रूस के उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव का भारत दौरा: पश्चिम एशिया और अन्य मुद्दों पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- रूस के उपप्रधानमंत्री का भारत दौरा संपन्न हुआ।
- पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा हुई।
- व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- भारत-रूस संबंधों में नई दिशा की संभावना।
- सहमति पर पहुँचने के लिए द्विपक्षीय वार्ता महत्वपूर्ण रही।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रूस के पहले उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने भारत का दौरा किया है, जो दो दिन तक, अर्थात् 2 और 3 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने भारत के प्रमुख नेताओं से बातचीत की और पश्चिम एशिया सहित कई अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।
रूस के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मंटुरोव ने 3 अप्रैल को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। वे भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन के सह-अध्यक्ष भी हैं, जो व्यापार, अर्थव्यवस्था, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करता है।
बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और मोबिलिटी के साथ ही तकनीक, नवाचार और आवश्यक खनिजों के नए अवसरों पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों के कार्यान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अलावा, सह-अध्यक्ष मंटुरोव ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों समेत क्षेत्रीय एवं वैश्विक विकास पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
मंटुरोव ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट की। उन्होंने वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी बैठक की।
बैठक के बाद, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "गुरुवार को नई दिल्ली में रूस के पहले उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की मेज़बानी करना मेरे लिए खुशी की बात थी। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग पर गहन चर्चा की, जिसमें व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, प्रौद्योगिकी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में मौजूद नए अवसरों पर भी विचार किया। हमने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी शामिल है।"
इससे पहले, रूसी उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जहाँ दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसमें व्यापार, आर्थिक साझेदारी, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।