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अल्मोड़ा में घर ढहने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी

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अल्मोड़ा में घर ढहने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी

सारांश

उत्तराखंड में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। अल्मोड़ा के वदुय्या गांव में तड़के मकान ढहने से एक परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। देहरादून-टिहरी में ऑरेंज अलर्ट, स्कूल बंद और यमुनात्री राजमार्ग अवरुद्ध — राज्य में हालात गंभीर बने हुए हैं।

मुख्य बातें

अल्मोड़ा के वदुय्या गांव में 1 सितंबर की तड़के भारी बारिश से मकान ढहने पर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत।
SDRF , पुलिस, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन टीमों ने ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान चलाया।
देहरादून और टिहरी के लिए ऑरेंज अलर्ट ; पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार के लिए येलो अलर्ट जारी।
मसूरी-देहरादून मार्ग और यमुनात्री राजमार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध; यमुनात्री मार्ग बाद में बहाल।
देहरादून और पिथौरागढ़ में 1 सितंबर को कक्षा 1-12 के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के वदुय्या गांव में 1 सितंबर की तड़के लगातार बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर सो रहे थे और इमारत अचानक भरभरा कर गिर पड़ी।

घटनाक्रम और बचाव अभियान

तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस व स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं।

स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से चलाए गए बचाव अभियान में भारी मलबे के बीच तीनों पीड़ितों को ढह चुकी इमारत से बाहर निकाला गया। हालांकि, बचाव दल के पहुंचने तक तीनों की मौत हो चुकी थी।

मौसम विभाग की चेतावनियाँ

मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ तूफान का पूर्वानुमान जारी किया है। देहरादून और टिहरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार के लिए येलो अलर्ट जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले दो दिनों से अल्मोड़ा में हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को पहले से ही बुरी तरह प्रभावित कर रखा है।

यातायात और बुनियादी ढांचे पर असर

सोमवार को मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाला मोड़ के पास भूस्खलन से मलबा, पत्थर और पेड़ सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। उत्तरकाशी में राणाचट्टी के पास यमुनात्री राजमार्ग भी पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया था, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने मलबा हटाकर बाद में बहाल किया।

देहरादून के दलानवाला स्थित मोहिनी रोड पुल के पास रिस्पना नदी का जलस्तर रात करीब 1 बजे अचानक बढ़ गया, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में चिंता फैल गई। पुलिस टीमें बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में नियमित गश्त कर नदियों और नालों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

एहतियाती कदम

मौजूदा मौसम की गंभीरता को देखते हुए देहरादून और पिथौरागढ़ में 1 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए। गौरतलब है कि उत्तराखंड में हर मानसून सत्र में भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाएं पहाड़ी जिलों में जानलेवा साबित होती हैं, और यह त्रासदी उसी खतरनाक पैटर्न की एक और कड़ी है।

आगे की स्थिति

अधिकारी मौसम के बिगड़ते मिजाज पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कोई अप्रत्याशित घटना नहीं — उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में हर मानसून में पुराने और कच्चे मकान इसी तरह काल बनते हैं। सवाल यह है कि खतरनाक भवनों की पहचान और पुनर्वास की योजनाएं कागजों से जमीन पर कब उतरेंगी। ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करना प्रशासनिक सतर्कता का संकेत है, लेकिन सुदूर पहाड़ी गांवों तक इन चेतावनियों की प्रभावी पहुंच अभी भी एक बड़ा सवाल है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अल्मोड़ा में घर गिरने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 1 सितंबर की तड़के अल्मोड़ा जिले के वदुय्या गांव में हुई, जब लगातार बारिश के कारण एक मकान अचानक ढह गया और परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
उत्तराखंड में किन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है?
मौसम विभाग ने देहरादून और टिहरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार के लिए येलो अलर्ट है।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
SDRF, पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा और आपदा प्रबंधन अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से बचाव अभियान चलाया और तीनों पीड़ितों को मलबे से निकाला।
उत्तराखंड में बारिश से यातायात पर क्या असर पड़ा?
मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाला मोड़ के पास भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ। उत्तरकाशी में यमुनात्री राजमार्ग भी मलबे से अवरुद्ध हो गया था, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मलबा हटाकर बाद में बहाल किया।
बारिश के कारण स्कूल किन जिलों में बंद किए गए?
देहरादून और पिथौरागढ़ में 1 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र एहतियात के तौर पर बंद रखे गए।
राष्ट्र प्रेस
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