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विकसित भारत 2047: सीमा शुल्क व बैंकिंग सुधारों की राह पर भारत — वित्त मंत्री सीतारमण

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विकसित भारत 2047: सीमा शुल्क व बैंकिंग सुधारों की राह पर भारत — वित्त मंत्री सीतारमण

सारांश

जी20 की साइडलाइन में वित्त मंत्री सीतारमण ने दो बड़े कदमों का खुलासा किया — बंदरगाहों पर जोखिम-आधारित स्कैनर से आयात की रफ्तार बढ़ाना और 'विकसित भारत 2047' के लिए बैंकिंग ढाँचे की समीक्षा हेतु हाई-लेवल कमेटी। 7.8% की तिमाही वृद्धि के बीच आए ये संकेत सुधारों की अगली पीढ़ी की झलक देते हैं।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 सितंबर 2026 को एशविले में जी20 बैठक की साइडलाइन पर नए सीमा शुल्क और बैंकिंग सुधारों की घोषणा की।
बंदरगाहों पर स्कैनर लगाए जाएंगे; केवल उच्च-जोखिम वाले आयात की जाँच होगी, बाकी को स्वचालित मंजूरी मिलेगी।
'विकसित भारत 2047' लक्ष्य के लिए बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका तय करने हेतु हाई-लेवल कमेटी गठित।
अब तक 1,000 से अधिक कानून हटाए गए और लगभग 40,000 नियम सरल बनाए गए।
भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की वृद्धि दर्ज की।
स्कैनर प्रणाली और बैंकिंग कमेटी की रिपोर्ट के लिए कोई समय-सीमा अभी घोषित नहीं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 सितंबर 2026 को एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान घोषणा की कि भारत जल्द ही नए सीमा शुल्क और बैंकिंग सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, जिनमें जोखिम-आधारित आयात स्क्रीनिंग और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सुधार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कराधान में पहले से किए गए बदलावों की अगली कड़ी होंगे।

सीमा शुल्क सुधार: जोखिम-आधारित स्क्रीनिंग

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "हमने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के मामले में कई कदम उठाए हैं। सीमा शुल्क के मामले में भी कुछ काम किया है, लेकिन अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है।" उन्होंने बताया कि सरकार भारतीय बंदरगाहों पर आयातित माल की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए काम कर रही है।

एक प्रमुख प्रस्ताव के तहत बंदरगाहों पर स्कैनर लगाए जाएंगे, जिससे केवल अधिक जोखिम वाले कंसाइनमेंट की गहन जाँच होगी और शेष को स्वचालित मंजूरी मिलेगी। सीतारमण के शब्दों में, "हम स्कैनर लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सिर्फ ज्यादा जोखिम वाले आयात ही उनसे गुजरें, और बाकी लोगों को ऑटोमैटिक मंजूरी मिल जाए।" इससे व्यापारियों को होने वाली देरी और बंदरगाहों पर भीड़ दोनों में कमी आने की उम्मीद है।

हालाँकि, वित्त मंत्री ने स्कैनर प्रणाली लागू करने या स्वचालित मंजूरी व्यवस्था शुरू करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई।

बैंकिंग क्षेत्र के लिए उच्च-स्तरीय समिति

सरकार ने 'विकसित भारत' के लक्ष्यों को हासिल करने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका का आकलन करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। सीतारमण ने कहा, "हमने 'विकसित भारत' के लिए बैंकिंग व्यवस्था पर विचार करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। वह कमेटी अपनी रिपोर्ट भी देगी।" हालाँकि, उन्होंने समिति की सिफारिशें सौंपे जाने की कोई निश्चित तिथि नहीं बताई।

नियामक बोझ में कमी और व्यापार सुगमता

वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर व्यापार के माहौल को बेहतर बनाने और नागरिकों एवं कंपनियों पर अनुपालन का बोझ घटाने के लिए ठोस काम किया है। उन्होंने कहा, "हमने नागरिकों पर नियमों का पालन करने का बोझ काफी कम किया है, चाहे वह कानूनों में सुधार करके हो, नियमों को आसान बनाकर हो, या पुराने कानूनों को हटाकर हो।"

आँकड़ों के अनुसार, अब तक 1,000 से अधिक कानून समाप्त किए जा चुके हैं और लगभग 40,000 नियमों को सरल बनाया गया है। यह सुधार-अभियान 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' सूचकांक में भारत की स्थिति सुधारने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

आर्थिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि ये प्रस्तावित सुधार ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में तेज़ उछाल देखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने संकेत दिया कि सुधारों की गति परिस्थितियों के अनुसार तय होगी: "हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, वैसे-वैसे कदम उठाएंगे।" हाई-लेवल बैंकिंग कमेटी की रिपोर्ट और सीमा शुल्क स्कैनर प्रणाली के क्रियान्वयन की समय-सीमा आने वाले महीनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समय-सीमा का अभाव एक परिचित पैटर्न दोहराता है — बड़े इरादे, अस्पष्ट क्रियान्वयन। जोखिम-आधारित सीमा शुल्क स्क्रीनिंग की अवधारणा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है, लेकिन भारतीय बंदरगाहों पर तकनीकी अवसंरचना और प्रशिक्षित जनशक्ति की कमी असली अड़चन है जिसका ज़िक्र नहीं हुआ। बैंकिंग हाई-लेवल कमेटी का गठन स्वागत-योग्य है, पर 'विकसित भारत' की परिभाषा के बिना उसकी सिफारिशें किस दिशा में जाएंगी, यह अनिश्चित है। 7.8% की वृद्धि दर प्रभावशाली है, लेकिन यह सुधारों की माँग कम नहीं करती — बल्कि उनकी ज़रूरत और तेज़ करती है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त मंत्री सीतारमण ने सीमा शुल्क सुधार में क्या नया प्रस्ताव रखा है?
सीतारमण ने बंदरगाहों पर स्कैनर लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे केवल उच्च-जोखिम वाले आयात की गहन जाँच होगी और शेष कंसाइनमेंट को स्वचालित मंजूरी मिलेगी। इससे व्यापारियों की देरी घटेगी और बंदरगाहों पर भीड़ कम होगी, हालाँकि इसके लिए कोई समय-सीमा घोषित नहीं की गई।
'विकसित भारत 2047' के लिए बनाई गई हाई-लेवल बैंकिंग कमेटी क्या करेगी?
यह कमेटी 'विकसित भारत' के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। हालाँकि, वित्त मंत्री ने रिपोर्ट सौंपने की तिथि अभी स्पष्ट नहीं की है।
भारत सरकार ने अब तक कितने कानून और नियम सरल बनाए हैं?
आँकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक 1,000 से अधिक कानून समाप्त किए हैं और लगभग 40,000 नियमों को सरल बनाया है। यह काम केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर किया है ताकि नागरिकों और व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम हो।
भारत की वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में विकास दर कितनी रही?
भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में उल्लेखनीय तेज़ी देखी गई। इसी मज़बूत आर्थिक पृष्ठभूमि में ये नए सुधार प्रस्तावित किए गए हैं।
जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक में सीतारमण ने व्यापक सुधारों पर क्या कहा?
सीतारमण ने कहा कि सुधारों का अगला चरण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कराधान में पहले किए गए बदलावों पर आधारित होगा और ज़रूरत के अनुसार कदम उठाए जाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा शुल्क के क्षेत्र में अभी और सुधार की गुंजाइश है।
राष्ट्र प्रेस
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