जयशंकर की मनीला में रूबियो और पेनी वोंग से द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार-रक्षा-AI एजेंडे पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारत-अमेरिका साझेदारी की समीक्षा
जयशंकर और रूबियो की बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की गई। जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'मनीला में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्राथमिकताओं पर केंद्रित रही, जिनमें व्यापार एवं शुल्क (टैरिफ), ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शामिल हैं। हमने क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी संक्षिप्त विचार-विमर्श किया।'
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वार्ता एक संवेदनशील दौर में है और दोनों देश रक्षा एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को नई ऊँचाई देने की कोशिश में हैं।
मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के बाद पेनी वोंग से अनुवर्ती बैठक
जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 8 से 10 जुलाई के बीच मेलबर्न में हुई ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान हुए समझौतों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री सीनेटर पेनी वोंग से मुलाकात कर खुशी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान हुए परिणामों पर आगे की चर्चा की।'
गौरतलब है कि मेलबर्न शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की उपस्थिति में 18 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिनमें रक्षा सहयोग और यूरेनियम आपूर्ति से जुड़ा असैन्य परमाणु समझौता भी शामिल था।
फिलीपींस की विदेश मंत्री से भी वार्ता
इससे पहले जयशंकर ने फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा पी. लाजारो से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा की। जयशंकर ने एक्स पर बताया कि व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, रक्षा, समुद्री सहयोग, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर 'सार्थक चर्चा' हुई।
लाजारो ने भी एक्स पर पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच फिनटेक, उच्च शिक्षा, दवा उद्योग, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
क्वाड बैठक और हिंद-प्रशांत एजेंडा
मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन के इतर क्वाड देशों की भी एक बैठक हुई। भारत में अमेरिका के राजदूत ने एक्स पर लिखा, 'आज मनीला में क्वाड देशों की बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ शामिल हुआ। मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ठोस परिणाम सुनिश्चित करने को लेकर बेहद सार्थक चर्चा हुई। हम चारों देशों की सोच एक सी ही है।'
यह बैठकें भारत की बहुआयामी कूटनीति को रेखांकित करती हैं — एक ओर अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी, दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संबंधों को नई गहराई देने की कोशिश। आने वाले हफ्तों में इन बैठकों के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।