विकसित भारत 2047: सीमा शुल्क व बैंकिंग सुधारों की राह पर भारत — वित्त मंत्री सीतारमण
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 सितंबर 2026 को एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान घोषणा की कि भारत जल्द ही नए सीमा शुल्क और बैंकिंग सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, जिनमें जोखिम-आधारित आयात स्क्रीनिंग और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सुधार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कराधान में पहले से किए गए बदलावों की अगली कड़ी होंगे।
सीमा शुल्क सुधार: जोखिम-आधारित स्क्रीनिंग
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "हमने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के मामले में कई कदम उठाए हैं। सीमा शुल्क के मामले में भी कुछ काम किया है, लेकिन अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है।" उन्होंने बताया कि सरकार भारतीय बंदरगाहों पर आयातित माल की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए काम कर रही है।
एक प्रमुख प्रस्ताव के तहत बंदरगाहों पर स्कैनर लगाए जाएंगे, जिससे केवल अधिक जोखिम वाले कंसाइनमेंट की गहन जाँच होगी और शेष को स्वचालित मंजूरी मिलेगी। सीतारमण के शब्दों में, "हम स्कैनर लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सिर्फ ज्यादा जोखिम वाले आयात ही उनसे गुजरें, और बाकी लोगों को ऑटोमैटिक मंजूरी मिल जाए।" इससे व्यापारियों को होने वाली देरी और बंदरगाहों पर भीड़ दोनों में कमी आने की उम्मीद है।
हालाँकि, वित्त मंत्री ने स्कैनर प्रणाली लागू करने या स्वचालित मंजूरी व्यवस्था शुरू करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई।
बैंकिंग क्षेत्र के लिए उच्च-स्तरीय समिति
सरकार ने 'विकसित भारत' के लक्ष्यों को हासिल करने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका का आकलन करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। सीतारमण ने कहा, "हमने 'विकसित भारत' के लिए बैंकिंग व्यवस्था पर विचार करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। वह कमेटी अपनी रिपोर्ट भी देगी।" हालाँकि, उन्होंने समिति की सिफारिशें सौंपे जाने की कोई निश्चित तिथि नहीं बताई।
नियामक बोझ में कमी और व्यापार सुगमता
वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर व्यापार के माहौल को बेहतर बनाने और नागरिकों एवं कंपनियों पर अनुपालन का बोझ घटाने के लिए ठोस काम किया है। उन्होंने कहा, "हमने नागरिकों पर नियमों का पालन करने का बोझ काफी कम किया है, चाहे वह कानूनों में सुधार करके हो, नियमों को आसान बनाकर हो, या पुराने कानूनों को हटाकर हो।"
आँकड़ों के अनुसार, अब तक 1,000 से अधिक कानून समाप्त किए जा चुके हैं और लगभग 40,000 नियमों को सरल बनाया गया है। यह सुधार-अभियान 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' सूचकांक में भारत की स्थिति सुधारने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
आर्थिक पृष्ठभूमि और आगे की राह
गौरतलब है कि ये प्रस्तावित सुधार ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में तेज़ उछाल देखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने संकेत दिया कि सुधारों की गति परिस्थितियों के अनुसार तय होगी: "हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, वैसे-वैसे कदम उठाएंगे।" हाई-लेवल बैंकिंग कमेटी की रिपोर्ट और सीमा शुल्क स्कैनर प्रणाली के क्रियान्वयन की समय-सीमा आने वाले महीनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।