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शोपियां HDFC बैंक धोखाधड़ी: EOW ने 13 जमाकर्ताओं के ₹4.50 करोड़ वापस दिलाए, 5 आरोपी गिरफ्तार

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शोपियां HDFC बैंक धोखाधड़ी: EOW ने 13 जमाकर्ताओं के ₹4.50 करोड़ वापस दिलाए, 5 आरोपी गिरफ्तार

सारांश

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में HDFC बैंक के भीतरी लोगों द्वारा रची गई धोखाधड़ी में EOW कश्मीर ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 11 पर चार्जशीट दाखिल की — और बैंक प्रबंधन से 13 जमाकर्ताओं के ₹4.50 करोड़ वापस दिलाए। यह मामला बैंकिंग तंत्र में भीतरी मिलीभगत की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में HDFC बैंक धोखाधड़ी के मामले में EOW कश्मीर ने निर्णायक कार्रवाई की।
13 पीड़ित जमाकर्ताओं को ₹4.50 करोड़ की राशि HDFC बैंक प्रबंधन ने वापस लौटाई।
18 फरवरी 2026 को 5 मुख्य आरोपियों — शोपियां और पुलवामा के पूर्व बैंक कर्मी — को गिरफ्तार किया गया।
मई 2026 में 11 आरोपियों के खिलाफ शोपियां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल।
मामला एफआईआर नंबर 30/2025 के तहत BNS और IT अधिनियम की धाराओं में दर्ज है।
अदालत में आपराधिक कार्यवाही जारी; EOW ने सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां स्थित एचडीएफसी बैंक में हुई बड़े पैमाने की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए 13 पीड़ित जमाकर्ताओं की ₹4.50 करोड़ की राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। ईओडब्ल्यू की समयबद्ध जांच के दबाव में एचडीएफसी बैंक प्रबंधन ने यह रकम प्रभावित खाताधारकों को लौटाई है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा प्रकरण एफआईआर नंबर 30/2025 से संबंधित है। शोपियां स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा में जमाकर्ताओं के खातों में हेराफेरी और वित्तीय अनियमितता की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस मुख्यालय ने इसकी गहन जांच की ज़िम्मेदारी क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू विंग को सौंपी।

जांच में क्या सामने आया

ईओडब्ल्यू कश्मीर ने जांच में पाया कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी थी, जिसमें बैंक के भीतर के कर्मियों की सीधी मिलीभगत थी। जांच एजेंसी ने पाँच मुख्य आरोपियों की पहचान की — इनमें शोपियां और पुलवामा जिलों में तैनात रहे एचडीएफसी बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक और कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि इन्होंने जमाकर्ताओं के खातों से छेड़छाड़ कर रकम निकाली और फर्जी लेनदेन को अंजाम दिया।

तकनीकी साक्ष्यों, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल ट्रेल के आधार पर ईओडब्ल्यू ने 18 फरवरी 2026 को सभी पाँचों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही महीनों के भीतर की गई, जो जांच की तेज़ गति को दर्शाती है।

अदालत में चार्जशीट और आपराधिक कार्यवाही

गहन जांच और साक्ष्य संकलन के बाद ईओडब्ल्यू कश्मीर ने मई 2026 में शोपियां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में बैंकिंग धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी अधिनियम से जुड़े ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। फिलहाल सक्षम अदालत में इस मामले में आपराधिक कार्यवाही जारी है।

गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक समस्या की ओर इशारा करता है जिसमें बैंकिंग संस्थाओं के भीतर से ही धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता है — यह ऐसे समय में और भी गंभीर है जब डिजिटल वित्तीय लेनदेन तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

पीड़ितों को राहत और आगे की राह

ईओडब्ल्यू की जांच के दबाव में एचडीएफसी बैंक प्रबंधन ने 13 प्रभावित जमाकर्ताओं को ₹4.50 करोड़ की पूरी राशि वापस लौटा दी है, जो पीड़ितों के लिए बड़ी राहत है। ईओडब्ल्यू कश्मीर ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अंतर्गत कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अदालत में सुनवाई जारी रहने के साथ इस मामले के अगले चरण पर सबकी नज़र टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने लंबे समय तक यह धोखाधड़ी बैंक के आंतरिक ऑडिट तंत्र की नज़र से कैसे बची रही। RBI के निर्देशों के बावजूद सार्वजनिक और निजी दोनों बैंकों में इनसाइडर फ्रॉड की घटनाएँ बार-बार सामने आती हैं — यह दर्शाता है कि आंतरिक निगरानी तंत्र अभी भी पर्याप्त मज़बूत नहीं है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोपियां HDFC बैंक धोखाधड़ी मामला क्या है?
जम्मू-कश्मीर के शोपियां स्थित HDFC बैंक शाखा में जमाकर्ताओं के खातों से छेड़छाड़ कर फर्जी लेनदेन किए गए। FIR नंबर 30/2025 के तहत BNS और IT अधिनियम की धाराओं में यह मामला दर्ज है, जिसमें बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधकों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई।
EOW कश्मीर ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
EOW कश्मीर ने 18 फरवरी 2026 को 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और मई 2026 में शोपियां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जांच में तकनीकी साक्ष्य, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल ट्रेल का उपयोग किया गया।
पीड़ित जमाकर्ताओं को कितनी राशि वापस मिली?
EOW की जांच के दबाव में HDFC बैंक प्रबंधन ने 13 प्रभावित जमाकर्ताओं को ₹4.50 करोड़ की पूरी राशि वापस लौटा दी है। यह रकम धोखाधड़ी से सीधे प्रभावित खाताधारकों को मिली है।
इस मामले में कितने और कौन से आरोपी शामिल हैं?
जांच में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इनमें शोपियां और पुलवामा जिलों में तैनात रहे HDFC बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक और कर्मचारी शामिल हैं, जिन पर आपराधिक साजिश और बैंकिंग धोखाधड़ी के आरोप हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
फिलहाल शोपियां की सक्षम अदालत में आपराधिक कार्यवाही जारी है। EOW कश्मीर ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएगी और सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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