जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की चार्जशीट: नकली नौकरी और जाली वीजा से लाखों की ठगी, श्रीनगर का आरोपी कोर्ट में
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 4 जुलाई 2025 को श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक बड़े नौकरी-धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की। आरोपी फैयाज अहमद जरगर पर बहरीन में नौकरी दिलाने का झूठा वादा कर पीड़ितों से लाखों रुपये ठगने और जाली दस्तावेज थमाने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत एक लिखित शिकायत से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि श्रीनगर के करण नगर स्थित एचआर चॉइस इंटरनेशनल एजुकेशन कंसल्टेंसी के संचालक फैयाज अहमद जरगर ने पीड़ितों को बहरीन में रोजगार दिलाने का लालच दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने न केवल शिकायतकर्ता, बल्कि अनेक अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया।
क्राइम ब्रांच के बयान के अनुसार, आरोपी ने पीड़ितों को जाली जॉब ऑफर लेटर, नकली वीजा, फर्जी हवाई टिकट और अन्य कूटरचित दस्तावेज सौंपे। इन दस्तावेजों के आधार पर पीड़ितों से लाखों रुपये वसूले गए।
ठगी का तरीका
इस धोखाधड़ी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। पीड़ितों से ऑनलाइन इंटरव्यू और मेडिकल जांच करवाई गई तथा उनसे रोजगार अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। इस पूरी प्रक्रिया ने पीड़ितों को यह विश्वास दिला दिया कि उनकी नौकरी पक्की हो गई है। हालांकि, न कोई नौकरी मिली और न ही ली गई राशि वापस की गई।
जांच और कानूनी कार्रवाई
EOW की जांच में सभी आरोप सही पाए गए। धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की गई। अब मामला न्यायिक निर्णय के लिए अदालत के समक्ष है।
आम जनता के लिए सावधानी
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों को आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों से सतर्क रहने की अपील की है। ऐसे किसी भी मामले की सूचना एसएसपी, EOW कश्मीर, क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर को दी जा सकती है। पीड़ित अपनी शिकायत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ईमेल के जरिए भी दर्ज करा सकते हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।