1 सितंबर 2026
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जमीन हड़पने के मामले में EOW कश्मीर ने मुश्ताक अहमद मलिक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

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जमीन हड़पने के मामले में EOW कश्मीर ने मुश्ताक अहमद मलिक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

सारांश

EOW कश्मीर ने श्रीनगर में जमीन हड़पने के एक मामले में चार्जशीट दाखिल की है — जाली दस्तावेजों से SMC परमिशन लेने की साजिश साबित हुई। मामला अब सब-जज अदालत में है। अनंतनाग में भी एक नेता पर ₹8.25 लाख की ठगी का मामला दर्ज हुआ है।

मुख्य बातें

EOW कश्मीर ने मुश्ताक अहमद मलिक और एक तत्कालीन पटवारी (मृत) के खिलाफ सब-जज श्रीनगर की अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
आरोप है कि खसरा नंबर 642 वाली जमीन हड़पने के लिए जाली दस्तावेज बनाकर SMC से बिल्डिंग परमिशन लेने की कोशिश की गई।
चार्जशीट धारा 420/511, 167, 471 और 120-बी RPC के तहत दाखिल; जांच में सभी आरोप साबित पाए गए।
28 अगस्त को अनंतनाग पुलिस ने नेता आबिद हुसैन नेगरू के खिलाफ ₹8.25 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
दोनों मामलों में जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

श्रीनगर में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कश्मीर विंग ने जमीन हड़पने के एक धोखाधड़ी मामले में सब-जज श्रीनगर की अदालत में औपचारिक चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट मुश्ताक अहमद मलिक और एक तत्कालीन पटवारी (अब मृत) के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर तैयार की गई है। जांच में लगाए गए सभी आरोप सही पाए जाने के बाद एजेंसी ने मामले को 'साबित' मानते हुए न्यायिक फैसले के लिए अदालत में सौंप दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुश्ताक अहमद मलिक और तत्कालीन पटवारी ने मिलकर साजिश रची और खसरा नंबर 642 वाली जमीन को हड़पने का प्रयास किया। आरोप था कि इस उद्देश्य के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर श्रीनगर नगर निगम (SMC) से बिल्डिंग परमिशन हासिल करने की कोशिश की गई।

जांच में क्या सामने आया

शिकायत मिलने के बाद EOW कश्मीर ने विधिवत जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आवश्यक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और सरकारी पद के कथित दुरुपयोग का खुलासा हुआ। एजेंसी के अनुसार, सभी आरोप साक्ष्यों से पुष्ट हुए।

चार्जशीट में लगाई गई धाराएँ

चार्जशीट धारा 420/511, 167, 471 और 120-बी RPC के तहत दाखिल की गई है। ये धाराएँ क्रमशः धोखाधड़ी का प्रयास, लोकसेवक द्वारा गलत दस्तावेज तैयार करना, जाली दस्तावेज का उपयोग और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित हैं। अब सब-जज श्रीनगर की अदालत आगे की सुनवाई कर यह तय करेगी कि आरोपियों पर क्या कार्रवाई की जाए।

जम्मू-कश्मीर में धोखाधड़ी के अन्य मामले

गौरतलब है कि इससे पहले 28 अगस्त को अनंतनाग पुलिस ने एक राजनीतिक दल के नेता आबिद हुसैन नेगरू (निवासी: करंडीगाम, बिजबेहरा) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता वहीद अहमद इत्तू ने खानाबल पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एसपीओ की नौकरी दिलाने और अमरनाथ यात्रा के दौरान पहलगाम में टेंट लगाने की अनुमति दिलाने के नाम पर उनसे ₹8.25 लाख की ठगी की गई। इस शिकायत पर अनंतनाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आगे क्या होगा

EOW कश्मीर द्वारा दाखिल चार्जशीट के बाद अब मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया में है। अदालत साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्यवाही तय करेगी। जम्मू-कश्मीर में भूमि धोखाधड़ी और सरकारी पद के दुरुपयोग के खिलाफ यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

EOW कश्मीर ने किस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
EOW कश्मीर ने श्रीनगर में जमीन हड़पने के एक धोखाधड़ी मामले में मुश्ताक अहमद मलिक और एक तत्कालीन पटवारी (मृत) के खिलाफ सब-जज श्रीनगर की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर खसरा नंबर 642 की जमीन हड़पने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
चार्जशीट धारा 420/511 (धोखाधड़ी का प्रयास), 167 (लोकसेवक द्वारा गलत दस्तावेज), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) RPC के तहत दाखिल की गई है।
EOW की जांच में क्या सामने आया?
जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आवश्यक तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और सरकारी पद के कथित दुरुपयोग का खुलासा हुआ। एजेंसी ने मामले को 'साबित' मानते हुए जांच बंद कर चार्जशीट अदालत को सौंप दी।
अनंतनाग में आबिद हुसैन नेगरू पर क्या आरोप हैं?
अनंतनाग पुलिस ने 28 अगस्त को नेता आबिद हुसैन नेगरू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता वहीद अहमद इत्तू के अनुसार, एसपीओ नौकरी और अमरनाथ यात्रा में टेंट परमिशन दिलाने के नाम पर उनसे ₹8.25 लाख की ठगी की गई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला सब-जज श्रीनगर की अदालत में है, जो साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्यवाही तय करेगी। न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत आरोप तय करने और सुनवाई की तारीखें निर्धारित करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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