जम्मू-कश्मीर: शोपियां में वित्तीय धोखाधड़ी मामले में 5 एचडीएफसी बैंक अधिकारियों की जमानत याचिका खारिज
सारांश
Key Takeaways
- जमानत याचिका खारिज की गई।
- आरोपी वर्तमान में जेल में हैं।
- जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।
- मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन किया जा रहा है।
- आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
श्रीनगर, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में, शोपियां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने एचडीएफसी बैंक के पांच अधिकारियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया और वे अब श्रीनगर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के इस मामले में शामिल एचडीएफसी बैंक के पांच अधिकारियों की जमानत याचिका को सीजेएम शोपियां की अदालत ने अस्वीकृत कर दिया।
इस मामले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है।
आरोपियों में इरफान मजीद जरगर (शोपियां), आदिल अयूब गनई (नौगाम), मुबाशिर हुसैन शेख (कुलगाम), जैद मंजूर (अनंतनाग) और जावेद अहमद भट (पुलवामा) शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान, आर्थिक अपराध शाखा कश्मीर के अतिरिक्त लोक अभियोजक वसीम अहमद शाह ने आरोपियों की जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया। सभी दलीलें सुनने और मामले के रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद, सीजेएम शोपियां ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कहा है कि आर्थिक अपराध शाखा कश्मीर (ईओडब्ल्यू) निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट के आधार पर जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगी कि मामला कानून के अनुसार पूरी तरह से अपने नतीजे पर पहुंचे।