क्या अमेरिकी विदेश मंत्री और एस जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई?

Click to start listening
क्या अमेरिकी विदेश मंत्री और एस जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई?

सारांश

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबीओ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच फोन पर हुई बातचीत ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की संभावनाएं उजागर की हैं। चर्चा में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज और आने वाली बैठक के मुद्दे शामिल थे। जानिए इस बातचीत के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • द्विपक्षीय व्यापार पर सकारात्मक चर्चा हुई।
  • महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • आने वाली बैठक के लिए संभावित कदमों पर चर्चा हुई।
  • भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने की पहल।
  • प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक भूमिका को मान्यता मिली।

नई दिल्ली, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबीओ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

इसकी जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एस जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है।

सर्जियो गोर ने बताया कि दोनों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है और अगले महीने संभावित बैठक के संबंध में भी चर्चा की गई।

उन्होंने एक्स पर लिखा कि मार्को रुबीओ और एस जयशंकर के साथ एक सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार वार्ता, महत्वपूर्ण खनिजों और अगले महीने संभावित बैठक के संबंध में आगे के कदमों पर चर्चा की।

वहीं, एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि मार्को रुबीओ के साथ उनकी बातचीत अच्छी रही। व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा हुई। इन और अन्य मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी है।

टैरिफ, रूस के साथ तेल के कारोबार और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिका के दावे को खारिज करने के बाद दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए थे। हालांकि, व्यापार को लेकर बातचीत जारी है।

इस बीच, अमेरिका के प्रभावशाली सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की वैश्विक भूमिका को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण नेता बताया। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, प्रतिनिधि रिच मैककॉर्मिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप एक मजबूत राष्ट्रीय फोकस को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि वह अपने देश की देखभाल ठीक वैसे ही कर रहे हैं जैसे हम अपने देश की करते हैं। वह अपने देश में उत्पादकता, विस्तार और प्रौद्योगिकी लाना चाहते हैं। मैककॉर्मिक ने कहा कि अमेरिकी सांसद प्रधानमंत्री मोदी के घरेलू क्षमता निर्माण पर जोर देने को समझते हैं, जिसमें रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र भी शामिल हैं।

Point of View

सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह विषय न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिकी विदेश मंत्री और एस जयशंकर के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बातचीत का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, और सुरक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा करना था।
क्या इस बातचीत का कोई संभावित परिणाम है?
हां, इस बातचीत से अगले महीने संभावित बैठक के संबंध में चर्चा हुई है, जो संबंधों को और मजबूत कर सकती है।
Nation Press