एस जयशंकर और डेनिस मंटुरोव के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा

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एस जयशंकर और डेनिस मंटुरोव के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण चर्चाएँ की। इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों पर विचार किया गया।

मुख्य बातें

द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर।
व्यापार, उद्योग, और ऊर्जा पर महत्वपूर्ण चर्चा।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विचार।
आगामी शिखर सम्मेलन के लिए ठोस कदम उठाने की योजना।
विशेष रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने पर ध्यान।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव का स्वागत करते हुए द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और मोबिलिटी के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों में नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी के साथ, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भी विचार विमर्श हुआ।

बाहरी मामलों के मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "गुरुवार को नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मिलकर मुझे खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की, जिसमें व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही, प्रौद्योगिकी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित नए अवसरों पर भी बातचीत हुई। हमने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी शामिल है।"

इससे पहले, डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति पर चर्चा की।

रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की जानकारी साझा की, जिसमें व्यापार और आर्थिक साझेदारी, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।

उन्होंने दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान हुए समझौतों को लागू करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की।

भारत-रूस की 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, जिसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।

इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को याद किया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर प्रकाशित एक पोस्ट में कहा, "रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में हमारे सहयोग पर चर्चा की। पिछले दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के परिणामों को लागू करने के लिए दोनों पक्षों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया।"

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार किया, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी हो सकते हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस जयशंकर और डेनिस मंटुरोव के बीच चर्चा के प्रमुख विषय क्या थे?
इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी, और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की गई।
दोनों नेताओं ने किस शिखर सम्मेलन की चर्चा की?
उन्होंने दिसंबर 2025 में होने वाले 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन की चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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