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श्रीनगर: ईओडब्ल्यू ने शॉल धोखाधड़ी में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, ₹2.50 करोड़ की ठगी का आरोप

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श्रीनगर: ईओडब्ल्यू ने शॉल धोखाधड़ी में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, ₹2.50 करोड़ की ठगी का आरोप

सारांश

जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा ने ₹2.50 करोड़ से अधिक के शॉल धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जांच में 338 शॉल बरामद हुए। यह ईओडब्ल्यू की आर्थिक अपराधों पर बढ़ती सख्ती की कड़ी है।

मुख्य बातें

ईओडब्ल्यू कश्मीर ने श्रीनगर की अदालत में शॉल धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुख्य आरोपी अरशिद अहमद शोरा उर्फ बिलाल सहित फिरदौस अहमद मीर , फिरदौस अहमद भट्ट और आफताब अहमद शाह नामजद।
शिकायतकर्ता से ₹2.50 करोड़ से अधिक मूल्य के शॉल सप्लाई करवाकर भुगतान न करने का आरोप।
जांच में 338 शॉल बरामद, अनुमानित कीमत लगभग ₹68 लाख ; अदालत के निर्देश पर शिकायतकर्ता को लौटाए गए।
इससे पहले ईओडब्ल्यू ने AAI नौकरी घोटाले में भी चार अलग आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू कश्मीर) ने श्रीनगर की अदालत में शॉल खरीद से जुड़े ₹2.50 करोड़ से अधिक के धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मुख्य आरोपी अरशिद अहमद शोरा उर्फ बिलाल और उसके तीन सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता को अधिक मुनाफे का प्रलोभन देकर शॉल सप्लाई करवाई और फिर भुगतान करने से इनकार कर दिया।

मामले का मुख्य घटनाक्रम

ईओडब्ल्यू के अनुसार, शिकायतकर्ता को अधिक लाभ का आश्वासन देकर ₹2.50 करोड़ से अधिक मूल्य के शॉल सप्लाई करवाए गए, लेकिन बाद में भुगतान नहीं किया गया। जांच के दौरान एजेंसी ने 338 शॉल बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹68 लाख आँकी गई। अदालत के निर्देश पर ये बरामद शॉल शिकायतकर्ता को सौंपे गए।

आरोपियों की पहचान

चार्जशीट में जिन चार आरोपियों को नामजद किया गया है, वे हैं — अरशिद अहमद शोरा उर्फ बिलाल, फिरदौस अहमद मीर, फिरदौस अहमद भट्ट और आफताब अहमद शाह। जांच एजेंसी के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य एकत्र होने के बाद यह चार्जशीट दाखिल की गई है।

एयरपोर्ट नौकरी घोटाले में भी कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब ईओडब्ल्यू कश्मीर ने इस तरह की कार्रवाई की हो। इससे पूर्व एजेंसी ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) में नौकरी दिलाने के नाम पर कश्मीर घाटी के बेरोज़गार युवाओं से लाखों रुपए ठगने के मामले में भी श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। उस मामले में नोएडा निवासी मोहित शर्मा और नई दिल्ली निवासी मुकेश कुमार, महमूद खानरामलखन को आरोपी बनाया गया था।

कानूनी धाराएँ और जांच का आधार

एयरपोर्ट नौकरी घोटाले का मामला धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) आरपीसी के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया था। कश्मीर घाटी के कई ज़िलों से मिली शिकायतों के बाद ईओडब्ल्यू ने गहन जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए।

आगे की कार्रवाई

दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालती कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। ईओडब्ल्यू कश्मीर की यह कार्रवाई आर्थिक अपराधों के खिलाफ बढ़ती सक्रियता का संकेत देती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत इन मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराने की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि घाटी में आर्थिक अपराधों के खिलाफ बढ़ती संस्थागत सक्रियता का संकेत है। शॉल उद्योग कश्मीर की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है, और इस तरह की धोखाधड़ी छोटे आपूर्तिकर्ताओं की आजीविका पर सीधा प्रहार करती है। एयरपोर्ट नौकरी घोटाले के साथ मिलाकर देखें तो ईओडब्ल्यू एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है — लेकिन असली कसौटी यह होगी कि अदालतें इन मामलों में दोषसिद्धि तक कितनी तेज़ी से पहुँचती हैं, क्योंकि चार्जशीट दाखिल होना और सज़ा मिलना दो अलग मील के पत्थर हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईओडब्ल्यू कश्मीर ने किस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने ₹2.50 करोड़ से अधिक मूल्य के शॉल खरीद से जुड़े धोखाधड़ी मामले में श्रीनगर की अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को अधिक मुनाफे का लालच देकर शॉल सप्लाई करवाई और फिर भुगतान नहीं किया।
इस मामले में कौन-कौन से आरोपी हैं?
चार्जशीट में चार आरोपियों को नामजद किया गया है — अरशिद अहमद शोरा उर्फ बिलाल (मुख्य आरोपी), फिरदौस अहमद मीर, फिरदौस अहमद भट्ट और आफताब अहमद शाह। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान क्या बरामद हुआ?
जांच के दौरान 338 शॉल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹68 लाख बताई गई है। अदालत के निर्देश पर ये सभी शॉल शिकायतकर्ता को वापस सौंपे गए।
ईओडब्ल्यू ने एयरपोर्ट नौकरी घोटाले में क्या कार्रवाई की?
ईओडब्ल्यू ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) में नौकरी दिलाने के नाम पर कश्मीर घाटी के बेरोज़गार युवाओं से ठगी करने के मामले में श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अलग चार्जशीट दाखिल की। इसमें नोएडा निवासी मोहित शर्मा और नई दिल्ली के तीन अन्य आरोपियों को नामजद किया गया।
इन मामलों में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
एयरपोर्ट नौकरी घोटाले का मामला धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) आरपीसी के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया था। शॉल धोखाधड़ी मामले में भी संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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