज़ोर यह बताता है कि भारत-अमेरिका साझेदारी अब केवल घोषणाओं से आगे बढ़ रही है।

मुख्य बातें

एनएसए अजीत डोभाल और मार्को रुबियो की नई दिल्ली में बैठक; TRUST पहल , रक्षा व रणनीतिक तकनीक पर फोकस।
जयशंकर और रुबियो के बीच भी वार्ता; व्यापार, ऊर्जा, एआई, परमाणु सहयोग सहित पूरे द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा।
PM मोदी को रुबियो ने व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया; 2030 तक 'मिशन 500' के तहत व्यापार दोगुना करने पर सहमति।
अमेरिका ने ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को बंधक बनाने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जयशंकर क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के समकक्षों के साथ शामिल होंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अमेरिकी विदेश सचिव एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो के बीच रविवार, 25 मई 2025 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक सहयोग — विशेष रूप से TRUST पहल — पर विस्तृत चर्चा हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि दोनों देशों के एनएसए ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में क्या हुआ

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों एनएसए ने काउंटर टेररिज्म सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और हिंद-प्रशांत में अमेरिका-भारत रणनीतिक समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। भारत में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि यह बैठक 'साझा सुरक्षा हितों के समर्थन में दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी' को दर्शाती है। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

जयशंकर-रुबियो वार्ता और क्वाड की तैयारी

इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत हुई। जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, एआई, परमाणु सहयोग, आतंकवाद-रोधी और मादक पदार्थ-रोधी सहयोग सहित पूरे द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की गई। उन्होंने यह भी बताया कि वे मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के समकक्षों के साथ शामिल होने के लिए तत्पर हैं।

मोदी-रुबियो मुलाकात और 'मिशन 500'

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रुबियो के बीच हुई बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला और व्यापार विस्तार पर चर्चा हुई। अमेरिकी राज्य विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बयान में कहा कि सचिव रुबियो ने स्पष्ट किया कि 'अमेरिका ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक नहीं बनाने देगा' और भारत की ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने में अमेरिका की क्षमता को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने 2030 तक व्यापार दोगुना करने के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के 'मिशन 500' के तहत हुई उपलब्धियों की भी समीक्षा की।

रुबियो का व्हाइट हाउस निमंत्रण

रुबियो ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति की ओर से व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया। उन्होंने मध्य पूर्व के हालात, ऊर्जा साझेदारी, आपूर्ति शृंखला सुरक्षा और नई तकनीक पर सहयोग को बातचीत के मुख्य बिंदु बताया। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए मिलकर काम करते रहेंगे और आतंकवाद-रोधी, संघर्ष समाधान तथा विकास साझेदारी में सहयोग जारी रहेगा।

आगे की दिशा

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत-अमेरिका संबंध कई मोर्चों — रक्षा, तकनीक, व्यापार और बहुपक्षीय मंचों — पर तेज़ी से प्रगाढ़ हो रहे हैं। क्वाड बैठक और TRUST पहल की आगामी प्रगति यह तय करेगी कि दिल्ली में हुई इन बातचीतों का ठोस परिणाम कब और किस रूप में सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ठोस ढाँचे की शक्ल ले रहा है। हालाँकि 'मिशन 500' और व्यापार दोगुना करने की बात पहले भी होती रही है, असली परीक्षा यह है कि टैरिफ विवादों के बीच यह लक्ष्य कितना व्यावहारिक है। व्हाइट हाउस निमंत्रण एक कूटनीतिक संकेत है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि TRUST जैसी पहलों का क्रियान्वयन तंत्र अभी सार्वजनिक नहीं है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोभाल और रुबियो की बैठक में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा हुई?
इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक सहयोग — विशेष रूप से TRUST पहल — पर चर्चा हुई। काउंटर टेररिज्म सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और हिंद-प्रशांत में अमेरिका-भारत रणनीतिक समन्वय को मजबूत करना भी एजेंडे में था।
'मिशन 500' क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
'मिशन 500' भारत और अमेरिका के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री की वह साझा प्रतिबद्धता है जिसके तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बैठक में दोनों पक्षों ने इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की।
PM मोदी को व्हाइट हाउस का निमंत्रण क्यों मिला?
रुबियो ने राष्ट्रपति की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया, जो भारत-अमेरिका संबंधों को उच्चतम स्तर पर आगे बढ़ाने का कूटनीतिक संकेत है। यह निमंत्रण ऊर्जा साझेदारी, व्यापार और नई तकनीक पर सहयोग की पृष्ठभूमि में दिया गया।
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की क्या भूमिका होगी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि वे मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के अपने समकक्षों के साथ शामिल होंगे। यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा और रणनीतिक हितों पर केंद्रित होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले