विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बीजिंग में CPC सेंट्रल पार्टी स्कूल के उपाध्यक्ष से मुलाकात, सहयोग पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश सचिव विक्रम मिस्री 28 जुलाई 2026 को बीजिंग में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के सेंट्रल पार्टी स्कूल (नेशनल एकेडमी ऑफ गवर्नेंस) के उपाध्यक्ष ली वेनतांग से मिले और भविष्य में शैक्षणिक सहयोग तथा आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात मिस्री की चीन की आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन हुई, जो भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
सेंट्रल पार्टी स्कूल में क्या हुआ
चीन में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि विक्रम मिस्री को स्कूल के ऐतिहासिक महत्व, उसके बौद्धिक योगदान और शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग और लेन-देन के अवसरों पर चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि सेंट्रल पार्टी स्कूल चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है और इसे चीन की शासन व्यवस्था की वैचारिक रीढ़ माना जाता है। इस संस्था से संपर्क बढ़ाना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है।
विदेश उप मंत्री हुआ चुनयिंग से वार्ता
इससे पहले सोमवार को मिस्री ने चीन की विदेश उप मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की, जिसमें भारत-चीन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं की उस सोच को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की, जिसमें भारत और चीन को एक-दूसरे के साझेदार और विकास के अवसरों में सहयोगी बताया गया है।
इस वार्ता में व्यापार और आर्थिक संबंध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए आपसी लाभ वाले कदमों पर सहमति बनी। विशेष रूप से, दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को स्वीकार किया — जो 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से द्विपक्षीय वार्ता का केंद्रीय मुद्दा रहा है।
CPPCC और CPC अंतरराष्ट्रीय विभाग से भी संपर्क
सोमवार को ही मिस्री ने चीन की 14वीं राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (CPPCC) की समिति के उप महासचिव होंग लियांग से भी मुलाकात की। इसमें राजनीतिक स्तर पर और आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
यात्रा की शुरुआत मिस्री ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सन हैयान से मुलाकात के साथ की थी — जो पार्टी-से-पार्टी संपर्क के पुनरुद्धार का स्पष्ट संकेत है।
यात्रा का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच 2020 की सीमा तनातनी के बाद से संबंध धीरे-धीरे सामान्य होने की राह पर हैं। गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गश्त व्यवस्था को लेकर समझौता हुआ था, जिसके बाद राजनयिक संवाद की गति तेज़ हुई है।
मिस्री की यह यात्रा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है — यह उस कूटनीतिक ढाँचे को मज़बूत करने की कोशिश है जो व्यापार, शिक्षा और सीमा प्रबंधन — तीनों मोर्चों पर एक साथ काम करे।