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जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की चार्जशीट: नकली नौकरी और जाली वीजा से लाखों की ठगी, श्रीनगर का आरोपी कोर्ट में

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जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की चार्जशीट: नकली नौकरी और जाली वीजा से लाखों की ठगी, श्रीनगर का आरोपी कोर्ट में

सारांश

श्रीनगर की एक एजुकेशनल कंसल्टेंसी के संचालक ने बहरीन में नौकरी का झांसा देकर पीड़ितों से लाखों रुपये ठगे, जाली वीजा और फर्जी दस्तावेज थमाए। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की EOW ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपी फैयाज अहमद जरगर करण नगर, श्रीनगर में एचआर चॉइस इंटरनेशनल एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाता था।
आरोपी ने पीड़ितों को बहरीन में नौकरी दिलाने का झूठा वादा कर लाखों रुपये ठगे।
पीड़ितों को जाली जॉब ऑफर लेटर , नकली वीजा और फर्जी हवाई टिकट दिए गए; ऑनलाइन इंटरव्यू और मेडिकल जांच से विश्वसनीयता बनाई गई।
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से ऐसे मामलों की सूचना SSP, EOW कश्मीर को देने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 4 जुलाई 2025 को श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक बड़े नौकरी-धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की। आरोपी फैयाज अहमद जरगर पर बहरीन में नौकरी दिलाने का झूठा वादा कर पीड़ितों से लाखों रुपये ठगने और जाली दस्तावेज थमाने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

मामले की शुरुआत एक लिखित शिकायत से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि श्रीनगर के करण नगर स्थित एचआर चॉइस इंटरनेशनल एजुकेशन कंसल्टेंसी के संचालक फैयाज अहमद जरगर ने पीड़ितों को बहरीन में रोजगार दिलाने का लालच दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने न केवल शिकायतकर्ता, बल्कि अनेक अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया।

क्राइम ब्रांच के बयान के अनुसार, आरोपी ने पीड़ितों को जाली जॉब ऑफर लेटर, नकली वीजा, फर्जी हवाई टिकट और अन्य कूटरचित दस्तावेज सौंपे। इन दस्तावेजों के आधार पर पीड़ितों से लाखों रुपये वसूले गए।

ठगी का तरीका

इस धोखाधड़ी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। पीड़ितों से ऑनलाइन इंटरव्यू और मेडिकल जांच करवाई गई तथा उनसे रोजगार अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। इस पूरी प्रक्रिया ने पीड़ितों को यह विश्वास दिला दिया कि उनकी नौकरी पक्की हो गई है। हालांकि, न कोई नौकरी मिली और न ही ली गई राशि वापस की गई।

जांच और कानूनी कार्रवाई

EOW की जांच में सभी आरोप सही पाए गए। धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की गई। अब मामला न्यायिक निर्णय के लिए अदालत के समक्ष है।

आम जनता के लिए सावधानी

क्राइम ब्रांच ने नागरिकों को आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों से सतर्क रहने की अपील की है। ऐसे किसी भी मामले की सूचना एसएसपी, EOW कश्मीर, क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर को दी जा सकती है। पीड़ित अपनी शिकायत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ईमेल के जरिए भी दर्ज करा सकते हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विदेश में रोजगार के नाम पर फल-फूल रहे एक व्यापक तंत्र की बानगी है। ऑनलाइन इंटरव्यू, मेडिकल जांच और अनुबंध जैसी औपचारिकताओं का इस्तेमाल कर पीड़ितों का भरोसा जीतना बताता है कि ये धोखेबाज अब पहले से कहीं ज्यादा संगठित हैं। सवाल यह है कि एजुकेशनल कंसल्टेंसी के नाम पर चल रहे ऐसे फर्जी दफ्तरों की निगरानी की व्यवस्था कहां है, और कितने पीड़ित अभी भी शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचा रहे हैं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने किसके खिलाफ और किस मामले में चार्जशीट दाखिल की?
क्राइम ब्रांच की EOW ने श्रीनगर के करण नगर स्थित एचआर चॉइस इंटरनेशनल एजुकेशन कंसल्टेंसी के संचालक फैयाज अहमद जरगर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि उसने बहरीन में नौकरी दिलाने का झूठा वादा कर पीड़ितों से लाखों रुपये ठगे और जाली दस्तावेज दिए।
आरोपी ने पीड़ितों को किस तरह धोखा दिया?
आरोपी ने पीड़ितों को ऑनलाइन इंटरव्यू, मेडिकल जांच और रोजगार अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाकर भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें जाली जॉब ऑफर लेटर, नकली वीजा और फर्जी हवाई टिकट सौंपे गए, लेकिन न कोई नौकरी मिली और न ही पैसे लौटाए गए।
यह मामला किस अदालत में है और आगे क्या होगा?
चार्जशीट श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की गई है। अब मामला न्यायिक निर्णय के लिए अदालत के समक्ष है और अगली कार्रवाई अदालत के विवेक पर निर्भर करेगी।
ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होने पर कहां शिकायत करें?
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से ऐसे किसी भी मामले की सूचना SSP, EOW कश्मीर, क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर को देने की अपील की है। पीड़ित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ईमेल के जरिए भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस तरह की विदेशी नौकरी धोखाधड़ी से कैसे बचें?
किसी भी एजेंसी को विदेश में नौकरी के लिए अग्रिम राशि देने से पहले उसकी सरकारी मान्यता की जांच करें। जाली दस्तावेजों की पहचान के लिए संबंधित दूतावास या आधिकारिक सरकारी पोर्टल से सत्यापन करना जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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