जमीन हड़पने के मामले में EOW कश्मीर ने मुश्ताक अहमद मलिक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कश्मीर विंग ने जमीन हड़पने के एक धोखाधड़ी मामले में सब-जज श्रीनगर की अदालत में औपचारिक चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट मुश्ताक अहमद मलिक और एक तत्कालीन पटवारी (अब मृत) के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर तैयार की गई है। जांच में लगाए गए सभी आरोप सही पाए जाने के बाद एजेंसी ने मामले को 'साबित' मानते हुए न्यायिक फैसले के लिए अदालत में सौंप दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुश्ताक अहमद मलिक और तत्कालीन पटवारी ने मिलकर साजिश रची और खसरा नंबर 642 वाली जमीन को हड़पने का प्रयास किया। आरोप था कि इस उद्देश्य के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर श्रीनगर नगर निगम (SMC) से बिल्डिंग परमिशन हासिल करने की कोशिश की गई।
जांच में क्या सामने आया
शिकायत मिलने के बाद EOW कश्मीर ने विधिवत जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आवश्यक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और सरकारी पद के कथित दुरुपयोग का खुलासा हुआ। एजेंसी के अनुसार, सभी आरोप साक्ष्यों से पुष्ट हुए।
चार्जशीट में लगाई गई धाराएँ
चार्जशीट धारा 420/511, 167, 471 और 120-बी RPC के तहत दाखिल की गई है। ये धाराएँ क्रमशः धोखाधड़ी का प्रयास, लोकसेवक द्वारा गलत दस्तावेज तैयार करना, जाली दस्तावेज का उपयोग और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित हैं। अब सब-जज श्रीनगर की अदालत आगे की सुनवाई कर यह तय करेगी कि आरोपियों पर क्या कार्रवाई की जाए।
जम्मू-कश्मीर में धोखाधड़ी के अन्य मामले
गौरतलब है कि इससे पहले 28 अगस्त को अनंतनाग पुलिस ने एक राजनीतिक दल के नेता आबिद हुसैन नेगरू (निवासी: करंडीगाम, बिजबेहरा) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता वहीद अहमद इत्तू ने खानाबल पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एसपीओ की नौकरी दिलाने और अमरनाथ यात्रा के दौरान पहलगाम में टेंट लगाने की अनुमति दिलाने के नाम पर उनसे ₹8.25 लाख की ठगी की गई। इस शिकायत पर अनंतनाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आगे क्या होगा
EOW कश्मीर द्वारा दाखिल चार्जशीट के बाद अब मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया में है। अदालत साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्यवाही तय करेगी। जम्मू-कश्मीर में भूमि धोखाधड़ी और सरकारी पद के दुरुपयोग के खिलाफ यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।